यस बैंक मामले में सुभाष चंद्रा को ED का समन, इन उद्योगपतियों को भी किया तलब

इंंडस्ट्रियलिस्ट सुभाष चंद्रा (File Photo)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति सुभाष चंद्रा, जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और इंडिया बुल्स के चेयरमैन समीर गहलोत समेत कुछ अन्य शीर्ष उद्योगपतियों को इस सप्ताह तलब किया है.

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    नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति सुभाष चंद्रा, जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और इंडिया बुल्स के चेयरमैन समीर गहलोत समेत कुछ अन्य शीर्ष उद्योगपतियों को इस सप्ताह तलब किया है. ED ने यस बैंक के प्रवर्तक राणा कपूर तथा अन्य के खिलाफ दायर मनी लांड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में इन उद्योगपतियों को तलब किया है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.

    ये उद्योगपति उन शीर्ष पांच कंपनियों का नेतृत्व करते हैं जिन्होंने संकट में फंसे यस बैंक से कर्ज लिया. ये कर्ज या तो लौटाये नहीं गये या फिर फंसे हुए हैं. बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने अवंथा ग्रुप (Avantha Group) के प्रोमोटर गौतम थापर को भी समन जारी किया था.



    गौरतलब है कि यस बैंक द्वारा नियमों को ताक पर रखकर विभिन्न संस्थाओं को दिए गए लोन की ईडी जांच कर रही है. मनी ​लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी ने सबसे पहले यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर (Rana Kapoort) को गिरफ्तार किया था. 62 वर्षीय राणा कपूर पर ईडी का आरोप है कि उन्होंने व्यक्तिगत हित के लिए 4,300 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया है. उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए विभिन्न संस्थाओं को लोन देने में मदद की है.

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    यस बैंक भारत का चौथा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है. इस बैंक पर फिलहाल 43,000 करोड़ रुपये के फंसे कर्ज (NPA) का बोझ है.

    यस बैंक संकट की स्थिति को देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इसपर कई तरह का प्रतिबंध लगा दिया था. इन प्रतिबंधों में से एक यह भी था कि यस बैंक में पैसा रखने वाला कोई भी डिपॉजिटर 50,000 रुपये से अधिक की निकासी नहीं कर सकता है.

    RBI ने विभिन्न बैंकों के साथ मिलकर यस बैंक के लिए एक ​रिवाइवल प्लान पेश किया है. इस प्लान के तहत देश की सबसे बड़ी उधारकर्ता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) यस बैंक में 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी. SBI के लिए शर्त है कि अगले तीन साल में वह अपनी इस हिस्सेदारी को 26 फीसदी से कम नहीं करेगी. SBI के अलावा प्राइवेट सेक्टर के अन्य बैंक भी यस बैंक में हिस्सेदारी खरीदेंगे. इन बैंकों में ICICI बैंक, HDFC बैंक, एक्सिस बैंक समेत अन्य बैंक भी शामिल हैं.

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