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कोरोना संकट: घर बैठे लोगों की शिकायते दूर करने के लिए EPFO लाया WhatsApp नंबर

EPFO के ऑफिसेज में जाने से बचें और डिजिटली अपने सवाल या शिकायत करें.

EPFO के ऑफिसेज में जाने से बचें और डिजिटली अपने सवाल या शिकायत करें.

कोरोना वायरस (Coronavirus) की महामारी से बचने और लोगों को बचाने के लिए हर कोशिश की जा रही है. अब इसी कड़ी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने भी लोगों से अपील की है कि वे EPFO के ऑफिसेज में जाने से बचें और डिजिटली अपने सवाल या शिकायत करें.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की महामारी से बचने और लोगों को बचाने के लिए हर कोशिश की जा रही है. अब इसी कड़ी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने भी लोगों से अपील की है कि वे EPFO के ऑफिसेज में जाने से बचें और डिजिटली अपने सवाल या शिकायत करें. न्यूज एजेंसी UNI के मुताबिक, EPFO सेंट्रल दिल्ली के रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर आलोक यादव ने एक बयान जारी किया है. इस बयान में यादव ने लोगों से कहा है कि लोग प्रोविडेंट फंड से जुड़ी पूछताछ टेलिफोन नंबर 011-27371136 पर कर सकते हैं. इसके अलावा शिकायतों का हल पाने के लिए ro.delhicentral@epfindia.gov.in पर ईमेल कर सकते हैं. ईपीएफओ ने एक वॉट्सेएप नंबर भी उपलब्ध कराया है. यह 8595520478 है.

    सैनिटाइजर व मास्क उपलब्ध
    बयान में यह भी कहा गया है कि सभी ईपीएफओ ऑफिसेज में सैनिटाइजर्स और मास्क उपलब्ध हैं. देश में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार इस पर लगाम लगाने के लिए अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रही है. भारत में अब तक कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 173 हो चुकी है, जिनमें से 4 लोगों की मौत हो चुकी है. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 49 मरीज मिले हैं.

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    क्या है ईपीएफओ
    ईपीएफओ (Employee Provident Fund Organization) यानी ‘कर्मचारी भविष्य निधि संगठन’ भारत सरकार का एक संगठन है, जो अपने सदस्यों को रिटायरमेंट के बाद आय सुरक्षा देने के लिए कई योजनाएं चलाता है. हर उस कंपनी को ईपीएफओ में खुद को रजिस्टर्ड कराना होता है, जहां कर्मचारियों की संख्या 20 से अधिक हो.

    कब बनाया गया ये संगठन
    1951 के करीब कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश की घोषणा की गई. 15 नवंबर, 1951 को कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश को कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952 में बदला गया, जो जम्मू और कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में लागू हुआ. अधिनियम की धारा 5 के तहत कर्मचारी भविष्य निधि योजना को चरणों में लागू करने के बाद एक नवंबर, 1952 को पूरी तरह देशभर में लागू कर दिया गया.

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