KCC: मोदी सरकार अब किसानों को बिना गारंटी देगी 1.60 लाख रुपये का लोन

वहीं दूसरी ओर धान खरीदी केंद्र के प्रभारी सरकारी नियम और कानून का हवाला देते दिखाई दे रहे हैं.  (File Photo)

वहीं दूसरी ओर धान खरीदी केंद्र के प्रभारी सरकारी नियम और कानून का हवाला देते दिखाई दे रहे हैं. (File Photo)

देश के किसानों को अब बिना गारंटी के ही 1.60 लाख रुपए का लोन मिलेगा. मोदी सरकार ने लोन लेना आसान कर दिया है. कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि यह लोन किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए मिलेगा.

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  • Last Updated: December 19, 2019, 2:41 PM IST
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नई दिल्ली. देश के किसानों को अब खेती-किसानी के लिए बिना गारंटी के ही 1.60 लाख रुपए का लोन मिलेगा. पहले यह सीमा सिर्फ 1 लाख रुपये तक ही थी. अब सरकार ने लोन लेना भी आसान कर दिया है. कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि यह लोन किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए मिलेगा. हम खुशहाल किसान और समृद्ध भारत बनाना चाहते हैं. सरकार बिना गारंटी लोन इसलिए से रही है ताकि वे साहूकारों के चंगुल में न फंसे. चौधरी ने बताया कि समय पर भुगतान करने पर 3 लाख रुपए की सीमा तक किसानों को 4 फीसदी के ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा. बैंकों को कहा गया है कि लोन के लिए आवेदन जमा करने के 15 दिन के अंदर केसीसी जारी करें. केसीसी पर बैंकों के सभी प्रोसेसिंग चार्ज खत्म कर दिए गए हैं. पशुपालन एवं मत्स्यपालक किसानों को को भी केसीसी के तहत 2 लाख रुपए तक का कर्ज देने की सुविधा दी गई है.

देश में अभी मुश्किल से 7 करोड़ किसानों के पास ही किसान क्रेडिट कार्ड है, जबकि किसान परिवार 14.5 करोड़ हैं. ऐसा इसलिए है कि बैंकों ने इसके लिए प्रक्रिया बहुत जटिल की हुई है, ताकि किसानों को कम से कम कर्ज देना पड़े.

समय पर भुगतान करने पर सिर्फ 4 फीसदी पर मिलता है लोन



दूसरी ओर, सरकार की मंशा इसके उलट है. उसके सामने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का बड़ा लक्ष्य है. इसलिए वो चाहती है कि किसान बैंकों से सस्ते ब्याज दर पर लोन लेकर खेती करें न कि साहूकारों के जाल में फंसकर आत्महत्या. इसलिए सरकार ने बैंकों से केसीसी बनवाने के लिए लगने वाली फीस खत्म करवा ली है.
कैसे बनेगा किसान क्रेडिट कार्ड- सरकारी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गांवों में जो कैंप लगाए जाएंगे उनमें किसान से पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जमीन का रिकॉर्ड और फोटो देनी होगी. इतने में ही बैंक को केसीसी बनाना पड़ेगा.

जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी गांवों में कैंप लगाने का कार्यक्रम बनाएगी, जबकि राज्य स्तरीय कमेटी इसकी निगरानी करेगी. इसमें सबसे बड़ी भूमिका जिलों के लीड बैंक मैनेजरों की तय की गई है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में जानकारी दी है कि अब बैंकों को आवेदन के 15 दिन में ही किसान क्रेडिट कार्ड बनाना पड़ेगा.

किसानों को मिलती है बड़ी छूट- खेती-किसानी के लिए ब्याजदर वैसे तो 9 फीसदी है. लेकिन सरकार इसमें 2 परसेंट की सब्सिडी देती है. इस तरह यह 7 फीसदी पड़ता है. लेकिन समय पर लौटा देने पर 3 फीसदी और छूट मिल जाती है. इस तरह इसकी दर ईमानदार किसानों के लिए मात्र 4 फीसदी रह जाती है. कोई भी साहूकार इतनी सस्ती दर पर किसी को कर्ज नहीं दे सकता. इसलिए अगर आपको खेती-किसानी के लिए कर्ज चाहिए तो बैंक जाइए और किसान क्रेडिट कार्ड बनवाईए. आपको 3 लाख रुपये तक का लोन मिल जाएगा.

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