फ्रैंकलिन टेंपलटन के खिलाफ ED की कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केस दर्ज

प्रवर्तन निदेशालय

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प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला चेन्नई पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा में फ्रैंकलिन टेंपलटन के खिलाफ किए गए एफआईआर के आधार पर दर्ज किया है.

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नई दिल्‍ली. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने फ्रैंकलिन टेंपलटन (Franklin Templeton) के सीनियर अधिकारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केस दर्ज किया है. यह अप्रैल 2020 में फ्रैंकलिन टेंपलटन द्वारा बंद कर दिए गए 3 डेट स्कीमों के बाद उसके खिलाफ किसी जांच एजेंसी द्वारा दर्ज किया गया पहला मामला है.

चेन्नई पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा में कंपनी के खिलाफ FIR
मनीकंट्रोल के मुताबिक, ईडी ने यह मामला चेन्नई पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा में फ्रैंकलिन टेंपलटन के खिलाफ किए गए एफआईआर के आधार पर दर्ज किया है. चेन्नई में यह एफआईआर सेक्शन 420 के तहत 29 सितंबर 2020 को दर्ज कराई गई थी. इस एफआईआर  में फ्रैंकलिन टेंपलटन और उसके सीईओ के खिलाफ निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने और अपराधिक षडयंत्र करने का आरोप लगाया है जिससे की निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है और म्युचुअल फंड और उसके अधिकारियों को गैरकानूनी फायदा हुआ है.

हालांकि, फ्रैंकलिन टेंपलटन की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं मिला है.
फॉरेसिंक ऑडिट भी फ्रैंकलिन टेंपलटन के खिलाफ


इस मामले में हुआ फॉरेसिंक ऑडिट भी फ्रैंकलिन टेंपलटन के खिलाफ जाता दिख रहा है. Choksi & Choksi द्वारा किए गए फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में भी कहा गया है कि इस तरह के 23 मामले हैं जब कंपनी के टॉप अधिकारियों और दूसरे बड़े पदों पर आसीन लोगों ने 6 डेट स्कीमों के बंद होने के पहले मार्च और अप्रैल 2020 की अवधि में 53 करोड़ रुपये निकाले थे.

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इस मामले की जानकारी रखने वाले एक और सूत्र के मुताबिक फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के अधिकारियों ने  6 डेट म्युचुअल फंड स्कीम को बंद किए जाने के पहले ही अपना सारा निवेश बेच दिया. जांच से ही यह पता चलेगा कि क्या इस बिक्री से प्राप्त धनराशि को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आपराधिक गतिविधी से हुई कमाई माना जाएगा. ईडी इस बात की भी जांच करेगा कि जब उनका निवेश घाटे में  जा रहा था तो कंपनी के अधिकारियों ने पुट ऑप्शन का विकल्प क्यों नहीं अपनाया। मामले में इस बात की भी जांच की जाएगी कि क्या  कंपनी के अधिकारियों को  पुट ऑप्शन का विकल्प नहीं अपनाने पर कोई आर्थिक फायदा हुआ.
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