मोदी सरकार ने 1.5 करोड़ किसानों को दिया तोहफा! अब सस्ते में मिलेगा 3 लाख रुपये तक का लोन

मोदी सरकार ने 1.5 करोड़ किसानों को दिया तोहफा! अब सस्ते में मिलेगा 3 लाख रुपये तक का लोन
कृषि मंत्रालय ने अब इस पैकेज को धरातल पर पहुंचाने का रोड मैप भी बना लिया है.

नरेंद्र मोदी सरकार (Government of India) 1.5 करोड़ डेयरी किसानों (Dairy Farmers in India) को सबसे सस्ता लोन देने के लिए देश भर में अगले दो महीने तक विशेष अभियान चलाएगी

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नई दिल्ली. मोदी सरकार (Government of India) ने खेती की तरह ही पशुपालन पर भी जोर देना शुरू कर दिया है. लॉकडाउन (Lockdown) में इन दोनों का काम अन्य क्षेत्रों से बेहतर रहा है. ऐसे में अब सरकार डेयरी किसानों (Dairy Farmers) को भी 4 फीसदी के ब्याज पर 3 लाख रुपये तक का लोन देने का प्लान बना रही है. सरकार की कोशिश है कि डेयरी से जुड़े किसान किसी साहूकार की बजाय सरकार से सस्ते दरों पर कर्ज लेकर अपना काम आगे बढ़ाएं. इसलिए अगले दो माह में वो कम से कम 1.5 करोड़ डेयरी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC-kisan credit card) देना चाहती है. इसके लिए अभियान 31 जुलाई तक चलेगा.

अब मिलेगा 3 लाख रुपये का लोन- डेयरी सहकारिता अभियान के तहत, देश के लगभग 1.7 करोड़ किसान 230 मिल्क यूनियनों के साथ जुड़े हुए हैं. पहले डेयरी सेक्टर को केसीसी पर 2 लाख रुपये मिलते रहे हैं. लेकिन अब यह फैसला लिया गया है कि ये किसान अपनी केसीसी लोन की लिमिट को बढ़ा सकते हैं. ब्याज छूट 3 लाख रुपये तक ही मिलेगी.

मालूम हो कि बैंक 9 फीसदी पर कृषि कर्ज देते हैं. जिसमें 2 फीसदी सरकार छूट देती है. अगर समय से पैसा अदा कर दिया जाए तो तीन फीसदी और छूट मिलती है.



इससे किसानों को कितना फायदा होगा?
इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आणंद (IRMA) गुजरात में वर्गीज कुरियन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सलाहकार संदीप दास कहते हैं कि यह अच्छी बात है कि सरकार खेती के साथ-साथ अब डेयरी सेक्टर से जुड़े लोगों की जरूरतों को भी समझने लगी है.

इन्हें सस्ता लोन मिलने से इस सेक्टर में निवेश और रोजगार बढ़ेगा. इस क्षेत्र से करीब 7 करोड़ लोगों की जीविका चलती है, जिनमें ज्यादातर भूमिहीन लोग हैं.

पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने केसीसी बनाने के अभियान को मिशन के रूप में लागू करने के लिए वित्‍तीय सेवा विभाग के साथ मिलकर सभी स्टेट मिल्क यूनियन को पहले ही जानकारी दे चुका है.

इस अभियान के पहले चरण में, उन सभी किसानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है जो डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य हैं. विभिन्न दुग्‍ध संघों से जुड़े हैं और जिनके पास केसीसी नहीं है.

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