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किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए खास प्‍लान! केंद्र सरकार ने निर्यात बढ़ाने के लिए बनाई कृषि उत्‍पादों की सूची

किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए खास प्‍लान! केंद्र सरकार ने निर्यात बढ़ाने के लिए बनाई कृषि उत्‍पादों की सूची

कृषि मंत्रालय का कहना है कि इनकी बुवाई पर कोविड-19 महामारी का कोई असर नहीं पड़ा है.

कृषि मंत्रालय का कहना है कि इनकी बुवाई पर कोविड-19 महामारी का कोई असर नहीं पड़ा है.

केंद्र सरकार ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सलाह पर कृषि मंत्रालय (Ministry of Agriculture) ने 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन फोकस प्रोडक्ट' (ODOFP) के लिए उत्पादों के नाम तय कर सूची (Products List) बना ली है. इसका मकसद उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी (Price Hike) करना और किसानों की आय दोगुना (Doubling Framers' Income) करने की दिशा में काम करना है.

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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कृषि उत्‍पादों का निर्यात (Agriculture Products Export) और किसानों की आमदनी (Farmers’ Income) बढ़ाने की कोशिशों के तहत कृषि व इससे जुड़े क्षेत्रों के उत्पादों की सूची (Products List) को अंतिम रूप दे दिया है. इन उत्पादों को देशभर के 728 जिलों में क्लस्टर के नजरिये से बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार की ओर से बताया गया है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (Ministry of Food Processing Industry) की सलाह पर कृषि मंत्रालय ने एक जिला, एक विशेष उत्पाद (ODOFP) के लिए प्रोडक्‍ट्स की सूची तैयार कर ली है.

    उत्‍पादों को केंद्रीय योजनाओं के जरिये दिया जाएगा बढ़ावा
    कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) ने सूची तैयार करने के लिए राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से भी जानकारियां ली हैं. उत्पादों की पहचान देशभर के 728 जिलों के कृषि, बागवानी, पशु, मुर्गी पालन, दूध, मत्स्य पालन, जलीय कृषि और समुद्री क्षेत्रों से की गई है. कृषि मंत्रालय ने कहा कि इन उत्पादों को केंद्रीय योजनाओं (Central Schemes) के जरिये एक क्लस्टर के नजरिये एकसाथ बढ़ावा दिया जाएगा. इसका मकसद कृषि उत्पादों के मूल्य में बढ़ोतरी करना और किसानों की आय बढ़ाना है.

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    हर प्रोडक्‍ट के लिए खास जिलों में दिया जाएगा बढ़ावा
    धान को 40 जिलों, गेहूं को 5 जिलों, मोटे सहपोषक अनाज को 25 जिलों, दलहन को 16 जिलों, वाणिज्यिक फसल को 22 जिलों, तिलहन को 41 जिलों, सब्जियों को 107 जिलों, मसालों को 105 जिलों, वृक्षारोपण को 28 जिलों, फलों को 226 जिलों में बढ़ावा दिया जाएगा. फूलों की खेती को 2 जिले, शहद को 9 जिले, पशुपालन व डेयरी प्रोडक्‍ट्स को 40 जिले, जलीय कृषि व समुद्री मत्स्य पालन को 29 जिले और प्रोसेस्‍ड प्रोडक्‍ट्स को 33 जिलों में बढ़ावा दिया जाएगा. कृषि मंत्रालय राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं से ओडीओएफपी का समर्थन करेगा.

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    उत्‍तर प्रदेश के सबसे ज्‍यादा 75 जिले सूची में शामिल
    केंद्र की ओर से प्रोडक्‍ट्स की लिस्‍ट में अरुणाचल प्रदेश के 25 जिले शामिल हैं. इसके अलावा बिहार के 38, छत्तीसगढ़ के 28, गोवा के 2, हरियाणा के 22, हिमाचल प्रदेश के 12, झारखंड के 24, जम्मू-कश्मीर के 20, कर्नाटक के 31, केरल के 14, मध्य प्रदेश के 52, महाराष्ट्र के 36, मणिपुर के 16, ओडिशा के 30, पंजाब के 23, सिक्किम के 4, तमिलनाडु के 36, त्रिपुरा के 8, उत्तर प्रदेश के 75 और पश्चिम बंगाल के 18 जिले भी सूची में हैं. उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के 13-13 जिले, दिल्ली, मेघालय, मिजोरम व नागालैंड में 11 जिले और असम, गुजरात, राजस्थान व तेलंगाना के 33 जिले सूची में हैं.

    Tags: Agriculture ministry, Agriculture producers, Central government, Farmers

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