कैबिनेट की अहम बैठक थोड़ी देर में होगी शुरू, किसानों के लिए हो सकती है बड़ी घोषणा

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज CCEA (Cabinet Committee on Economic Affairs) की बैठक होने वाली है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज CCEA (Cabinet Committee on Economic Affairs) की बैठक होने वाली है.

Ethanol Price Hike Soon: केंद्र सरकार एथेनॉल की कीमतें 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा सकती है. इस फैसले से गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 11:59 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India Narendra Modi) की अध्यक्षता में आज कैबिनेट और CCEA (Cabinet Committee on Economic Affairs) की बैठक होने वाली है. इस बैठक में कई बड़े फैसले हो सकते है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार एथेनॉल की कीमतें 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा सकती है. बढ़ी हुई कीमत 1 दिसंबर, 2020 से लागू करने का प्रस्ताव है. अभी एथेनॉल (Ethanol Price Hike Soon:) की कीमत 43.75 रु प्रति लीटर से लेकर 59.48 रु प्रति लीटर है.आपको बता दें कि एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. एथेनॉल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होता है लेकिन शर्करा वाली कई अन्य फसलों से भी इसे तैयार किया जा सकता है. इससे खेती और पर्यावरण दोनों को फायदा होता है.

भारतीय परिपेक्ष्य में देखा जाए तो एथेनॉल ऊर्जा का अक्षय स्रोत है क्योंकि भारत में गन्ने की फसल की कमी कभी नहीं हो सकती. ऐसे में एथेनॉल की कीमतें बढ़ने से किसानों को फायदा होगा. क्योंकि शुगर मिल आसानी से गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान कर पाएंगी.





1 दिसंबर से 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ सकती है एथेनॉल की कीमतें-अगले सीज़न (दिसंबर 2020-नवंबर 2021) तक एथेनॉल का उत्पादन दोगुना होने का अनुमान है. उत्पादन बढ़ने से सरकार पेट्रोल में 8 फीसदी एथनॉल मिलाने का लक्ष्य पूरा कर पायेगी. सूत्रों के मुताबिक नेशनल बायोफ्यूल पॉलिसी के तहत 2022 तक 10 फीसदी और 2030 तक 20 फीसदी Ethanol Blending जरूरी करने का लक्ष्य है. आपको बता दें कि चीनी कंपनियों से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां जिस कीमत पर एथेनॉल खरीदती हैं वो सरकार तय करती है.
इथेनॉल के बारे में जानिए...

इथेनॉल को घरेलू तौर पर बनाया जा सकता है. जिसके जरिए पेट्रोलियम के आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है. एनर्जी सिक्योरिटी को बढ़ाया जा सकता है. यह नॉन-टॉक्सिक, बायोडिग्रेडेबल साथ ही सभालने में आसान, स्टोर और ट्रांसपोर्ट के लिए सुरक्षित है. यह रिन्यूएबल प्लांट सोर्स से बनाया जाता है.

थेनॉल की जरूरत-इथेनॉल फ्यूल इको-फ्रैंडली है और पर्यावरण को जीवाश्म ईंधन से होने वाले खतरों से बचाता है.बायो फ्यूल घरेलू स्तर पर गन्ने के पौधों से तैयार किया जाता है.एल्कोहल बेस्ड फ्यूल गैसोलीन के साथ मिश्रित होकर ई 85 तक तैयार हो गया.कम लागत पर अधिक ऑक्टेन नंबर देता है और MTBE जैसे खतरनाक फ्यूल के लिए विकल्प के तौर पर कार्य करता है.इंजन से हीट को निकालता है.
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