इनकम टैक्स की फेसलेस ई-असेसमेंट' (faceless e-assessment) सर्विस, जानिए कैसे करेगा आम टैक्सपेयर्स की मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ़्रेंस के जरिये अपनी बात देश के सामने रखेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भ्रष्‍टाचार को रोकने और आयकरदाताओं (Taxpayers) की सुविधा के लिए इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) में 'फेसलेस ई-असेसमेंट' योजना की शुरुआत करने वाले हैं. पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फेसलेस ई-असेसमेंट का सपना देखा था, जिसे अब पीएम मोदी पूरा करने जा रहे हैं.

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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India Narendra modi) 13 अगस्त को इंडियन रिवेन्‍यु सर्विसेस (IRS) अधिकारियों के साथ ही कई प्रमुख वित्तीय संस्थाओं के अधिकारियों को संबोधित करने वाले हैं. इस कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा देश में भ्रष्ट्राचार और भ्रष्‍टाचारियों पर लगाम लगाने वाली संस्था इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) को ज्यादा ट्रांसपेरेंट बनाकर गड़बड़ी की आशंका को कम करना है. इसके लिए ऑनलाइन कार्यक्रम 'Transparent Taxation-Honoring the Honest' का आयोजन किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ़्रेंस के जरिये अपनी बात देश के सामने रखेंगे.

इनकम टैक्स विभाग को कैसे करने वाले हैं ट्रांसपेरेंट?
पीएम मोदी इनकम टैक्स विभाग में 'फेसलेस ई-असेसमेंट' (faceless e-assessment) की सुविधा शुरू करने का ऐलान कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, ये देश में बहुत बड़ी सुविधा हो सकती है. फेसलेस असेसमेंट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक मोड होता है, जो एक सॉफ्टवेयर के जरिये प्रयोग किया जाता है. इसके तहत आपको किसी भी इनकम टैक्स अधिकारी के सामने या उसके दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. किसी भी शख्स को इनकम टैक्स स्क्रूटनी असेसमेंट नोटिस के लिए किसी भी तरह की भागदौड़ करने या चार्टर्ड अकाउंटेंट के पीछे भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसे भ्रष्‍टाचार पर अंकुश लगाने के साथ ही न्याय मिलने की गारंटी माना जा सकता है.

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एसेसी को असेसमेंट ऑफिसर से मिलने की नहीं होगी जरूरत
आसान शब्दों में समझें तो पहले अकसर आरोप लगते थे कि आरोपी को इनकम टैक्स दफ्तर से किसी भी तरह का नोटिस आने के बाद उसके संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के पास आते ही मामले की डील कर ली जाती है. इस तरह के आरोप को खत्म करने करने और हमेशा के लिए भ्रष्‍टाचार पर रोक के लिए फेसलेस ई-असेसमेंट के तहत किसी भी एसेसी (Assesses) को टैक्स के मामलों में अब असेसमेंट ऑफिसर (Assessor) से मिलने की जरूरत नहीं होगी. पिछले साल ही नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर (NeAC) शुरू किया गया था. इसके तहत किसी भी शख्स को स्क्रूटनी के लिए चुना जाएगा. इसके बाद उसके नाम और एंड्रेस के बारे में संबंधित अधिकारी को जानकारी नहीं होगी. अगर मामला बिहार का होगा तो उस मामले की तफ्तीश के लिए दिल्ली, हैदराबाद, हरियाणा या किसी अन्य शहर में उस मामले को भेज दिया जाएगा. उन्‍हें सभी डॉक्यूमेंट ऑनलाइन देने पड़ेगें.

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पूर्व वित्त मंत्री जेटली के सपने को पीएम मोदी ने किया साकार
देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने 'फेसलेस ई-असेसमेंट' का सपना देखा था. इस मसले पर वह कई बार अपने अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके थे. प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना को सुनते ही जल्द पूरा करने को कहा था. हालांकि, अरुण जेटली के निधन के बाद पीएम मोदी ने दिसंबर 2019 तक योजना को पूरा करने का लक्ष्य दिया था. हालांकि, इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत पिछले कुछ महीनों से दिल्ली, मुंबई समेत कुछ शहरों में प्रयोग किया जा रहा है. अब तक के नतीजे काफी अचदे रहे हैं. लिहाजा अब पूरे देश में इसे लागू किया जा सकता है. पीएम मोदी 15 अगस्त पर लाल किला की प्राचीर से भी इस सफल योजना के बारे में जिक्र कर सकते हैं.

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