1.5 लाख मिट्रिक टन उड़द के इम्पोर्ट की आखिरी तारीख 15 मई तक बढ़ी, इस वजह से लिया फैसला

भारत में दलहन और तिलहन का उत्पादन सबसे अधिक होता है

भारत में दलहन और तिलहन का उत्पादन सबसे अधिक होता है

भारत दलहन, तिलहन का सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है. पिछले 5-6 साल में भारत में दलहन का उत्पादन 140 लाख टन से बढ़कर 240 लाख टन से ज्यादा हो गया है. साल 2019-20 में, भारत में 23.15 मिलियन टन दलहन की पैदावार हुई थी जो कि पूरी दुनिया का 23.62 फीसदी है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने (Central Govt) 1.5 लाख मिट्रिक टन उड़द की दाल के आयात (Import)  की आखिरी तारीख 15 तक बढ़ा दी है. कोरोना वायरस (Corona Virus) की दूसरी लहर (Second Wave) के चलते भारत में कई राज्यों में चल रहे लॉकडाउन (Lockdown) व अन्य पाबंदियों के मद्देनजर आवागमन में पड़ रहे असर को ध्यान में रखते हुए तारिख को बढ़ाया गया है. इससे पूर्व में पहले इसकी आखिरी तारीख 30 अप्रैल थी. कॉमर्स मिनिस्ट्री (Commerce ministry )ने इस संबंध में 7 मई को नोटिफिकेशन (Notification) जारी किया था.  मालूम हो भारत में दलहन और तिलहन का उत्पादन (production ) सबसे अधिक होता है.


इसके साथ ही भारत दलहन, तिलहन का सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है. पिछले 5-6 साल में भारत में दलहन का उत्पादन 140 लाख टन से बढ़कर 240 लाख टन से ज्यादा हो गया है. साल 2019-20 में, भारत में 23.15 मिलियन टन दलहन की पैदावार हुई थी जो कि पूरी दुनिया का 23.62 फीसदी है.


पिछले साल इतना हुआ इम्पोर्ट


पिछले फिस्कल ईयर 2020-21 में भारत में तूर की दाल 38.80 लाख मीट्रिक टन, उड़द की दाल 24.50 मीट्रिक टन, मसूर की दाल 13.50 मीट्रिक टन, मूंग की दाल 26.20 मीट्रिक टन और चना की दाल 116.20 मिट्रिक टन पैदावार हुई थी. वहीं तूर की दाल 4.440 मीट्रिक टन, उड़द की दाल 3.21 मीट्रिक टन, मसूर की दाल 11.01 मीट्रिक टन, मूंग की दाल 0.52 मीट्रिक टन और चना की दाल 2.91 मीट्रिक टन इम्पोर्ट करना पड़ा था. 


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दलहन की पैदावार बढा़ने के लिए सरकार ने बढ़ाया यह कदम




सरकार दलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि 82.01 करोड़ रुपये के बीज के 20 लाख से अधिक मिनी-किट बांटे जाएंगे. ताकि फसल वर्ष 2021-22 (जुलाई-जून) के खरीफ सत्र में दलहन के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके. खरीफ (गर्मी) के मौसम में बुवाई जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ शुरू होती है. मानसून इस साल सामान्य रहने का अनुमान जताया गया है। खरीफ की मुख्य दलहनी फसलों में तुअर, मूंग और उड़द की खेती हैं.

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