Farmers Protest: एमएसपी से कैसे मिलेगा देश के सभी किसानों को लाभ?

नए कृषि कानूनों का विरोध जारी है. (फोटो: AP)

नए कृषि कानूनों का विरोध जारी है. (फोटो: AP)

कृषि कानून (Farm Act-2020) के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच जानिए क्यों एमएसपी को किसानों का कानूनी अधिकार बनाने की मांग हो रही है? एमएसपी कैसे तय होता है, यह किसानों और देश के लिए क्यों जरूरी है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 6, 2020, 11:47 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP- Minimum Support Price) सबसे बड़ा मुद्दा है. सत्ता पक्ष कह रहा है कि उसने एमएसपी से कोई छेड़छाड़ नहीं की है तो किसान संगठन बता रहे हैं कि कैसे नए किसान कानून के जरिए धीरे-धीरे इसे खत्म करने की साजिश हो रही है. इस बीच कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि सिर्फ 6 फीसदी किसान (Farmers) ही एमएसपी वाली व्यवस्था का लाभ ले पाते हैं. इसमें भी बड़े किसान शामिल होते हैं. बाकी बाजार के हवाले हैं. ऐसे में इससे कैसे किसानों का भला होगा.

राष्ट्रीय किसान महासंघ के संस्थापक सदस्य बिनोद आनंद कहते हैं कि एमएसपी को किसानों का लीगल राइट बना दिया जाए. उससे नीचे की खरीद पर कम से कम 3 साल की सजा हो. यह सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों पर लागू हो तो पंजाब (Punjab) और हरियाणा की तरह यूपी (UP) और बिहार जैसे पिछड़े क्षेत्रों का भी भला हो सकता है जहां आमतौर पर एमएसपी से आधे दाम पर किसान अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं. कानून बनने के बाद किसानों को उचित दाम मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा.

ऐसा कानून बनाने में सरकार को क्या दिक्कत है? अगर दिक्कत है तो माना जाना चाहिए कि जो लोग किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं दे रहे हैं उनसे सरकार की साठगांठ है. आईए जानते हैं कि आखिर एमएसपी क्या है, यह कैसे तय होता है और इसे रहना क्यों जरूरी है?

समर्थन मूल्य क्यों?
केंद्र सरकार कृष‍ि लागत और मूल्य आयोग (CACP-Commission for Agricultural Costs and Prices) की सिफारिश पर कुछ फसलों के बुवाई सत्र से पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करती है. इससे किसानों को यह सुनिश्चित किया जाता है कि बाजार में उनकी फसल की कीमतें गिरने के बावजूद सरकार उन्हें तय मूल्य देगी. इसके जरिए सरकार उनका नुकसान कम करने की कोश‍िश करती है.

what is MSP-minimum support price, Agri Bill 2020, Farmers news in hindi, modi government, kisan politics, एमएसपी-न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है, एग्री बिल 2020, किसान समाचार हिंदी, मोदी सरकार, किसान राजनीति
क्यों जरूरी है एमएसपी?


हालांकि, सभी सरकारें किसानों को इसका लाभ नहीं देतीं. इस वक्त बिहार और मध्य प्रदेश में सबसे बुरा हाल है, जहां किसानों को एमएसपी नहीं मिल पा रहा है. वैसे भी शांता कुमार समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि महज 6 फीसदी किसानों को ही एमएसपी का लाभ मिलता है. यानी 94 फीसदी किसान मार्केट पर डिपेंड हैं.



इसे भी पढ़ें:  नए कृषि कानून में सरकार ने छीन लिया है किसानों के कोर्ट जाने का अधिकार

एमएसपी तय करने का आधार

कृष‍ि लागत और मूल्य आयोग न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश करता है. वह कुछ बातों को ध्यान में रखकर दाम तय किया जाता है.

- उत्पाद की लागत क्या है.

- फसल में लगने वाली चीजों के दाम में कितना बदलाव आया है.

- बाजार में मौजूदा कीमतों का रुख.

- मांग और आपूर्ति की स्थ‍िति.

-राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्थ‍ितियां कैसी हैं.

what is MSP-minimum support price, Agri Bill 2020, Farmers news in hindi, modi government, kisan politics, एमएसपी-न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है, एग्री बिल 2020, किसान समाचार हिंदी, मोदी सरकार, किसान राजनीति
क्या सच में न्यूनतम समर्थन मूल्य से भाग रही है सरकार?


फसल लागत नि‍कालने के फार्मूले

ए-2: कि‍सान की ओर से किया गया सभी तरह का भुगतान चाहे वो कैश में हो या कि‍सी वस्‍तु की शक्‍ल में, बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरों की मजदूरी, ईंधन, सिंचाई का खर्च जोड़ा जाता है.

ए2+एफएल: इसमें ए2 के अलावा परि‍वार के सदस्‍यों द्वारा खेती में की गई मेहतन का मेहनताना भी जोड़ा जाता है.

सी-2 (Comprehensive Cost): यह लागत ए2+एफएल के ऊपर होती है. लागत जानने का यह फार्मूला किसानों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इसमें उस जमीन की कीमत (इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर कॉस्‍ट) भी जोड़ी जाती है जिसमें फसल उगाई गई. इसमें जमीन का कि‍राया व जमीन तथा खेतीबाड़ी के काम में लगी स्‍थायी पूंजी पर ब्‍याज को भी शामि‍ल कि‍या जाता है. इसमें कुल कृषि पूंजी पर लगने वाला ब्याज भी शामिल किया जाता है.

what is MSP-minimum support price, Agri Bill 2020, Farmers news in hindi, modi government, kisan politics, एमएसपी-न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है, एग्री बिल 2020, किसान समाचार हिंदी, मोदी सरकार, किसान राजनीति
क्यों जरूरी है न्यूनतम समर्थन मूल्य?


इसे भी पढ़ें: सरकार किसानों से जो वादा कर रही है उसे एक्ट में लिखने से परहेज क्यों?

सरकार का दावा सी-2 फार्मूले पर मिल रहा एमएसपी

डबलिंग फार्मर्स इनकम कमेटी (DFI) के सदस्य विजय पाल तोमर ने न्यूज18 हिंदी से बातचीत में दावा किया कि सरकार सी2+50 प्रतिशत फार्मूले से ही फसलों का एमएसपी दे रही है. स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को मोदी सरकार ने 2018 में लागू किया था. जबकि राष्ट्रीय किसान आयोग के प्रथम अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री रहे सोमपाल शास्त्री (Sompal Shastri) के मुताबिक केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को उसकी मूल भावना के साथ लागू नहीं किया है. वो सी2+50 प्रतिशत फार्मूले से एमएसपी नहीं दे रही.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज