EPFO ने 6.3 लाख लोगों को दिया तोहफा, अब एक साथ निकाल सकते हैं सारा पैसा

भाषा
Updated: August 23, 2019, 5:45 AM IST
EPFO ने 6.3 लाख लोगों को दिया तोहफा, अब एक साथ निकाल सकते हैं सारा पैसा
EPFO ने 6.3 लाख लोगों को दिया तोहफा, अब एक साथ निकाल सकते हैं सारा पैसा

EPFO ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन (Pension) की राशि में कुछ हिस्सा एकमुश्त लेने की व्यवस्था (Commutation) फिर से बहाल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

  • Share this:
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 6.3 लाख पेंशनभोगियों (Pensioners) को बड़ी राहत दी है. संगठन ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन (Pension) की राशि में कुछ हिस्सा एक मुश्त लेने की व्यवस्था (Commutation) फिर से बहाल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस कदम से उन पेंशनभोगियों को लाभ होगा जिन्होंने कम्युटेशन व्यवस्था का विकल्प चुना था और 2009 से पहले सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त राशि प्राप्त की थी. इसके बाद EPFO ने 2009 में इस प्रावधान को वापस ले लिया था.

क्या है कम्युटेशन?
‘कम्युटेशन’ (Commutation) व्यवस्था के तहत सामान्य रूप से मासिक पेंशन में अगले 15 साल की एक तिहाई राशि की कटौती की जाती है और यह राशि पेंशनभोगी को एक मुश्त दे दी जाती है. उसके 15 साल बाद पेंशनभोगी पूरी पेंशन पाने का हकदार हो जाता है.

6.3 लाख पेंशनभोगियों को होगा फायदा

EPFO के बयान के अनुसार, एक बड़े फैसले में EPFO का निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने 21 अगस्त 2019 को हैदराबाद में हुई बैठक में कम्युटेशन (Commutation) के तहत एक मुश्त राशि लेने के 15 साल बाद पेंशनभोगी की पूरी पेंशन बहाल करने के लिए EPS-95 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इससे 6.3 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा.

ये भी पढ़ें:अगर मोदी सरकार लागू कर दे ये नियम तो आपके खाते में देरी से ट्रांसफर होंगे पैसे, जानें क्या है मामला!

भारतीय मजदूर संघ के महासचिव ब्रिजेश उपाध्याय ने कहा कि पेंशन के ‘कम्युटेशन’ को बहाल करने की मांग थी. इससे पहले EPS-95 के तहत सदस्य 10 साल के लिए एक तिहाई पेंशन के बदले एकमुश्त राशि ले सकते थे. पूरी पेंशन 15 साल बाद बहाल हो जाती थी. यह व्यवस्था सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है.
Loading...

हुए ये फैसला
IL&FLS लिमिटेड के ब्याज भुगतान में चूक के मामले में CBT ने EPFO की निवेश इकाई के तीन अधिकारियों को डिबेंचरधारकों की बैठक में भाग लेने के लिए नामित किया है. इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है और अगर जरूरत हुई तो सीबीटी की तरफ से ये अधिकारी मतदान करेंगे. इसके अलावा न्यासियों ने एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के प्रबंधनकर्ताओं को 31 अक्टूबर 2019 तक सार्वजनिक बोली के जरिये चयन के निर्णय को मंजूरी दे दी. साथ ही तब तक के लिए मौजूदा प्रबंधकर्ताओं (एसबीआई म्यूचुअल फंड और यूटीआई म्यूचुअल फंड) की अवधि बढ़ा दी.

निफ्टी-सेंसेक्स में बराबर-बराबर निवेश का प्रस्ताव
सीबीटी ने निफ्टी-50 और सेंसेक्स ईटीएफ के बीच कोष आबंटन बराबर-बराबर बांटने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी. इसके अलावा न्यासी बोर्ड ने क्रिसिल के अलावा एक अलग एजेंसी या सलाहकार नियुक्त करने को लेकर एक समिति में नियोक्ताओं और कर्मचारियों की तरफ से सदस्यों को नामित करने को मंजूरी दी. समिति पोर्टफोलियो प्रबंधकों के कामकाज की समीक्षा करेगी और ईटीएफ भुनाने समेत अन्य कार्यों में निवेश समिति की मदद करेगी.

ये भी पढ़ें: टिकट बुकिंग के साथ अब IRCTC कराएगा कमाई, SEBI को सौंपे IPO के पेपर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 23, 2019, 5:44 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...