21 हजार रुपये कमाने वालों को इस स्कीम से मिलेंगे फैमिली पेंशन के फायदे, ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन

बड़े काम की है ये स्कीम, नौकरी छोड़ने के बाद भी मिलता है फायदा

ईएसआईसी के तहत मुफ्त इलाज का लाभ लेने के लिए ESI डिस्पेंसरी या अस्पताल जाना होता है. इसके लिए ESI कार्ड बनता है. कर्मचारी इस कार्ड या फिर कंपनी से लाए गए दस्तावेज के आधार पर स्कीम का फायदा ले सकता है.

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    नई दिल्ली. कम इनकम वालों के लिए सरकार की तरफ से एक योजना चलाई जाती है, जिसका नाम राज्य कर्मचारी बीमा योजना यानी ESIC है. ESIC कर्मचारी बीमा योजना सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना है. जिस संस्था में 10 से 20 कर्मचारी या ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, वहां यह योजना लागू होती है और यह योजना केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन चलाई जाती है. इसका फायदा निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों और कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलता है. ईएसआईसी के तहत मुफ्त इलाज का लाभ लेने के लिए ESI डिस्पेंसरी या अस्पताल जाना होता है. इसके लिए ESI कार्ड बनता है. कर्मचारी इस कार्ड या फिर कंपनी से लाए गए दस्तावेज के आधार पर स्कीम का फायदा ले सकता है.

    इतनी सैलरी पर मिलता है फायदा
    ईएसआई का लाभ उन कर्मचारियों को उपलब्ध है, जिनकी मासिक आय 21,000 रुपये या इससे कम है. हालांकि दिव्यांगजनों के मामले में आय सीमा 25,000 रुपये है. ESIC में कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों का योगदान होता है. मौजूदा समय में कर्मचारी की सैलरी से 0.75 फीसदी योगदान ईएसआईसी में होता है और नियोक्ता की ओर से 3.25 फीसदी. जिन कर्मचारियों का प्रतिदिन औसत वेतन 137 रुपये है, उन्हें इसमें अपना योगदान देना नहीं होता.

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    कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?
    ESIC के लिए रजिस्ट्रेशन नियोक्ता की तरफ से होता है. इसके लिए कर्मचारी को परिवार के सदस्यों की जानकारी देनी होती है. नॉमिनी भी कर्मचारी को तय करना होगा.

    पेंशन के नियम
    बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर उसके आश्रित को पेंशन मिलती है. ESIC की तरफ से आश्रित को आजीवन पेंशन दी जाती है. पेंशन को 3 भागों में बांटा जाता है. पहला, बीमित व्यक्ति की पत्नी को पेंशन मिलेगी. दूसरा, बीमित के बच्चों को मिलती है और तीसरा, बीमित व्यक्ति के माता-पिता को मिलती है.

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    क्या हैं फायदे
    ESIC योजना के तहत कर्मचारी और उसके परिवार को मेडिकल सुविधाएं दी जाती हैं. सेहत खराब होने पर मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. ESIC की डिस्पेंसरी और अस्पताल में कर्मचारियों का मुफ्त इलाज होता है. गंभीर बीमारी होने पर प्राइवेट अस्पताल में रैफर कर दिया जाता है. प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती होने पर सारा खर्चा ESIC द्वारा उठाया जाता है. कर्मचारी को अगर कोई गंभीर बीमारी है और बीमारी के चलते वह जॉब करने में असमर्थ है तो ऐसे में ESIC उस कर्मचारी को उसके वेतन का 70 फीसदी हिस्से का भुगतान करेगी. अगर कर्मचारी किसी वजह से विकलांग हो जाता है तो उसे उसके वेतन का 90 फीसदी दिया जाएगा. स्थायी रूप से डिसेबिलिटी होने पर जीवनभर सैलरी का 90% भुगतान मिलेगा.

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