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प्रॉविडेंट फंड में कितना निवेश है टैक्स फ्री, किस पर लगता है टैक्स, चेक करें पूरी डिटेल

प्रॉविडेंट फंड पर किया जाने वाला निवेश और मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह से टैक्स फ्री नहीं रह गया है.

प्रॉविडेंट फंड पर किया जाने वाला निवेश और मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह से टैक्स फ्री नहीं रह गया है.

अगर आप भी ईपीएफओ के अंशधारक हैं तो आपके लिए उन सभी बातों को जानना जरूरी है जिन्हें आप नहीं जानते हैं. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है.

नई दिल्लीः कोरोनाकाल के बाद से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के कई नियमों में बदलाव किया गया है. अगर आप भी ईपीएफओ के अंशधारक हैं तो आपके लिए उन सभी बातों को जानना जरूरी है जिन्हें आप नहीं जानते हैं. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने इसी महीने ईम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF) की ब्याज दरों में कमी की घोषणा की थी. चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ब्याज दर को घटाकर 8.1 फीसदी कर किया गया है. यह कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका है. इससे पहले पीएफ पर ब्याज दर 8.5 फीसदी था. हालांकि, बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तुलना में अभी भी इस पर ज्यादा ब्याज दिया जा रहा है. कुछ और भी बातें हैं जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है-

ज्यादा निवेश पर लगता है टैक्स

ईम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड (EPF) पर मिलने वाला पूरा ब्याज पहले टैक्स फ्री था. लेकिन 1 अप्रैल, 2021 से इसके नियमों में केंद्र सरकार ने बदलाव कर दिया है. अब PF का ब्याज पूरी तरह से टैक्स फ्री नहीं है. इसे कई वर्गों में बांट दिया गया है. अलग-अलग वर्ग के लिए निवेशकों को अलग-अलग इनकम टैक्स देना होता है. बदले गए नियमों के मुताबिक, प्रॉविडेंट फंड में सालाना 2.50 लाख रुपये तक निवेश ही टैक्स फ्री रहेगा. इससे ज्यादा निवेश और उस पर मिलने वाले ब्याज को अब इनकम माना जाएगा और उस पर आपको इनकम टैक्स देना होगा.

अप्रैल 2021 से पहले निवेश की गई किसी भी राशि पर और उस पर मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स देना नहीं होता था. इसलिए बहुत सारे कर्मचारी अनिवार्य सीमा से ज्यादा पीएफ कटवाते थे ताकि ज्यादा ब्याज मिले. मगर अब ऐसा नहीं है. अगर आपका नियोक्ता पीएफ में कोई योगदान नहीं करता है तो 5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है.

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किसका कितना योगदान

फिलहाल प्रॉविडेंट फंड में नियोक्ता की ओर से मूल वेतन का 12 फीसदी और कर्माचारी की ओर से 12 फीसदी का निवेश किया जाता है. नियोक्ता के 12 फीसदी हिस्से में से 8.33 फीसदी हिस्सा ईम्प्लॉयीज पेंशन स्कीम (pension scheme) में जाता है. बाकी 3.67 फीसदी राशि आपके पीएफ अकाउंट में जमा होता है. पेंशन स्कीम में दी जाने वाली राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलता है क्योंकि इसके तहत निवेशक और नियोक्ता का योगदान जरूरी होता है. इसी फंड से रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन दिया जाता है.

Tags: Employees’ Provident Fund (EPF), EPF deposits, Epf passbook, EPFO account

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