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टोल प्लाजा पर अधिक देरी के लिए रहें तैयार, फास्टैग की वजह से इतना बढ़ा वेटिंग टाइम

News18Hindi
Updated: January 17, 2020, 7:09 PM IST
टोल प्लाजा पर अधिक देरी के लिए रहें तैयार, फास्टैग की वजह से इतना बढ़ा वेटिंग टाइम
फास्टैग की वजह से टोल प्लाजा पर वाहनों का वेटिंग टाइम बढ़ गया है.

देशभर में 488 टोल प्लाजा को मॉनिटर करने वाली केंद्रीय टोल प्लाजा ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम का कहना है फास्टैग की वजह से टोल प्लाजा पर गाड़ियों के रुकने का औसत समय बढ़ गया है.

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  • Last Updated: January 17, 2020, 7:09 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) के टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर फास्टैग की सुविधा लागू किए जाने के बाद अब सामने आ रहा है कि इससे टोल प्लाजा पर औसत वेटिंग समय पहले से बढ़ गया है. टोल प्लाजा पर जिन कारणों से फास्टैग (FASTag) की सुविधा को अनिवार्य किया गया था, उसमें पेमेंट के लिए वाहनों की वेटिंग समय को कम करना भी एक कारण था. हालांकि, सेंट्रल टोल प्लाजा ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम द्वारा जारी आंकड़ों पर ध्यान दिया जाए तो पता चलता है कि टोल प्लाजा पर वाहनों का वेटिंग समय पहले से बढ़ गया है.

कितना बढ़ा टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने का समय
टोल प्लाजा पर वाहनों के ​रुकने का औसत समय 29 फीसदी तक बढ़ गया है. इस दौरान टोल प्लाजा पर कुल रकम का 60 फीसदी हिस्सा फास्टैग के जरिए वसूला गया है. हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. देशभर के कुल 488 टोल प्लाजा को मॉनिटर करने वाली केंद्रीय टोल प्लाजा ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम के मुताबिक, 15 नवंबर 2019 से लेकर 14 दिसंबर 2019 के बीच वाहनों के रुकने का औसत समय 7 मिनट 44 सेकेंड्स रहा है. फास्टैग लागू करने की पहली डेडलाइन 15 दिसंबर 2019 थी. 15 दिसंबर 2019 से लेकर 14 जनवरी 2020 के बीच वाहनों के रुकने का औसत समय बढ़कर 9 मिनट 57 सेकेंड्स हो गया है.

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हर रोज देशभर के टोल प्लाजा से गुजरती हैं 60 लाख गाड़ियां
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर माह में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने ऐलान किया था कि दिसंबर 2019 से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों पर फास्टैग लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा. हालांकि, इसके कई बाद इसकी डेडलाइन को आगे भी बढ़ाया जा चुका है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हर रोज देशभर के टोल प्लाजा से करीब 60 लाख गाड़ियां गुजरती हैं.क्या होता है फास्टैग
फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक (Electronic Toll Collection) है जो नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर उपलब्ध है. यह तकनीक रेडियो ​फ्रिक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन (RFID) के प्रिंसिपल पर काम करती है. इस टैग को वाहन के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है ताकि टोल प्लाजा पर मौजूद सेंसर इसे रीड कर सके. जब कोई वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरता है तो ऑटोमैटिक रूप से टोल चार्ज कट जाता है. इसके लिए वाहनों को रुकना नहीं पड़ता है. एक बार जारी किया गया फास्टैग 5 साल के लिए एक्टिवेट रहता है. इसे बस समय पर रिचार्ज करना पड़ता है.

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First published: January 17, 2020, 6:45 PM IST
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