...तो क्या अब सरकारी कर्मचारियों के मेडिकल रीइंबर्समेंट और LTC में भी होगी कटौती, जानिए क्या है सच?

...तो क्या अब सरकारी कर्मचारियों के मेडिकल रीइंबर्समेंट और LTC में भी होगी कटौती, जानिए क्या है सच?
...तो क्या अब सरकारी कर्मचारियों के मेडिकल रीइंबर्समेंट और LTC में भी होगी कटौती, जानिए क्या है सच?

पिछले कुछ दिनों से एक खबर चर्चा में थी कि कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के कई इनसेंटिव काटने वाली है. इनमें LTC, लीव एनकैशमेंट (छुट्टी के बदले पैसा), मेडिकल जैसे कई इनसेंटिव शामिल हैं.

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नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों से एक खबर चर्चा में थी कि कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के कई इनसेंटिव काटने वाली है. इनमें LTC, लीव एनकैशमेंट (छुट्टी के बदले पैसा), मेडिकल जैसे कई इनसेंटिव शामिल हैं. इस खबर पर सरकार के फैक्ट चेक ट्विटर हैंडल PIB Fact Check ने ट्वीट किया है कि सरकार का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. इस ट्वीट में कहा गया है कि ऐसा खबरें सिर्फ अफवाह है. PIB Fact Check ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को आगे भी ये इनसेंटिव्स मिलते रहेंगे.

क्या कहना है फाइनेंस मिनिस्ट्री का?
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने भी ऐसी खबरों को अफवाह बताया है. फाइनेंस मिनिस्ट्री ने PIB Fact Check की एक रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा है कि LTC, लीव एनकैशमेंट या मेडिकल रीइंबर्समेंट जैसे इनसेंटिव में किसी तरह की कोई कटौती का प्रस्ताव नहीं है. ये पेमेंट पहले की तरह ही जारी रहेंगे.

क्या है मामला?
कोरोनावायरस संकट की वजह से ऐसे कई बेसलेस खबरें चल रही हैं. हाल ही में एक रिपोर्ट के मुताबिक खबर थी कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र कम करने वाली है. हालांकि बाद में सरकार ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि रिटायरमेंट की उम्र घटाने की कोई योजना नहीं है.



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तब राज्य कार्मिक मंत्रालय (Minister of State for Personnel) जितेंद्र सिंह को सामने आकर सफाई देनी पड़ी थी. उन्होंने कहा था कि रिटायरमेंट की उम्र घटाने की सरकार की कोई योजना नहीं है. सरकार के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है. उन्होंने कहा था कि कोरोनावायरस महमारी के संकट को देखते हुए सरकार अपने कर्मचारियों के सुरक्षा के लिए हर मुमकिन उपाय करेगी.

हाल ही में DA के ऊपर हुआ था ये ऐलान
दरअसर कोरोनावायरस संक्रमण के कारण कुछ राज्यों और केंद्र सरकार ने भी कटौती करने का फैसला किया है. सरकार ने पिछले हफ्ते ही ऐलान किया था कि DA (महंगाई भत्ता) बढ़ाने का फैसला फिलहाल जुलाई 2021 तक के लिए टाल दिया गया है. इससे पहले मार्च में मार्च में कैबिनेट ने महंगाई भत्ता में 4 फीसदी बढ़ोत्तरी करने का फैसला किया था लेकिन अब इसका फायदा सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलने वाला है. इसका मतलब है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को पहले की तरह सैलरी या पेंशन का 17 फीसदी महंगाई भत्ता मिलता रहेगा.

केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद यूपी की सरकार ने भी महंगाई भत्ता नहीं बढ़ाने का फैसला किया है. इससे सरकारी खजाने में 10,00 करोड़ रुपए की बचत हुई है.

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तेलंगाना में विधायकों की 75 फीसदी सैलरी काट रहे
तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने राज्य के फाइनेंशियल हेल्प के लिए विधायकों की 75 फीसदी सैलरी काट रहे हैं. तेलंगाना के सभी नेता, विधायकों (MLA-MLC) और स्थानीय निकायों के सदस्यों की 75 फीसदी सैलरी कट गई है. साथ ही पुलिस प्रशासन में काम करने वाले सिविल सर्वेंट्स, पुलिस और फॉरेन सर्विसेज के अधिकारियों की सैलरी में 60 फीसदी की कटौती की जाएगी. इतना ही नहीं, पेंशनर्स के पेंशन में भी 50 फीसदी की कमी की गई है. केंद्र सरकार ने भी 7 अप्रैल को एक ऑर्डिनेंस जारी करते हुए अगले एक साल तक सांसदों की सैलरी में 30 फीसदी कटौती करने का ऐलान किया था. इन खबरों की वजह से ही यह अफवाह भी सोशल मीडिया पर चल रहा था कि सरकारी कर्मचारियों के इंसेंटिव्स में भी कटौती होगी, लेकिन यह खबर गलत है.

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