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6 करोड़ सब्सक्राइबर्स को EPFO ने दी बड़ी राहत, इस साल इतने फीसदी मिलेगा ब्याज

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि चालू वित्त वर्ष के लिए EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को निर्धारित ब्याज दर नहीं चुका पाएगा.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि चालू वित्त वर्ष के लिए EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को निर्धारित ब्याज दर नहीं चुका पाएगा.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि चालू वित्त वर्ष के लिए EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को निर्धारित ब्याज दर नहीं चुका पाएगा.

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    नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने साफ तौर पर कहा है कि प्रॉविडेंट फंड (Provident Fund) में दिए जाने वाले ब्याज में कटौती करने का कोई प्लान नहीं है. मनीकंट्रोल ने अपनी एक रिपो​र्ट में सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है. इसके पहले एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि EPFO 8.5 फीसदी की दर से ब्याज देने से चूक सकता है. इस रिपोर्ट में कहा गया था वर्तमान में बाजार में भारी गिरावट की वजह से वित्त वर्ष 2020 में EPFO अपने 6 करोड़ सब्सक्राइबर्स को 8.5 फीसदी की दर से ब्याज नहीं दे पाएगा.

    EPFO के पास पर्याप्त​ रिजर्व
    मनीकंट्रोल को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक EPFO के पास एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF- Exchange Traded Funds) के अलावा कि पर्याप्त रिजर्व है ताकि वो ब्याज दरों को चुका सके. बाजार में गिरावट की वजह से EPFO ने पहले ही ETF स्टॉक के लिक्विडेशन की तैयारी में है.

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    ETF होल्डिंग नहीं बेचेगा EPFO
    सूत्र ने यह भी जानकारी दी है कि EPFO अपने ETF होल्डिंग को बेचकर बाजार में गिरावट में भागीदार नहीं बनेगा. उसके पास EPF निवेश पर बाजार के अलावा भी पर्याप्त पूंजी है.

    WHO की घोषणा के बाद बाजार में भारी बिकवाली
    इसके पहले अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि ETF के जरिए 95,500 करोड़ रुपये के निवेश को EPFO 11 मार्च से पहले रिडीम करने में नाकाम रहा है. इसी दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) को वैश्विक महामारी (Global Pandemic) घोषित किया था. इस घोषणा के बाद घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी.

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    इक्विटीज में EPFO 15 फीसदी एक्सपोजर
    साल 2015 में EPFO ने पहली बार इक्विटीज में निवेश किया था. इस दौरान श्रम मंत्रालय ने EPFO की कुल पूंजी के 5 से 15 फीसदी एक्सपोजर पर कैप लगा दिया था. 2015 में पहली बार 5 फीसदी की निवेश के बाद मई 2017 में EPFO ने अपने निवेश को बढ़ाकर 15 फीसदी तक कर दिया था.

    6 मार्च को बैठक में क्या हुआ फैसला
    इसके पहले 6 मार्च को सेंट्रल बोर्ड आफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में EPFO ​अधिकारियों ने कहा था कि संगठन के पास पर्याप्त पूंजी है. सरकारी बॉन्ड और सिक्योरिटीज (Government Bonds and Securities) की वजह से ऐसा संभव हो पाया है. हम अपने सब्सक्राइबर्स को 8.5 फीसदी की दर से ब्याज का भुगतान करेंगे.

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