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ESI डिस्‍पेंसरीज के समय में बदलाव की मांग, मजदूरों को 12 घंटे मिल सकता है इलाज

ESI डिस्‍पेंसरीज के समय में बदलाव की मांग, मजदूरों को 12 घंटे मिल सकता है इलाज

हरियाणा में ईएसआई डिस्‍पेंसरीज को खोलने के समय को 12 घंटे करने की मांग की गई है. फोटो-सांकेतिक

हरियाणा में ईएसआई डिस्‍पेंसरीज को खोलने के समय को 12 घंटे करने की मांग की गई है. फोटो-सांकेतिक

हरियाणा में कई डिस्‍पेंसरी सुबह 8 से 12 और शाम को 4 बजे से 6 बजे तक खुलती हैं. जबकि एक मजदूर सुबह 8 बजे से काम पर जाने के बाद शाम को ही फ्री होता है. इसी वजह से दोनों समय वर डिस्‍पेंसरी में नहीं पहुंच पाता. लिहाजा इनका समय बढ़ाकर 12 घंटे करने की मांग की जा रही है.

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    फरीदाबाद. एम्‍प्‍लॉइज स्‍टेट इंश्‍योरेंस कॉर्पोरेशन की ओर से खोली गई डिस्‍पेंसरीज मजदूरों को इलाज की सुविधा देती हैं. हालांकि इनमें सिर्फ उन्‍हीं मजदूरों और उनके परिवारों के लिए इलाज की व्‍यवस्‍था होती है जो ईएसआईसी में कवर होते हैं लेकिन अभी तक देश के कई राज्‍यों में मौजूद इन डिस्‍पेंसरीज के खुलने और बंद होने का समय काफी अलग-अलग है. ऐसे में श्रमिकों को दी जाने वाली इस सुविधा को लेकर हरियाणा में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कॉन्‍ग्रेस की ओर से समय में बदलाव की मांग की गई है.

    एटक की हरियाणा यूनिट के महासचिव बेचु गिरि ने बताया कि मजदूरों के लिए खोली गई ईएसआईसी की इन डिस्‍पेंसरीज में राज्‍य सरकारों की ओर से डॉक्‍टर नियुक्‍त किए जाते हैं जो मजदूरों को इलाज प्रदान करते हैं. पहले अंशदान और फिर इलाज वाली इस सुविधा के तहत छोटी-छोटी बीमारियों को लेकर संगठित मजदूर इन्‍हीं डिस्‍पेंसरीज में सबसे ज्‍यादा इलाज कराने जाते हैं लेकिन एक समस्‍या काफी दिनों से चली आ रही है. अकेले हरियाणा में कई दर्जन डिस्‍पेंसरी ऐसी हैं जो सिर्फ 6 घंटे के लिए खुलती हैं. इस वजह से आठ से 10 घंटे तक काम करने वाले मजदूर और श्रमिक इसका पर्याप्‍त लाभ उठाने में असमर्थ रहते हैं.

    गिरि कहते हैं कि हरियाणा में कई डिस्‍पेंसरी सुबह 8 से 12 और शाम को 4 बजे से 6 बजे तक खुलती हैं. जबकि एक मजदूर सुबह 8 बजे से काम पर जाने के बाद शाम को ही फ्री होता है. इसी वजह से दोनों समय वर डिस्‍पेंसरी में नहीं पहुंच पाता. इसे लेकर एटक की ओर से हाल ही में श्रम मंत्रालय, हरियाणा सरकार के अतिरिक्‍त सचिव को पत्र भेजा गया और मीटिंग में इन समस्‍याओं के साथ ही यह भी बताया कि तीन हजार प्रति श्रमिक परिवार पर खर्च की सीमा के बावजूद सिर्फ 1 हजार रुपये ही खर्च किया जा रहा है. लिहाजा डिस्‍पेंसरीज के खोलने के समय में बदलाव किया जाए.

    गिरि कहते हैं कि लेबर कमिश्‍नर सहित सरकारी अधिकारियों के साथ 21 अक्‍टूबर को हुई मीटिंग में एटक की ओेर से डिस्‍पेंसरीज को सुबह 6 घंटे और शाम की शिफ्ट में 6 घंटे खोले जाने की मांग की गई है ताकि मजदूर इनका लाभ ले सकें. साथ ही उम्‍मीद जताई जा रही है कि इन डिस्‍पेंसरीज में समय के बदलाव के साथ ही शिफ्ट के घंटे भी 6 से 12 करने पर विचार किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो मजदूरों के परिवारों को काफी फायदा पहुंचेगा. वहीं हरियाणा के बाद बाकी राज्‍यों में डिस्‍पेंसरीज की समय-सारिणी को लेकर भी बातचीत की जाएगी.

    Tags: ESIC, ESIC Hospital, Faridabad News, Labour department

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