क्या बेरोजगारों को मोदी सरकार दे रही 3800 रुपये भत्ता? जानें इसकी सच्चाई...

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक खबर में क्या जा ये दावा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक खबर में क्या जा ये दावा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है​ कि प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत 3800 रुपये दिये जा रहे हैं. साथ ही ए​क लिंक भी दिया गया है, जिसके जरिए इस योजना में आवेदन करने को कहा जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 29, 2021, 12:58 PM IST
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नई दिल्ली. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार देश के बेरोजगार नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत, हर महीने 3800 रुपये बतौर भत्ता दे रही है. साथ ही ए​क लिंक भी दिया गया है, जिसके जरिए इस योजना में आवेदन करने को कहा जा रहा है. सरकार की तरफ से इस खबर को फर्जी बताया गया है क्योंकि सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट के साथ एक लिंक भी शेयर किया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें अपनी जरूरी जानकारी देनी होगी. आज हम इसी पोस्ट और लिंक के बारे में पड़ताल करने के बाद पूरी जानकारी दे रहे हैं. इसमें हम आपको पोस्ट की पूरी सच्चाई बताएंगे.

क्या लिखा है पोस्ट में?

फॉरवर्ड हो रही इस पोस्ट में कहा गया है कि इस योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराएं. योजना के तहत युवा बेरोजागारों को 3800 रुपये प्रति माह दिया जाएगा. एप्लीकेशन का आवेदन निशुल्क और आयु 18 से 50 निर्धारित होना बताया गया है. पंजीकरण के लिए http://bit.ly/pradhanmantrI-berojgar-bhatta-yojnaa लिंक पर क्लिक करने को कहा गया है. इस पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर भी है.


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जानें क्या है सच्चाई?



दरअसल प्रधानमंत्री बेरोजगार योजना का लिंक https://www.hubbyhubby.life/ नाम की वेबसाइट का छिपा हुआ लिंक है. आमतौर पर मूल वेबसाइट छिपाने या लिंक को छोटा करने के लिए बिटली नाम का इस्तेमाल किया जाता है. इस पोस्ट के लिंक में प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना के नाम का इस्तेमाल किया गया है. हमारी पड़ताल में पता चला कि यह पोस्ट और इसमें दिया गया लिंक पूरी तरह से फर्जी है.

खतरे में पड़ सकती है आपकी जानकारी

कई बार कुछ कंपनियां अपनी वेबसाइट के जरिए रेवेन्यू जेनरेशन के लिए ऐसे हथकंडे अपनाती हैं. ऐसा दो तरीकों से ​किया जाता है. पहला तो अपनी वेबसाइट पर क्लिक बढ़ाकर. जिस वेबसाइट पर जितनी ज्यादा क्लिक, उस वेबसाइट पर विज्ञापन की कीमत में उतना इजाफा होता है. वहीं, दूसरा तरीका साइबर अपराध की श्रेणी में आता है. इसमें कंपनी आपके मोबाइल की सारी जानकारी कलेक्ट कर बिजनेस प्रमोशन कंपनियों को बेच देती है. कंपनियां इन डेटा और जानकारी का इस्तेमाल बाजार और उपभोक्ताओं के प्रसार में करती हैं.

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इस तरह के फ्रॉड से आप कैसे बच सकते हैं?

साइबर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कोई भी URL जो http:// से शुरू होता है असुरक्षित है. इसे क्लिक करने पर आपके सिस्टम या मोबाइल पर पड़ी सूचना लीक होने का खतरा रहता है. ऐसे में बेहतर होगा कि उन्हीं वेबसाइट को क्लिक करें जो https:// से शुरू होती हैं. यदि किसी बैंक, वित्तीय संस्थान आदि से ईमेल के जरिए कोई लिंक भेजा जाता है तो उसे ओपन नहीं करें बल्कि उस संस्थान की वेबसाइट पर जाकर संबंधित टैब क्लिक कर ही जानकारी प्राप्त करें.
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