नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर, EPFO ने बताया कैसे एक छोटी से गलती से खाली हो सकता है बैंक खाता

नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर, EPFO ने बताया कैसे एक छोटी से गलती से खाली हो सकता है बैंक खाता
(EPFO-Employees Provident Fund Organisation) ने पीएफ क्लेम से जुड़े एक नियम को आसान बना दिया है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने खाताधारकों को अलर्ट किया है. EPFO ने ट्वीट के जरिए चेतावनी देते हुए बताया है कि आजकल नए-नए तरीकों से फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 21, 2020, 12:24 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना काल में साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. जालसाज नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की फिराक में रहते हैं. आपकी एक चूक भारी नुकसान की वजह बन सकती है. बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अलर्ट जारी किया है. EPFO ने ट्वीट के जरिए चेतावनी दी है कि फोन या सोशल मीडिया पर निजी जानकारी शेयर करने से बचें. सिर्फ एक छोटी सी गलती से आपका अकाउंट खाली हो सकता है. आप EPFO के टोल फ्री नंबर पर सीधे भी शिकायत कर सकते हैं. EPFO का टोल फ्री नंबर 1800118005 है, जोकि सप्ताह के हर दिन 24 घंटे खुला रहता है.

EPFO ने अपने ट्वीट में कहा है, सोशल मीडिया या फिर फोन पर आधार नंबर, यूएन नंबर, पैन कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट नंबर से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ शेयर न करें. संगठन किसी से भी उनकी निजी जानकारी इस तरह नहीं मांगता.


भारतीय स्टेट बैंक ने भी किया था अलर्ट
कुछ समय पहले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी अपने ग्राहकों को अलर्ट जारी किया था. बैंक ने कहा था कि उनका कोई भी कर्मचारी फोन, एसएमएस, ईमेल आदि के जरिए लोगों से उनके बैंक खाता, इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी, पासवर्ड, CVV नंबर, ओटीपी आदि नहीं मांगता है. इसलिए इन्हें साझा करने से बचें. साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी व्यक्तिगत जानकारी को न डालें.



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इन तरीकों से भी हो रही है ठगी

एटीएम कार्ड की क्लोनिंग- साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताते हैं कि पहले सामान्य कॉल के जरिए ठगी होती थी लेकिन अब डाटा चोरी कर पैसे खाते से निकाले जा रहे हैं. ठग हाईटेक होते हुए कार्ड क्लोनिंग करने लगे हैं. एटीएम कार्ड लोगों की जेब में ही रहता है और ठग पैसे निकाल लेते हैं. एटीएम क्लोनिंग के जरिए आपके कार्ड की पूरी जानकारी चुरा ली जाती है और उसका डुप्लीकेट कार्ड बना लिया जाता है. इसलिए एटीएम इस्तेमाल करते वक्त पिन को दूसरे हाथ से छिपाकर डालें.

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यूपीआई के जरिए ठगी- यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस के जरिए किसी को भी आसानी से पैसे भेजे या मंगाए जा सकते हैं. यूपीआई के जरिए ठग किसी व्यक्ति को डेबिट लिंक भेज देता है और जैसे ही वह उस लिंक पर क्लिक कर अपना पिन डालता है तो उसके खाते से पैसे कट जाते हैं. इससे बचने के लिए अनजान डेबिट रिक्वेस्ट को तुरंत डिलीट कर देना चाहिए. अजनबियों के लिंक भेजने पर क्लिक ना करें.

कार्ड के डाटा की चोरी से- एटीएम कार्ड के डाटा की चोरी के लिए जालसाज कार्ड स्कीमर का इस्तेमाल करते हैं. इसके जरिए जालसाज कार्ड रीडर स्लॉट में डाटा चोरी करने की डिवाइस लगा देते हैं और डाटा चुरा लेते हैं. इसके अलावा फर्जी की बोर्ड के जरिए भी डाटा चुराया जाता है. किसी दुकान या पेट्रोल पंप पर अगर आप अपना क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि कर्मचारी कार्ड को आपकी नजरों से दूर ना ले जा रहा हो.
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