तमिलनाडु को कोविड-19 के असर से उबारने में मदद करेंगे पूर्व RBI गवर्नर रंगराजन, इन रणनीतियों पर करेंगे काम

तमिलनाडु को कोविड-19 के असर से उबारने में मदद करेंगे पूर्व RBI गवर्नर रंगराजन, इन रणनीतियों पर करेंगे काम
भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन

तमिलनाडु सरकार ने एक कमिटी बनाई है ताकि राज्य को कोविड-19 के असर से उबारने के लिए रणनीति तैयार की जाए. इसमें इकोनॉमिस्ट्स, इंडस्ट्रियलिस्ट्स, वाइस चांसलर्स, बैंकर्स, सरकारी अधिकारी व अन्य को शामिल किया जाएगा.

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चेन्नई. तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) ने शनिवार को बताया कि राज्य में कोविड-19 (Impact of COVID-19) की वजह से राजकोषीय चुनौतियों से निपटने के लिए उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया गया है. इस कमिटी के अध्यक्ष भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन (C rangarajan) होंगे. राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस कमेटी में इकोनॉमिस्ट्स, इंडस्ट्रियलिस्ट्स, वाइस चांसलर्स, बैंकर्स, सरकारी अधिकारी व अन्य को शामिल किया जाएगा.

आइए जानते हैं कि यह कमिटी किन बातों पर विचार करेगी.

>> कोरोना वायरस महामारी के तात्कालिक और मध्यावधि में विभिन्न सेक्टर्स पर पड़ने वाले असर का पता लगाया जाएगा. इसमें पता किया जाएगा कि तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति पर क्या असर पड़ रहा है या पड़ने वाला है. लॉकडाउन की अवधि पर भी चर्चा की जाएगी. सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य सुरक्षा नियमों के पालन करने पर क्या असर पड़ने वाला है.





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>> तात्कालिक और मध्यावधि में राज्य के लिए क्या-क्या नए मौके होंगे और किन बातों से सतर्क रहना होगा.

>> अर्थव्यवस्था के कुछ महत्वपूर्ण सेक्टर्स की मदद के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं.

​>> कुछ ऐसे रिफॉर्म्स की पहचान की जाएगी, जिसे आने वाले दिनों में राज्य सरकार पेश करे, ताकि राज्य की इकोनॉमी को मजबूत किया जा सके.

>> यह कमिटी इस बात पर भी चर्चा करेगी कि कोविड-19 की वजह से राज्य की राजकोषीय स्थिति कैसी रहेगी. इसमें टैक्स बढ़ाने से लेकर ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) और रेवेन्यू सोर्स के बारे में चर्चा की जाएगी.

>> राज्य की कौन सी समस्याओं का हल केंद्र सरकार के पास होगा और केंद्र सरकार से राज्य के लिए जरूरी मदद मांगने की क्या रणनीति होनी चाहिए.

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>> विभिन्न सेक्टर्स को फाइनेंस और फंडिंग के लिए संभावित सोर्सेज़ के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी. इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, छोटे बिजनेस और अन्य उद्योगों को शामिल किया जाएगा.

>> तमिलनाडु सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, तीन महीने के अंदर यह कमिटी अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी. अगर उसे लगता है तो वो बीच में एक अंतरिम रिपोर्ट भी पेश कर सकती है.

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