ED ने इस फर्म को भेजा सबसे बड़ा 7,220 करोड़ रुपये का नोटिस, FEMA उल्‍लंघन में की कार्रवाई

ED ने इस फर्म को भेजा सबसे बड़ा 7,220 करोड़ रुपये का नोटिस, FEMA  उल्‍लंघन में की कार्रवाई
ईडी ने कोलकाता के श्री गणेश ज्‍वेलरी हाउस को अब तक का सबसे बड़ा 7,220 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस भेजा है.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता के श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के खिलाफ अवैध विदेशी विनिमय (Illegal Foreign Exchange) में शामिल होने के आरोप लगाए हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, यह फर्म देश के 100 शीर्ष विलफुल डिफॉल्‍टर्स (Willful Defaulters) में एक है.

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नई दिल्‍ली. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अवैध विदेशी विनिमय में शामिल होने के आरोप में कोलकाता (Kolkata) के श्रीगणेश ज्‍वेलरी हाउस लिमिटेड को विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत 7,220 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया है. बताया जा रहा है कि यह केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से जारी किए गए कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) में अब तक की सबसे बड़ी रकम है. इस नोटिस को बैंक कर्ज धोखाधड़ी (Bank Loan Fraud) मामले से संबंधित बताया जा रहा है.

देश के शीर्ष विलफुल डिफॉल्‍टर्स में शामिल है फर्म
केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोलकाता में फेमा के सक्षम अधिकारी की ओर से जारी आदेश पर श्री गणेश ज्वेलरी हाउस (I) लिमिटेड के खिलाफ अवैध विदेशी विनिमय में शामिल होने के आरोप लगाए हैं. सूत्रों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, यह फर्म देश के 100 शीर्ष विलफुल डिफॉल्‍टर्स (Willful Defaulters) में एक है. इस फर्म और उसके तीन प्रवर्तक नीलेश पारेख, उमेश पारेख और कमलेश पारेख की सीबीआई (CBI) व खुफिया राजस्व निदेशालय (DRI) भी जांच कर रहे हैं. डीआरआई ने 2018 में नीलेश पारेख को गिरफ्तार भी किया था.

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25 बैंकों के समूह से धोखाधड़ी करने का है आरोप


ईडी ने 2018 में फर्म और उसके प्रवर्तकों (Promoters) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) का मामला भी दर्ज किया था. उन पर स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्‍व वाले 25 बैंकों के समूह से 2,672 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी करने का भी आरोप है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि फेमा का कारण बताओ नोटिस एक साल से भी ज्यादा समय तक चली जांच के बाद विदेशी मुद्रा कानून की विभिन्न धाराओं के तहत जारी किया गया है. ईडी के मुताबिक, कंपनी और उसके प्रवर्तकों पर फेमा के तहत अवैध विदेशी मुद्रा लेनदेन का सहारा लेने का आरोप लगाया गया है.

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निर्यात आय के रूप में रकम निकालने का आरोप भी
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ भारत के बाहर विदेशी मुद्रा रखने और निर्यात आय के रूप में 7,220 करोड़ रुपये की रकम को निकालने के आरोप भी लगाए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, यह प्रवर्तन निदेशालय की ओर से फेमा के तहत अब तक जारी किए गए किसी भी कारण बताओ नोटिस से संबंधित सबसे बड़ी रकम है. ईडी ने जनवरी 2019 में 2,672 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के कई ठिकानों और कार्यालयों पर छापे भी मारे थे.
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