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देश में कोरोना वायरस महामारी के बाद भी बढ़ा रोजगार, 9 प्रमुख सेक्‍टर में 3.8 करोड़ को मिला है काम

देश में कोरोना वायरस महामारी के बाद भी बढ़ा रोजगार, 9 प्रमुख सेक्‍टर में 3.8 करोड़ को मिला है काम

केंद्र सरकार के तिमाही रोजगार सर्वे के मुताबिक, देश के 9 सेक्‍टर में रोजगार बढ़ा है.

केंद्र सरकार के तिमाही रोजगार सर्वे के मुताबिक, देश के 9 सेक्‍टर में रोजगार बढ़ा है.

केंद्र सरकार के वित्‍त वर्ष 2021-22 में अप्रैल-जून तिमाही के रोजगार सर्वेक्षण (Quarterly Employment Survey) की रिपोर्ट जारी कर दी है.

  • News18Hindi
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नई दिल्‍ली. केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने वित्‍त वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जून तिमाही के रोजगार सर्वेक्षण (Quarterly Employment Survey) की रिपोर्ट जारी कर दी है. ये सर्वे अब हर तिमाही में 9 गैर-कृषि क्षेत्र के संगठित और असंगठित क्षेत्रों पर आधारित होगा. इन 9 क्षेत्रो में मैन्‍युफैक्चरिंग (Manufacturing), कंसट्रक्शन (Construction), ट्रेड (Trade), ट्रांसपोर्ट (Transport), शिक्षा (Education), स्वास्थ्य (Health), रेस्टोरेंट, आईटी/बीपीओ (IT/BPO) और वित्तीय सेवाएं (Financial Services) शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही में इन 9 सेक्‍टर्स में कुल रोजगार (Employment) 3.8 करोड़ था, जबकि छठे इकोनॉमिक सेंसस 2013-14 (Economic Census) के बाद ये संख्या 2.37 करोड़ थी. ये रोजगार में 29 फीसदी बढ़ोतरी को दिखाता है.

किस सेक्‍टर में दर्ज हुई कितनी बढ़ोतरी?
श्रम मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्‍युफैक्चरिंग सेक्टर में 41 फीसदी, शिक्षा में 22 फीसदी, स्वास्थ्य में 8 फीसदी और आईटी/बीपीओ क्षेत्र में 7 फीसदी कामगारों को रोजगार मिला. रोजगार में सबसे ज्यादा बढोतरी आईटी/बीपीओ क्षेत्र में पाई गई, जिसमें 152 फीसदी ग्रोथ दर्ज हुई. इसके बाद हेल्‍थ सेक्‍टर में 77 फीसदी, शिक्षा में 39 फीसदी, ट्रांसपोर्ट में 68 फीसदी, कंस्ट्रक्शन में 42 फीसदी बढोतरी हुई. वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में 48 फीसदी रोजगार में बढोतरी हुई.

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जानें अलग-अलग सेक्‍टर्स का हाल
– ट्रेड यानि व्यापार के क्षेत्र में रोजगार 25 फीसदी कम हुआ. रिहायश और रेस्टोरेंट बिजनेस में 13 फीसदी कमी आई.
– लगभग 90 फीसदी उद्योगों में 100 से कम वर्कर रहे, जबकि छठे इकोनॉमिक सेंसस में ये संख्या 95 फीसदी थी.
– महिला कामगारों की संख्या 29 फीसदी रही, जो 2013-14 के इकोनॉमिक सेंसस के 31 फीसदी से थोड़ी कम रही.
– महामारी के चलते कामगारों की संख्या में कमी या फिर उनकी छंटनी लगभग 27 फीसदी उद्योगों में रही.
– 81 फीसदी मजदूरों को मार्च से जून 2020 के लॉकडाउन की अवधि में उनका पूरा वेतन मिला.
– 16 फीसदी मजदूरों को कम वेतन मिला और लगभग 3 फीसदी को बिना वेतन के गुजारा करना पड़ा.
– स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाओं में 90 फीसदी को पूरा वेतन मिली.
– कंस्ट्रक्शन सेक्‍टर में 27 फीसदी को कम सैलरी और 7 फीसदी को बिना सैलरी के काम चलाना पड़ा.

Tags: Employment, Employment News, Employment opportunities, Labour minister

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