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EPFO: PF के निवेश पर पैरेंट्स को भी मिलती है पेंशन, जानिए कब और कैसे निकालें सकते हैं EPS का पैसा?

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EPFO के मुताबिक, अगर नौकरी पर रहते किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, जो परिवार में अकेला कमाने वाला है और उनके माता पिता आश्रित है तो ऐसे मामलों में उन्हें EPS 95 नियम के तहत आजीवन पेंशन मिलती है.

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    नई दिल्ली. आपके वेतन से कटने वाला PF अमाउंट आपको आने वाले भविष्य में पेंशन का हकदार बनाता है. आपके वेतन से प्रोविडेंट फंड के रूप में कटने वाली रकम दो खातों में जमा होती है. इसमें पहला है प्रोविडेंट फंड यानी EPF और दूसरा है पेंशन फंड यानी EPS. इस कटौती के तहत कर्मचारी के वेतन से कुल 12 प्रतिशत की कटौती होती है. इतनी ही राशि नियोक्ता कंपनी या संस्था कर्मचारी के EPF अकाउंट में जमा कराती है.

    इस कटौती का 3.67 प्रतिशत हिस्सा आपके EPF अकाउंट में जमा होता है, जबकि कटौती का 8.33 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना में जमा होता है. EPS खाते में हर माह अधिकतम 1,250 रुपये की रकम ही जमा की जा सकती है.

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    जानिए किन स्तिथियों में मिलती है माता पिता को पेंशन?
    EPFO के मुताबिक, अगर नौकरी पर रहते किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, जो परिवार में अकेला कमाने वाला है और उनके माता पिता आश्रित है तो ऐसे मामलों में उन्हें EPS 95 नियम के तहत आजीवन पेंशन मिलती है. हालांकि, इसमें शर्त यह है कि इम्प्लाई की कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी हो चुकी हो. साथ ही अगर कर्मचारी नौकरी को दौरान किसी बिमारी के चलते शारीरिक रूप से अक्षम हो जाता है तो इम्प्लाई को भी आजीवन पेंशन मिलती रहेगी. भले ही उसने शर्तों के मुताबिक नौकरी का कार्यकाल (10 साल) पूरा न किया हो.

    कब और कैसे निकाल सकते हैं पेंशन का पैसा?
    अगर आपकी नौकरी 6 महीने से ज्यादा और 10 से कम है, तो आप Form 19 और 10c जमा करके अपने पीएफ रकम के साथ पेंशन की रकम भी निकाल सकते हैं. लेकिन, इसके लिए आपको मैनुअल तरीके से ही पीएफ ऑफिस में आवेदन करना होगा.

    निकासी के बाद क्या रिटायरमेंट पर मिलेगी पेंशन?
    अगर आप 10 से कम की स्थिति में पेंशन के हिस्सा को निकालते हैं तो आप इसके बाद पेंशन के लिए हकदार नहीं होंगे. इस कारण आप अपने रिटायरमेंट के लिए पेंशन सुविधा का लाभ नहीं ले सकते हैं.

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    क्या हैं पेंशन के लिए शर्तें? 
    पेंशन उन्हीं लोगों को मिल सकती है, जो ईपीएस (EPS) यानी एंप्लॉई पेंशन स्कीम (Employees Pension Scheme) 1995 में 16 नवंबर 1995 को या उससे पहले शामिल हुए हों. इसके अलावा कर्मचारी को ईपीएस अकाउंट में कम से कम 10 साल तक अंशदान करना जरूरी है. कर्मचारी की तरफ से ये अंशदान एक नियोक्ता या एक से अधिक नियोक्ताओं के तहत किया जा सकता है.

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