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लॉकडाउन से भारत को हो सकता है 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान, अर्थव्यवस्था को चाहिए राहत पैकेज

पीटीआई
Updated: March 25, 2020, 1:23 PM IST
लॉकडाउन से भारत को हो सकता है 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान, अर्थव्यवस्था को चाहिए राहत पैकेज
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जल्द हो सकता है राहत पैकेज का ऐलान

बार्कलेज (Barclays Report) की रिपोर्ट का कहना है कि कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन (Lockdown) से देश को 12,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 9 लाख करोड़) का नुकसान हो सकता है. ये देश की जीडीपी का 4 फीसदी होगा.

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नई दिल्ली. भारत ने कोरोना वायरस (Coronavirus Impact on India) के खिलाफ लड़ने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है. लेकिन बार्कलेज (Barclays) की रिपोर्ट का कहना है कि इससे देश को 12,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 9 लाख करोड़) का नुकसान हो सकता है. ये देश की जीडीपी का 4 फीसदी होगा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब देश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए पैकेज की घोषणा करने की आवश्यकता है.

बार्कलेज की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 हफ्ते यानी 21 दिन के लॉकडाउन की वजह से भारत को 9000 करोड़ डॉलर (करीब 6.75 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान होगा. लेकिन महाराष्ट्र से जैसे कई बड़े राज्य कई दिन पहले से ही बंद हो गए हैं. इसलिए ये नुकसान और ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार राहत पैकेज देती है तो ऐसे में वित्तीय घाटा बढ़कर 5 फीसदी के पार पहुंच सकता है.

राहत पैकेज को लेकर जल्द हो सकती है घोषणा- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI-Reserve Bank of India) की 3 अप्रैल को होने वाली समीक्षा बैठक में ब्याज दरें घटाने पर फैसला हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए देश के तीन सप्ताह के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कई बड़ेे ऐलान किए है. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की डेडलाइन बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दी.



इसके साथ ही 30 जून तक डिलेड पेमेंट की ब्याज दर को 12 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी किया गया. इसके साथ ही, टीडीएस के डिपॉजिट के लिए ब्याज दर 18 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी कर दिया गया. टीडीएस फाइलिंग की अंतिम तारीख 30 जून 2020 ही रहेगी. वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले 48 घंटे में वित्त मंत्री आर्थिक पैैकेज का ऐलान कर सकती है. हालांकि, ये कितना बड़ा होगा और इसका क्या स्वरूप होगा इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है.

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क्या होता है लॉकडाउन? लॉकडाउन का अर्थ है तालाबंदी. लॉकडाउन एक आपदा व्यवस्था है जो किसी आपदा या महामारी के वक्त सरकारी तौर पर लागू की जाती है. जिस इलाके में लॉकडाउन किया गया है उस क्षेत्र के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है.

उन्हें सिर्फ दवा और अनाज जैसी जरूरी चीजों की खरीदारी के लिए ही बाहर आने की इजाजत मिलती है, इस दौरान वे बैंक से पैसे निकालने भी जा सकते हैं. जिस तरह किसी संस्थान या फैक्ट्री को बंद किया जाता है और वहां तालाबंदी हो जाती है उसी तरह लॉक डाउन का अर्थ है कि आप अनावश्यक कार्य के लिए सड़कों पर ना निकलें.

अगर आपको लॉकडाउन की वजह से किसी तरह की परेशानी हो तो आप संबंधित पुलिस थाने, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक अथवा अन्य उच्च अधिकारी को फोन कर सकते हैं.

लॉकडाउन जनता की सहूलियत और सुरक्षा के लिए किया जाता है सभी प्राइवेट और कॉन्ट्रेक्ट वाले दफ्तर बंद रहते हैं, सरकारी दफ्तर जो जरूरी श्रेणी में नहीं आते, वो भी बंद रहते हैं.

लॉकडाउन एक ऐसा आपातकालीन प्रोटोकॉल है जिसके तहत शहर या प्रदेश में रहने वाले लोगों को क्षेत्र छोड़कर जाने या घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह से रोक लगाता है.

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First published: March 25, 2020, 12:50 PM IST
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