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एअर इंडिया की बिक्री में कर्मचारियों को भी मिलेगा हिस्‍सा, हर स्‍थायी कर्मी को मिलेंगे 1 लाख से ज्‍यादा शेयर

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 4:49 PM IST
एअर इंडिया की बिक्री में कर्मचारियों को भी मिलेगा हिस्‍सा, हर स्‍थायी कर्मी को मिलेंगे 1 लाख से ज्‍यादा शेयर
एअर इंडिया विनिवेश पर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से उठाए गए सवाल पर नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यहां लोकतंत्र है. ये उनका अधिकार कि वे अपना विचार रखें.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कहा कि एअर इंडिया एक्‍सप्रेस (Air India Express) के साथ एअर इंडिया (Air India) शानदार एसेट है. उन्‍होंने यह भी बताया कि सफल बोली लगाने वाला एअर इंडिया ब्रांड नेम का इस्‍तेमाल कर सकेगा. साथ ही उसे मैनेजमेंट कंट्रोल भी हासिल हो जाएगा.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 4:49 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने कर्ज में डूबी एअर इंडिया (Air India) और एअर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) की 100 फीसदी हिस्‍सेदारी की बिक्री के लिए निविदा दस्‍तावेज (Bid Document) जारी कर दिए हैं. दस्‍तावेज में एयरलाइन के 9 हजार से ज्‍यादा स्‍थायी कर्मचारियों के लिए एक अच्‍छी खबर भी है. बिक्री प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि विनिवेश के दौरान केंद्र सरकार एंप्‍लाई स्‍टॉक ओनरशिप प्‍लान (ESOPs) के तहत एअर इंडिया के 98 करोड़ शेयर स्‍थायी कर्मचारियों में बांटने के लिए अलग रखेगी यानी हर कर्मी को एक लाख से ज्‍यादा शेयर मिलेंगे. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कहा कि एअर इंडिया एक्‍सप्रेस के साथ एअर इंडिया शानदार एसेट है. उन्‍होंने यह भी बताया कि सफल बोली लगाने वाला एअर इंडिया ब्रांड नेम का इस्‍तेमाल कर सकेगा.

कर्मचारियों को फायदे का आकलन बिक्री के बाद ही हो पाएगा
निविदा दस्‍तावेजों के मुताबिक, एयरलाइन के स्‍थायी कर्मचारियों को 3 फीसदी शेयर दिए जाएंगे. इस समय एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्‍सप्रेस के कुल 17,984 कर्मचारियों में 9,617 स्‍थायी हैं. अगले 5 साल में 36 फीसदी स्‍थायी कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे. एस्‍कॉर्ट्स सिक्‍योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल का कहना है कि स्‍थायी कर्मियों को बिक्री में हिस्‍सेदारी देना अच्‍छा कदम है, लेकिन इससे उन्‍हें होने वाले फायदे का आकलन बिक्री के बाद ही तय हो पाएगा. पुरी ने कहा कि एअर इंडिया में हिस्‍सेदारी बिक्री के लिए 2018 में किए गए प्रयासों से सीख लेते हुए नई पेशकश की गई है. सरकार ने 2018 में एअर इंडिया में 76 फीसदी हिस्‍सेदारी की पेशकश की थी. साथ ही मैनेजमेंट कंट्रोल भी सफल बोलीदाता को देने की बात कही थी. हालांकि, उस समय एअर इंडिया के लिए एक भी बोलीदाता सामने नहीं आया था.

सफल बोलीदाता को मैनेजमेंट कंट्रोल भी ट्रांसफर कर दिया जाएगा

पुरी ने बताया कि रणनीतिक विनिवेश के तहत एअर इंडिया अपनी कम लागत वाली एयरलाइन एअर इंडिया एक्‍सप्रेस में 100 प्रतिशत हिस्‍सेदारी और एयरपोर्ट सर्विस कंपनी एआईएसएटीएस (AISATS) में 50 प्रतिशत हिस्‍सेदारी की बिक्री करेगी. केंद्र सरकार ने बोलीदाताओं के लिए एक्‍सप्रेशन ऑफ इंटरेस्‍ट (EoI) जमा करने के लिए 17 मार्च, 2020 तक का समय तय किया है. पुरी ने बताया कि एअर इंडिया को बेचने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने हाल में ड्राफ्ट को मंजूरी दी है. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाले जीओएम (GoM) की बैठक में यह फैसला हुआ था. उन्‍होंने यह भी बताया कि सफल बोलीदाता को एयरलाइन का मैनेजमेंट कंट्रोल भी मिल जाएगा.

एअर इंडिया लंबे समय से घाटे में चल रही है. एयरलाइन को 2018-19 में 8,556.35 करोड़ रुपए का घाटा हुआ.


हरदीप पुरी का दावा, इस बार कई निवेशक सीधे दिखाएंगे दिलचस्‍पीएअर इंडिया विनिवेश पर सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) की ओर से उठाए गए सवाल पर हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यहां लोकतंत्र है. ये उनका अधिकार कि वे अपना विचार रखें. नागरिक उड्डयन मंत्री पुरी ने कहा कि एअर इंडिया पर 23,000 करोड़ रुपये से कुछ ज्‍यादा का कर्ज है. उन्‍होंने कहा कि 2018 के मुकाबले इस बार विनिवेश प्रक्रिया में क्वालिटेटिव अंतर है. इस बार कई निवेशक सीधे इसके लिए अपनी दिलचस्‍पी दिखाएंगे. वहीं, नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप खरोला ने बताया कि मंत्रालय ने बाजार के मूड को समझने के लिए हाल में एक रोडशो भी कराया था. रोडशो बहुत अच्‍छा रहा.

हरदीप पुरी ने बताया, बिक्री में किसको क्‍या मिलेगा
पुरी ने बताया कि एअर इंडिया के लिए चुने गए खरीदार को 32,447 करोड़ रुपये की कर्ज और देनदारियां स्थानांतरित की जाएंगी. इसके अलावा 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज, देनदारियां और कॉरपोरेट गांरटी एअर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) को स्थानांतरित की जाएंगी. अगर विनिवेश प्रक्रिया पूरी होने तक एयरलाइन पर कर्ज या देनदारी बढ़ती है तो अतिरिक्त बोझ एआईएएचएल को उठाना होगा. दिल्ली और मुंबई में एअर इंडिया की जमीन तथा इमारतें एआईएएचएल को स्थानांतरित की जाएंगी. इन्‍हें बेचकर वह एयरलाइन के कर्ज और देनदारियों का भुगतान करेगी. अगर परिसंपत्ति बेचने के बाद भी पूरी भरपाई नहीं हो सकेगी तो अंतर के बराबर राशि सरकार की ओर से दी जाएगी.

स्‍वामी ने एअर इंडिया को बेचने की योजना पर सरकार को चेताया
स्वामी ने एअर इंडिया को बेचने की योजना पर सरकार को चेताया है. उनका कहना है कि इस समय एअर इंडिया के विनिवेश को लेकर संसदीय समिति विचार कर रही है. वह खुद समिति के सदस्य हैं. स्वामी ने चेताया कि अगर सरकार आगे बढ़ती है तो वह अदालत की शरण में जाएंगे. बता दें कि एअर इंडिया लंबे समय से घाटे में चल रही है. 2018-19 में 8,556.35 करोड़ रुपए का घाटा हुआ. मार्च तक बिक्री प्रक्रिया पूरी करने की योजना है. एअर इंडिया के लिए संभावित बिडर्स में टाटा समूह, हिंदुजा, इंडिगो, स्पाइसजेट और कई प्राइवेट इक्विटी कंपनियां शामिल हैं. एअर इंडिया की नीलामी में शामिल होने के लिए कई विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों से भी साझेदारी कर सकती हैं.

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First published: January 27, 2020, 4:27 PM IST
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