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3 महीने के लिए पीएफ कंट्रीब्यूशन घटाने से क्या होगा आपकी सैलरी पर असर? EPFO ने दिए जवाब

News18Hindi
Updated: May 23, 2020, 4:19 PM IST
3 महीने के लिए पीएफ कंट्रीब्यूशन घटाने से क्या होगा आपकी सैलरी पर असर? EPFO ने दिए जवाब
ईपीएफ योगदान घटाकर 10 फीसदी करने पर ईपीएफओ ने कई सवालों का जवाब दिया है.

EPF Contribution Rules: तीन महीनों के​ लिए ईपीएफ योगदान को 12 फीसदी से घटाकर 10% करने के संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके बाद EPFO ने कर्मचारियों की सैलरी को लेकर कई तरह के सवालों का जवाब दिया है.

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नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि योगदान (EPF Contributions) को 3 महीने के लिए घटाकर 10 फीसदी करने के संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले कुछ सवालों का जवाब भी दे दिया है, जिसमें कई जरूरी बातों को स्पष्ट किया गया है. इसके अनुसार में 10 फीसदी की योगदान कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों के लिए जरूरी नहीं है. इसमें यह भी बताया कि जो नियोक्ता कॉस्ट टू कंपनी (CTC- Cost To Company) मॉडल को फॉलो करते हैं, उन्होंने अगर EPF योगदान 10 फीसदी करने का फैसला किया है तो इसका लाभ उन्हें कर्मचारियों को देना होगा. आइए जानते हैं इससे जुड़े सभी जरूरी सवालों के जवाब.

  • क्या 12 फीसदी ईपीएफ योगदान को जारी रखा जा सकता है?
    कोविड-19 की मौजूदा संकट में लिक्विडिटी सपोर्ट (Liquidity Support) के तौर पर यह फैसला लिया गया था कि EPF योगदान को घटाकर 10 फीसदी कर दिया जाए ताकि कर्मचारियों की टेक होम सैलरी 2 फीसदी तक बढ़ जाए. यह मई, जून और जुलाई 2020 के लिए लागू किया गया है. EPFO द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह कर्मचारी और नियोक्ताओं के लिए अनिवार्य नहीं है. EPFO ने कहा, इन तीन महीनों के दौरान योगदान के लिए 10 फीसदी की रकम न्यूनतम है. कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों इससे अधिक योगदान कर सकते हैं.
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  • इसका CTC पर क्या असर पड़ेगा?
    इसको को लेकर EPFO ने साफ किया है कि अगर कोई नियोक्ता (Employer) अपने कर्मचारी के पीएफ अकाउंट (PF Account) में 10 फीसदी की योगदान करने का फैसला करता है तो इससे कर्मचारी के CTC पर होने वाले नुकसान की भरपाई करनी होगी. इसका मतलब है कि अगर नियोक्ता भी 10 फीसदी का योगदान करता है तो उसे अपने कर्मचारी को अन्य 2 फीसदी की रकम देनी होगी, क्योंकि यह पूरी रकम कर्मचारी के CTC का हिस्सा है.
  • कंपनी द्वार भरपाई के बाद देना होगा ज्यादा टैक्स
    कर्मचारियों को यह भी ध्यान में रखना होगा कि जब उन्हें इस 2 फीसदी का भुगतान किया जाएगा तो इस पर भी टैक्स देयता (Tax Liability Rules) बनेगी. मान लीजिए कि नियोक्ता आपके पीएफ अकाउंट में 1,200 रुपये का योगदान प्र​तिमाह करता है तो और उसने नए नियमों के तहत घटाकर 1,000 रुपये करने का फैसला ले लिया है. ऐसी स्थिति में इन तीन महीनों के लिए आपको नियोक्ता की तरफ से 600 रुपये मिलेंगे. नियमों के मुताबिक, इस 600 रुपये पर भी आपकी टैक्स देयता बनेगी.
  • इससे मेरे पेंशन फंड पर क्या असर पड़ेगा?
    कर्मचारी द्वारा कुल 12 फीसदी के योगदान में से 8.33 फीसदी को पेंशन स्कीम में डाला जाता है. इस पर 15,000 रुपये की कैपिंग होती है. ऐसे में अगर कु ईपीएफ योगदान घटकर 10 फीसदी हो गया है तो भी पेंशन योगदान या बेनिफिट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ईपीएफओ ने इसे भी स्पष्ट किया है.

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First published: May 23, 2020, 3:46 PM IST
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