पीएसयू बैंक की गलती से कोटक महिंद्रा बैंक कस्टमर्स के खातों से उड़ गए पैसे, खाली हुआ अकाउंट

कोटक महिंद्रा बैंक

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निजी क्षेत्र के ऋणदाता, कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने कहा कि उसके कुछ ग्राहकों ने 8 मार्च को उनके बैंक खातों से अतिरिक्त पैसे डेबिट होने की शिकायत की है.

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नई दिल्ली. सोमवार को एक पीएसयू बैंक द्वारा प्राइवेट सेक्टर के कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के कस्टमर्स के खाते से पैसे निकलने का मामला सामने आया है. निजी क्षेत्र के ऋणदाता, कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा कि उसके कुछ ग्राहकों ने 8 मार्च को उनके बैंक खातों से अतिरिक्त पैसे डेबिट होने की शिकायत की है. जो एक राज्य द्वारा संचालित बैंक की त्रुटि के कारण हुआ था. शिकायत के बाद बैंक ने ऐसे सभी अतिरिक्त डेबिट को ग्राहकों के खाते में ट्रांसफर दिया है.

ट्विटर पर ग्राहकों ने की शिकायत- कोटक महिंद्रा समूह के चीफ कम्यूनिकेशन ऑफिसर, रोहित राव ने बताया कि पीएसयू बैंक ने दावा किया है कि पीओएस मशीन से किए गये ट्रांजेक्शन सेटेल्मेंट के दौरान गलती के कारण ये कटौती हुई है. लेकिन कोटक महिंद्रा बैंक ने इस पीएसयू बैंक का नाम नहीं बताया. 8 मार्च को बैंक के कुछ ग्राहकों ने ट्विटर पर अपने बैंक खातों से अधिक डेबिट की शिकायत की थी.



हाल ही के महीनों में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के सामने ऐसे कई बैंकों की तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं. इस तरह की ग्लिच एचडीएफसी बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) जैसे बैंकों का नाम भी शामिल है. कुछ महीने पहले ही इन बैंकों ने तकनीकी खराबी की सूचना दी थी.
तकनीकी खामी के चलते HDFC बैंक पर लगी थी रोक- ऑनलाइन सेवाओं में बार-बार तकनीकी समस्या को देखते हुए दिसंबर 2020 में RBI ने एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) पर नई डिजिटल सेवाओं को लॉन्च करने और नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी थी. RBI को यह फैसला बैंक में तकनीकी खामी को देखते हुए लेना पड़ा था. साथ ही यह भी कहा था कि बैंक बोर्ड (HDFC Bank Board) पता करें कि कैसे बार-बार यह तकनीकी समस्या आ रही है और इसके लिए कौन जवाबदेह है.

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने एचडीएफसी बैंक को डिजिटल 2.0 के तहत सभी डिजिटल बिजनेस जेनरेटिंग गतिविधियों के लॉन्च को रोकने के लिए कहा था. बैंक के उन सभी प्रस्तावित बिजनेस पर रोक लगी है, जिसमें इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होना है. इसके अलावा नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर भी रोक लग गयी थी. जब बैंक की तरफ से सभी संबंधित नियामकीय अनुपालन को पूरा कर लिया जाएगा, ये सभी प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे.
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