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राजस्थान का हर किसान परिवार है 70 हजार का कर्जदार, उठने लगे कर्ज माफी पर सवाल

राजस्थान का हर किसान परिवार है 70 हजार का कर्जदार, उठने लगे कर्ज माफी पर सवाल

 Photo: Om Prakash/News18

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खेती-किसानी के लिए सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाले राज्यों में शामिल है राजस्थान. श्रीगंगानगर के किसान की आत्महत्या ने कर्जमाफी पर उठाए सवाल!

राजस्थान में एक किसान सोहनलाल मेघवाल ने कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या कर ली. श्रीगंगानगर के इस किसान ने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को जिम्मेदार ठहराया है. इसके बाद राजस्थान सरकार की कर्ज माफी योजना पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. दरअसल, राजस्थान खेती-किसानी के लिए सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाले राज्यों में शामिल है. संसद में पेश की गई केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां के हर किसान परिवार पर औसतन 70,500 रुपये का कर्ज है. साहूकारों से कर्ज लेने के मामले में भी राजस्थान तीसरे नंबर पर है.

दरअसल, किसानों की सबसे ज्यादा मौत कर्ज के बोझ तले दबकर होती है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से संसद में एनएसएसओ के हवाले से पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के हर किसान पर औसतन 47 हजार रुपये का कर्ज है. जबकि हर किसान पर औसतन 12130 रुपये का कर्ज साहूकारों का है.

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इन राज्यों में सबसे ज्यादा कर्ज लेते हैं किसान
एनएसएसओ के मुताबिक साहूकारों से सबसे ज्यादा 61032 रुपये प्रति किसान औसत कर्ज आंध्र प्रदेश में है. दूसरे नंबर पर 56362 रुपये औसत के साथ तेलंगाना है और तीसरे नंबर पर 30921 रुपये के साथ राजस्थान है. राज्य और केंद्र सरकार किसानों को कर्ज के इस दुष्चक्र से मुक्त करना चाहती है ताकि उनका जीवन सुधर सके. लेकिन आत्महत्या के मामले उनके दावों पर पानी फेर देते हैं.

राजस्थान में चल रही कर्जमाफी की स्कीम
इस समय राजस्थान में कर्जमाफी की स्कीम चल रही है लेकिन लगता है कि उसका फायदा किसानों तक नहीं पहुंच रहा है. दूसरी ओर, बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के अपने संकल्प पत्र में कहा था कि वो दोबारा सत्ता में आने पर किसान क्रेडिट कार्ड पर एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कर्ज देगी. इस वादे के पूरा होने का अब तक सभी को इंतजार है.

किसान क्रेडिट कार्ड का नहीं ले पाते लाभ
अभी किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये खेती के लिए 3 लाख रुपये तक का कर्ज समय पर लौटाने पर 4 परसेंट ब्याज लगता है. लेकिन इसे पाने के नियम इतने कठिन हैं कि किसान लाभ नहीं ले पाता. इसीलिए देश में अब तक मुश्किल से 7 करोड़ यानी 50 फीसदी किसानों के पास ही किसान क्रेडिट कार्ड हैं. हमने बीजेपी के इस वादे को लेकर कुछ दिन पहले केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी से बातचीत की थी. तब उन्होंने दावा किया था कि जो भी बीजेपी के संकल्प पत्र में है, वो हमारा विजन है.

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