आम आदमी के लिए खुशखबरी, अफगानिस्तान से प्याज खरीदेगी सरकार, जानिए कितने कम होंगे दाम!

अफगानिस्तान से प्याज खरीदेगी सरकार
अफगानिस्तान से प्याज खरीदेगी सरकार

आजकल बढ़ते प्याज के रेट्स आमजनता काफी परेशान है...इस समस्या को देखते हुए सरकार ने 1 लाख टन प्याज इंपोर्ट (Onion Import from Afghanistan) करने का फैसला लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 11:01 AM IST
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नई दिल्ली: आम आदमी को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. आजकल बढ़ते प्याज के रेट्स आमजनता काफी परेशान है...इस समस्या को देखते हुए सरकार ने 1 लाख टन प्याज इंपोर्ट (Onion Import from Afghanistan) करने का फैसला लिया है. सरकार के इस कदम से प्याज की ऊंची कीमतों से आमजन को राहत मिलेगी. बता दें ये प्याज अफगानिस्तान से खरीदा जाएगा. सरकार के प्लान के मुताबिक, हर दिन देश में 4000 टन प्याज भारत आएगा.

CNBC आवाज को मिली जानकारी के मुताबिक, प्याज की कीमत कम करने के लिए सरकार ने प्याज इंपोर्ट करने का फैसला लिया है. भारत अफगानिस्तान से भारत 1 लाख टन प्याज इंपोर्ट करेगा. प्रतिदिन 4000 टन प्याज भारत आएगा.

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#BreakingNews | भारत 1 लाख टन प्याज इंपोर्ट करेगा- अफगानिस्तान से भारत 1 लाख टन प्याज इंपोर्ट करेगा - प्याज की कीमत कम करने के लिए इंपोर्ट का फैसला - प्रतिदिन 4000 टन प्याज भारत आएगाPosted by CNBC Awaaz on Tuesday, 27 October 2020




अगले महीने तक आ जाएगी नई फसल
ऐसा माना जा रहा है कि अगले एक महीने के अंदर प्याज की नई फसल भी बाजार में आने लगेगी और इंपोर्ट प्याज की मदद से कीमतों में राहत रहेगी. यानी अब जनता को महंगा प्याज नहीं खरीदना पड़ेगा.



सरकार के पास बचा है सिर्फ 25 हजार टन प्याज
सरकार ने प्याज के आयात का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि सरकार के पास प्याज का महज 25 हजार टन का सुरक्षित भंडार (बफर स्टॉक) ही बचा हुआ है और ऐसा माना जा रहा है कि नवंबर के पहले हफ्ते तक ये प्याज खत्म हो सकता है. फिलहाल इस समय देश में प्याज की खुदरा कीमत लगभग 75 रुपए किलो के पार है. ऐसे में कीमतों पर नियंत्रण रखने और मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने प्याज इंपोर्ट करने का फैसला लिया है.

NAFED बेच रहा सस्ता प्याज
बता दें कीमतों को नियंत्रित करने के लिए नाफेड सुरक्षित भंडार से प्याज बाजार में उतार रहा है. नाफेड ने इस साल के लिये करीब एक लाख टन प्याज की खरीद की थी. इसके अलावा NAFED के डायरेक्टर अशोक ठाकुर ने न्यूज18 इंडिया से एक खास बातचीत में बताया कि जल्द ही 21 रुपए प्रति किलो के रेट से राज्यों को प्याज़ भेजे जाएंगे. इसके बाद ट्रांसपोर्ट और दूसरे खर्च जोड़कर राज्य अपने हिसाब से उस प्याज़ को बाज़ारों में बेच सकेंगे. वहीं, दिल्ली में हम सफल के स्टोर पर 28 रुपए किलो के रेट से प्याज़ बिकवा रहे हैं. जानकारों की मानें तो NAFED से 21 रुपए किलो प्याज़ मिलने के बाद राज़्य अपने खर्चें जोड़कर ज़्यादा से ज़्यादा 30 रुपए प्रति किलो की रेट से प्याज़ को आराम से बेच सकेंगे.

इन शहरों में 10 रुपए प्रति किलो तक सस्ता हुआ प्याज
आपको बता दें प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने कई तरह के कदम उठाए हैं, जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में प्याज के भाव में 10 रुपए प्रति किलो तक की गिरावट देखने को मिली है. फिलहाल सरकार नई फसल के आने तक आयात के द्वारा सप्लाई बनाए रखना चाहती है जिससे प्याज की कीमतों पर नियंत्रण बना रहे.

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आखिर क्यों महंगी होती है प्याज?
आयोग ने अपनी रिपोर्ट देते हुए खुलासा किया था कि देश में प्याज महंगे होने के पीछे प्याज के उत्पादन और डिमांड में किसी बड़े अंतर के होने का कोई असर नहीं है. सही मायनों में प्याज महंगी होने की असल वजह प्याज का अच्छे से रखरखाव न होना, जमाखोरों और बिचौलियों की सांठगांठ के चलते हर साल बाज़ार में प्याजमहंगी हो जाती है.
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