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अब किसानों के संगठन को मोदी सरकार देगी 15 लाख रुपए, जानिए FPO के बारे में सबकुछ...

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: March 2, 2020, 9:59 AM IST
अब किसानों के संगठन को मोदी सरकार देगी 15 लाख रुपए, जानिए FPO के बारे में सबकुछ...
मोदी सरकार अब किसानों को देगी 15 लाख रुपये

किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए मोदी सरकार नई पहल शुरू करने जा रही है. बजट में की गई घोषणा के तहत किसानों और कृषि (Indian Farmers) को आगे बढ़ाने के लिए उनके ग्रुप को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी.

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नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Government of India) अब किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू करने जा रही है. बजट में की गई घोषणा के तहत किसान और कृषि (Indian Farmers) को आगे बढ़ाने के लिए उनके ग्रुप को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. इसके लिए उन्हें एक कंपनी बनानी यानी किसान उत्‍पादक संगठन (FPO-Farmer Producer Organisation) बनाना होगा. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) आज PM-किसान (PM-Kisan) योजना के एक साल पूरे होने के अवसर पर चित्रकूट से देशभर में 10 हजार किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की शुरुआत करेंगे. इस बारे में PM मोदी ने ट्वीट किया है और केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी इस बारे में जानकारी दी थी. PM मोदी ने कहा कि एफपीओ से किसानों को तकनीकी, वित्तीय सहयोग एवं बाजार पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

सरकार ने 10,000 नए किसान उत्पादक संगठन बनाने की मंजूरी दे दी है. अगले 5 साल में इस पर 4,496 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसका रजिस्ट्रेशन कंपनी एक्ट में ही होगा, इसलिए इसमें वही सारे फायदे मिलेंगे जो एक कंपनी को मिलते हैं. यह संगठन कॉपरेटिव पॉलिटिक्स से बिल्कुल अलग होंगे यानी इन कंपनियों पर कॉपरेटिव एक्ट नहीं लागू होगा.

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पीएम ने किसानोंं को दी सौगात


सवाल- क्या होता है किसान उत्‍पादक संगठन (FPO-Farmer Producer Organisation)



जवाब- एफपीओ एक किसानों का संगठन होता है. इसमें खेती करने वाले सभी किसान शामिल होते है. उदाहरण तौर पर समझें तो एएपीओ को एक कंपनी माना जाता है. ये जितनी कमाई करती है उसे सभी किसानों में बराबर बांट दिया जाता है. ये संगठन किसानों को सस्ता कर्ज, बेहतर उपकरण और कई अन्य सॉर्स के जरिए आय बढ़ाने में मदद करते है.

एफपीओ लघु और सीमांत किसानों का एक समूह होगा, जिससे उससे जुड़े किसानों को न सिर्फ अपनी उपज का बाजार मिलेगा बल्कि खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण आदि खरीदना आसान होगा. सेवाएं सस्ती मिलेंगी और बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी.

अगर अकेला किसान अपनी पैदावार बेचने जाता है, तो उसका मुनाफा बिचौलियों को मिलता है. एफपीओ सिस्टम में किसान को उसके उत्पाद के भाव अच्छे मिलते हैं, क्योंकि बारगेनिंग कलेक्टिव होगी.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक ये 10,000 नए एफपीओ 2019-20 से लेकर 2023-24 तक बनाए जाएंगे. इससे किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ेगी.

सवाल- FPO के क्या फायदे होते है?
जवाब- छोटे और सीमांत किसानों की संख्या लगभग 86 फीसदी है, जिनके पास देश में 1.1 हेक्टेयर से कम औसत खेती है. इन छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों को कृषि उत्पादन के दौरान भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इन किसानों को अपनी आर्थिक कमजोरी के कारण अपने उत्पादों की मार्केटिंग की चुनौती का भी सामना करना पड़ता है.

बयान में कहा गया है कि FPO से छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों के सामूहीकरण में सहायता होगी ताकि इन मुद्दों से निपटने में किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ सकें. एफपीओ के सदस्य संगठन के तहत अपनी गतिविधियों का प्रबंधन कर सकेंगे ताकि प्रौद्योगिकी, निवेश, वित्त और बाजार तक बेहतर पहुंच हो सके और उनकी आमदनी तेजी से बढ़ सके.

 

सवाल- कैसे मिलेंगे 15 लाख रुपये (What are Farmer Producer Organisations)?
जवाब-
राष्ट्रीय किसान महासंघ के संस्थापक सदस्य विनोद आनंद ने बताया कि सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने एफपीओ बनाने के लिए जाने माने अर्थशास्त्री डॉ वाईके अलघ के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई थी. इसके तहत कम से 11 किसान संगठित होकर अपनी एग्रीकल्चर कंपनी या संगठन बना सकते हैं. मोदी सरकार जो 15 लाख रुपये देने की बात कर रही है उसका फायदा कंपनी का काम देखकर तीन साल में दिया जाएगा.

हर उत्पादक संगठन को 15 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी


सवाल- सरकार इसे कैसे आगे बढ़ाएगी?
जवाब- सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शुरुआत में इसको को एक बिजनेस यूनिट चलाएगी. इन बि​जनेस यूनिट की जो भी कमाई होगी, उसे किसानों के बीच बांटा जाएगा. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केट में जैसे किसी कंपनी के पास अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम होते हैं, वैसे ही इन एफपीओ के पास भी कार्यक्रम होगा. एक अन्य अधिकारी के हवाले से लिखा गया है कि राज्य सरकारों, नाबार्ड, स्मॉल फार्मर्स एग्री बिजनेस कंसोर्टियम (SFAC) के साथ मिलकर काम करेंगे. मौजूदा समय में कुल 822 ऐसे एफपीओ हैं, जिन्हें SFAC ने प्रमोट किया है, ज​बकि 2,154 FPO को नाबार्ड ने प्रमोट किया है.

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First published: February 29, 2020, 2:00 PM IST
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