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बढ़ती महंगाई कर सकती है अर्थव्यवस्था की हालत और भी पस्त, इन्होंने दी चेतावनी

भाषा
Updated: January 13, 2020, 10:59 PM IST
बढ़ती महंगाई कर सकती है अर्थव्यवस्था की हालत और भी पस्त, इन्होंने दी चेतावनी
खुदरा महंगाई बढ़ने से अर्थव्यवस्था को खतरा

दिसंबर माह के महंगाई के आंकड़े आने के बाद कई विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि RBI  नीतिगत ब्याज दरों में कटौती करने से रुक जाएगा. साथ ही कहा है कि अर्थव्यवस्था को उच्च मुद्रास्फीति की स्थित में फंसने का खतरा है.

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नई दिल्ली. खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) में तेजी सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के लिए और भी मुश्किलें खड़ी करने वाली हैं और इसके चलते रिजर्व बैंक (RBI) नीतिगत ब्याज दर (Policy Rates) में कटौती करने से रुक जाएगा. विशेषज्ञों ने सोमवार को चेताया कि भारत के लिए एक ही समय पर आर्थिक गतिविधियों में ठहराव और उच्च मुद्रास्फीति की स्थित में फंसने का खतरा है.

सोमवार को जारी आधिकारिक आंकडो़ं के मुताबिक, सब्जियों की भारी महंगाई के बीच उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर में उछल कर 7.35 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

बढ़ सकता है महंगाई का खतरा
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) के विश्लेषकों ने कहा, "करीब से देखने पर पता चलता है कि मुद्रास्फीति में उछाल अस्थायी प्रकृति का या किसी विशेष कारक की वजह से है. अगर इसे सिर्फ शोर माना जाये तो भी क्या आरबीआई इसे नजरअंदाज कर सकता है? जवाब है नहीं." उन्होंने चेताया, "नरम पड़ती आर्थिक वृद्धि के साथ जरूरत से ज्यादा ऊंची मुद्रास्फीति, मुद्रास्फीति जनित ठहराव का खतरा बढ़ाती है."

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जनवरी में महंगाई की तेजी सुधार की उम्मीद
'मुद्रास्फीति जनित नरमी' एक ऐसी स्थिति में है, जहां बेरोजगारी चरम पर और मांग पैदा नहीं होने के साथ मुद्रास्फीति लगातार ऊंची बनी रहे. रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा कि उसे उम्मीद है कि जनवरी में मुद्रास्फीति में तेजी से सुधार होगा लेकिन आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति अगली कुछ द्विमासिक बैठकों में नीतिगत दर को उसी स्तर पर बरकरार रखेगी.निजी क्षेत्र के येस बैंक के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि उन्हें 2020 की अंतिम तिमाही तक नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद नहीं है.

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7.35 फीसदी रहा दिसंबर में महंगाई दर
बता दें कि सोमवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2019 के दौरान खुदरा महंगाई दर बीते साढ़े पांच के उच्च्तम स्तर पर पहुंचकर 7.35 फीसदी पर पहुंच गया है. खुदरा महंगाई दर में इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण खाद्य पदार्थ व तेल की महंगाई की वजह से इसमें उछाल आया है.

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First published: January 13, 2020, 10:59 PM IST
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