लाइव टीवी

iPhone बनाने वाली कंपनी ऐपल का शेयर 5 फीसदी तक टूटा, जानें क्या है वजह?

News18Hindi
Updated: February 3, 2020, 1:36 PM IST
iPhone बनाने वाली कंपनी ऐपल का शेयर 5 फीसदी तक टूटा, जानें क्या है वजह?
ऐपल का शेयर टूटा

Apple के शेयर में गिरावट की वजह यूरोप में एंटी-आईफोन लॉ को अंतिम रूप दिया माना जा रहा है. यूरोपियन संसद ने पिछले हफ्ते गुरुवार को एंटी-आईफोन लॉ को अंतिम रूप दिया था. यूरोपीय यूनियन का प्रस्ताव किसी अन्य कंपनी की तुलना में Apple को अधिक प्रभावित करेगा, इसलिए शेयर में गिरावट रही.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2020, 1:36 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. आईफोन (iPhone) बनाने वाली कंपनी ऐपल (Apple) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. शुक्रवार को कारोबार के दौरान नैस्डैक (NASDAQ) पर ऐपल का शेयर 5 फीसदी टूटकर 308.29 डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया था. हालांकि कारोबार के अंत में ऐपल का शेयर 4.43 फीसदी गिरकर 309.51 डॉलर पर बंद हुआ. शेयर में गिरावट की वजह यूरोपियन यूनियन द्वारा एंटी-आईफोन लॉ को अंतिम रूप दिया माना जा रहा है. बता दें कि ऐपल ने पिछले साल की अक्टूबर-दिसंबर में तिमाही में रिकॉर्ड लाभ कमाया था. कंपनी की डिजिटल सेवाओं और पहनने योग्य प्रौद्योगिकी उपकरणों की बिक्री के साथ-साथ iPhone की बढ़ी बिक्री ने भी कंपनी को लाभ कमाने में मदद की. इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट अब तक का सबसे ऊंचा 22 अरब डॉलर यानी 1.56 लाख करोड़ रुपये रहा.

कॉमन मोबाइल चार्जर पर जोर
सीसीएन डॉट कॉम में छपी खबर के मुताबिक, यूरोपियन संसद ने पिछले हफ्ते गुरुवार को एंटी-आईफोन लॉ को अंतिम रूप दे दिया गया है. यूरोपियन यूनियन ने इलेक्ट्रॉनिक कचड़े से निपटने के लिए कॉमन मोबाइल चार्जर का खाका पेश किया है. गुरुवार यूरोपियन संसद के सदस्यों ने सभी मोबाइल निर्माताओं को यूनिफॉर्म चार्जर स्थापित करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है. इसका मतलब, Apple जैसी कंपनियां अब ग्राहकों को प्रत्येक मोबाइल खरीद पर चार्जर खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं. यह प्रस्ताव जुलाई से लागू होगा. ये भी पढ़ें: जानलेवा कोरोना वायरस का असर- 30 दिन में चीन के डूबे 30 लाख करोड़ रुपये, 30 साल के निचले स्तर पर अर्थव्यवस्था



2016 में यूरोप में रहने वाले लोगों ने 12.3 मिलियन टन इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट जेनरेट किया. यानी प्रत्येक व्यक्ति ने 16.6 किलोग्राम इलेक्ट्रॉनिक कचड़ा फेंका. यूरोपीय यूनियन का प्रस्ताव किसी अन्य कंपनी की तुलना में Apple को अधिक प्रभावित करेगा, क्योंकि इसके अधिकांश मोबाइल उत्पाद लाइटनिंग केबल का उपयोग मानक USB-C कनेक्टर के विपरीत करते हैं.

दिसंबर तिमाही में कमाया 1.56 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा
दिसंबरर तिमाही ने ऐपल ने रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है. कंपनी का नेट प्रॉफिट 1.56 लाख करोड़ रुपये यानी 22 अरब डॉलर रहा. जबकि कंपनी का कुल रेवेन्यू 6.52 लाख करोड़ रुपये यानी 91.8 अरब डॉलर रहा. दिसंबर तिमाही में कंपनी का ब्राजील, चीन, भारत, थाईलैंड और तुर्की जैसे बाजारों में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा. ऐपल भारत में आईफोन एक्सआर की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है. ये भी पढ़ें: SBI ने पेश किया नया ग्रीन लोन, इनको मिलेगा सस्ते ब्याज पर कर्ज

कंपनी के कुल रेवेन्यू में चीन की हिस्सेदारी 15 फीसदी रही. दिसंबर तिमाही में चीन में ऐपल की रेवेन्यू ग्रोथ लौटी है, इससे पहले लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी. ऐपल का कहना है कि कोरोनावायरस नहीं फैलता तो चीन में आगे भी कंपनी की ग्रोथ को लेकर कोई सवाल नहीं उठता.

ये भी पढ़ें:

अगर आपके पास हैं एक ज्यादा बैंक खाता, तो जानिए अब कितने लाख रुपये रहेंगे सेफ?
बजट में इस ऐलान के बाद अब शुरू करें ये बिजनेस, सरकार भी करेगी मदद

बजट से जुड़ी सभी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 3, 2020, 1:32 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर