लाइव टीवी

जल्द अमीर बनने का सपना पड़ा महंगा, बिटकॉइन के क्लोन OneCoin में लाखों निवेशकों का पैसा डूबा

News18Hindi
Updated: December 2, 2019, 2:05 PM IST
जल्द अमीर बनने का सपना पड़ा महंगा, बिटकॉइन के क्लोन OneCoin में लाखों निवेशकों का पैसा डूबा
क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन के क्लोन वनकॉइन ने लाखों को ठगा

वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) के क्लोन ने वनकॉइन (OneCoin) ने दुनियाभर के लाखों निवेशकों को चूना लगाया है. वनकॉइन में निवेशक जल्द अमीर बनने के लिए पैसा लगा रहे थे. जानें क्या है पूरा मामला?

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2019, 2:05 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) के क्लोन ने वनकॉइन (OneCoin) ने दुनियाभर के लाखों निवेशकों को चूना लगाया है. वनकॉइन में छोटे निवेशक यह सोचकर पैसा लगाने लगे कि कम कीमत में पैसा लगाने पर वो जल्द मालामाल हो जाएंगे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं, क्योंकि वनकॉइन की फाउंडर रुजा इग्नातोवा अब गायब हो गई हैं. आइए जानते हैं क्या है मामला?

2014 में की थी वनकॉइन की शुरुआत- टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, 34 साल की उम्र में 2014 में रुजा इग्नातोवा ने वनकॉइन की शुरुआत की. रुजा इग्नातोवा (Ruja Ignatova) ने ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और जर्मनी की एक यूनिवर्सिटी से पीएचडी की. उन्होंने बताया कि पीएचडी के बाद उन्होंने मैकिन्से ऐंड कंपनी के साथ काम किया है.

रुजा खुद को 'क्रिप्टोक्वीन' (Cryptoqueen) की तरह स्टाइल करती थीं. जब भी वह बॉलगाउन और डायमंड ईयररिंग्स पहनकर, होठों पर रेड लिपस्टिक लगाकार स्टेज पर पहुंचती थीं तो उनके पार्टनर और इन्वेस्टर्स मुग्ध हो जाते थे. दुबई में एक वनकॉइन इवेंट में आईगॉर भी पहुंचे थे. लंदन में जून 2016 में रुजा ने घोषणा की थी, दो साल बाद कोई बिटकॉइन के बारे में बात नहीं करेगा.

ये भी पढ़ें: शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों के लिए जरूरी खबर! NSE ने इस ब्रोकर का लाइसेंस किया सस्पेंड

दुनिया के सबसे अमीर शख्स बनना चाहता था ये शख्स- साल 2017 में ऐम्सटर्डम के आइगॉर अल्बर्ट्स दुनिया के सबसे अमीर शख्स बनने का सपना देख रहे थे. उनका सपना था कि वह दौलत के मामले में बिल गेट्स को पीछे छोड़ दें. कई मल्टिलेवल मार्केटिंग स्कीम्स में 30 वर्षों से पैसा लगा रहे थे और उन्होंने मोटा पैसा कमा लिया था. इसी बीच साल 2015 में 'गोल्डमाइन' (Goldmine) के बारे में पता चला. उन्हें एक ऐसा प्रॉडक्ट के बारे में पता लगा, जिसके बारे में उन्होंने सभी पार्टनर्स को बताया और कहा कि वे सारी चीजें बेचना छोड़कर फुलटाइम इसी पर काम करें. उनकी गोल्डमाइन एक क्रिप्टोकरंसी थी, जो बिटकॉइन (Bitcoin) का क्लोन थी और नाम वनकॉइन (OneCoin) था. इसे बुल्गारिया के एक स्टार्टअप ने लॉन्च किया था.

शुरुआत में आइगॉर वनकॉइन बेचकर हर महीने 10 लाख यूरो कमा लेते थे. साल 2017 में उन्हें हर महीने वनकॉइन से 20 लाख यूरो की कमाई होने लगी. वनकॉइन से अच्छी कमाई होते देख वह खुद निवेशक बन गए और सोचने लगे कि एक दिन ऐसा आएगा जब उनके पास 100 मिलियन वनकॉइन होंगे और एक वनकॉइन की कीमत 100 यूरो तक होगी.

लोन लेकर किया निवेश- युगांडा के किसानों ने भी लोन लेकर और पशुओं बेचकर मिले पैसों से वनकॉइन खरीदे. इसके इन्वेस्टमेंट पैकेज की शुरुआती कीमत 140 यूरो से शुरू होती होकर 1,18,000 यूरो तक पहुंच गई. अगस्त 2014 से मार्च 2017 के बीच वनकॉइन में कुल 4 से 15 अरब यूरो की निवेश किया गया.ये भी पढ़ें: UIDAI ने शुरू की नई सुविधा, अब बिना Documents के बन जाएगा Aadhaar कार्ड, ये है पूरा प्रोसेस

क्रिप्टोकरंसी नहीं थी वनकॉइन- वनकॉइन कोई क्रिप्टोकरंसी नहीं थी. असल क्रिप्टोकरंसी के लेनदेन के ब्लॉकचेन रिकॉर्ड होते हैं, जिनसे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, ताकि कोई फ्रॉड न हो सके. बिटकॉइन खरीदने वाले हर शख्स के पास बिटकॉइन ब्लॉकचेन की कॉपी होती है, जिसमें वह कोई बदलाव नहीं कर सकता, लेकिन वनकॉइन का कोई ब्लॉकचेन नहीं था.

ग्लासगो की जेन मैकऐडम ने 10,000 यूरो के वनकॉइन खरीदे. 10 महीनों में इसकी वैल्यू 10 गुना हो गई. जेन ने उस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए शॉपिंग और ट्रैवल प्लान बनाने भी शुरू कर दिए , जब वनकॉइन अपना एक्सचेंज लॉन्च करेगा और क्रिप्रोटकरंसी को कैश में बदला जा सकेगा, लेकिन लॉन्च की डेट आगे बढ़ती जा रही थी. वनकॉइन के निवेशकों को अक्टूबर 2017 में लिस्बन में एक मीटिंग में इसपर अंतिम फैसला लिए जाने का भरोसा दिया गया था. इसी दिन से रुजा गायब हैं, वह मीटिंग में नहीं पहुंचीं.

FBI की छानबीन पड़ी धीमी- 25 अक्टूबर के बाद FBI की छानबीन धीमी हो गई जब वह सस्ती फ्लाइट लेकर सोफिया से एथेंस चली गईं. इसके बाद जेन जैसे निवेशकों को अहसास हुआ कि वनकॉइन में उनका निवेश जंक था. निवेश की वैल्यू को लेकर उन्होंने जो सपने देखे थे वे महज कंप्यूटर पर टाइप किए गए नंबर थे. हालांकि कुछ निवेशक अब भी मानने को तैयार नहीं कि उनके साथ कोई धोखा हुआ है. वे मान रहे हैं कि कुछ देर और रुकने पर उन्हें फायदा होगा.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार दे रही है ये खास बिज़नेस शुरू करने मौका, केवल 50 हजार रुपए लगाकर होगी मोटी कमाई

जारी है वनकॉइन स्कैम- धोखाधड़ी होने के बावजूद वनकॉइन में स्कैम जारी है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 24 नवंबर तक वनकॉइन का ऑफिस बिजनेस के लिए खुला हुआ था और लोग करेंसी को प्रमोट कर रहे थे. जहां तक रुजा की बात है, वह कहां हैं, हैं भी या नहीं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. कुछ लोगों के मुताबिक, उन्हें इस साल की शुरुआत में एथेंस के एक महंगे रेस्ट्रॉन्ट में देखा गया था. ऐसा भी कहा जारहा है कि उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी करवा ली है और फ्रैंकफर्ट में छिपी हुई हैं, जहां उनकी बेटी रहती है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 2, 2019, 1:41 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर