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1 दिसबंर से पहले कार पर क्यों जरूरी है फास्टैग लगवाना, यहां जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब

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Updated: November 29, 2019, 9:14 AM IST
1 दिसबंर से पहले कार पर क्यों जरूरी है फास्टैग लगवाना, यहां जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब
1 दिसंबर 2019 से नेशनल हाईवे (National Highway) के टोल प्लाजा (Toll Plaza) से गुजरने वाले सभी वाहनों पर फास्टैग (Fastag) लगाना अनिवार्य हो जाएगा.

केन्द्र सरकार (Central Government) आगामी 1 दिसंबर से नेशनल हाईवे (National Highway) पर गुजरने वाली सभी गाड़ियों पर फास्टैग (Fastag) लगाना अनिवार्य कर देगी. इससे जुड़े कई सवालों के बारे में जानना जरूरी है.

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  • Last Updated: November 29, 2019, 9:14 AM IST
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नई दिल्ली. 1 दिसंबर 2019 से नेशनल हाईवे (National Highway) के टोल प्लाजा (Toll Plaza) से गुजरने वाले सभी वाहनों पर फास्टैग (Fastag) लगाना अनिवार्य हो जाएगा. इस नियम को सरकार इसलिए लागू करने जा रही है ताकि हाईवे (National Highway) पर यात्रा करने वाले लोगों को लंबी लाइनों से परेशान न होना पड़े. साथ ही, ईंधन की बचत भी की जा सके. फास्टैग के इस्तेमाल से वाहनों के चलने से होने वाले प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी. लेकिन, फास्टैग (Fastag) से जुड़े आपके मन में कई सवाल होंगे.

>> फास्टैग, रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडिफिकेशन टेक्नोलॉजी पर आधारित एक टैग है.
>> यह गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है.
>> टोल प्लाजा पर लगी डिवाइस टैग को रीड कर लेती है और टोल गेट खुद-ब-खुद खुल जाता है.

>> टोल बूथ से होकर गुजरते समय रुककर टोल टैक्स देने की आवश्यकता नहीं होती है.
>> यूजर के टैग खाते से होने वाले सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस से मिलती है.


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आइए जानते हैं फास्टैग से जुड़े सवालों के जवाब-

(1) सवाल- क्या है फास्टैग और यह कैसे काम करता है ?
जवाब- यह इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक (Electronic Toll Collection) है जो नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर उपलब्ध है. यह तकनीक रेडियो ​फ्रिक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन (RFID) के प्रिंसिपल पर काम करता है. इस टैग को वाहन के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है ताकि टोल प्लाजा पर मौजूद सेंसर इसे रीड कर सके. जब कोई वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरती है तो ऑटोमैटिक रूप से टोल चार्ज कट जाता है. इसके लिए वाहनों को रुकना नहीं पड़ता है. एक बार जारी किया गया फास्टैग 5 साल के लिए एक्टिवेट रहता है. इसे बस समय पर रिचार्ज करना पड़ता है.

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(2) सवाल-कहां से खरीद सकते हैं फास्टैग?
जवाब- फास्टैग खरीदना बड़ा ही आसान है. नई गाड़ी खरीदते समय ही डीलर से आप फास्टैग प्राप्त कर सकते हैं. वहीं, पुरानी वाहनों के लिए इसे नेशनल हाईवे के प्वाइंट ऑफ सेल से खरीदा जा सकता है. इसके अलावा फास्टैग को प्राइवेट सेक्टर के बैंकों से भी खरीद सकते हैं. इनका टाईअप नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से होता है. इनमें सिंडिकेट बैंक, Axis बैंक, IDFC बैंक, HDFC बैंक, SBI बैंक, और ICICI बैंक से प्राप्त कर सकते है. आप चाहें तो Paytm से भी फास्टैग खरीद सकते हैं.



(3) सवाल-फास्टैग खरीदते समय इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
जवाब- अगर आप किसी प्वाइंट ऑफ सेल (POS) से फास्टैग खरीद रहे हैं तो आप कुछ डॉक्युमेंट्स देने होंगे. आपको इन डॉक्युमेन्ट्स की ओरिजिनल कॉपी भी साथ में ले जानी होगी ताकि वेरिफाई किया जा सके. इनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी, वाहन मालिक का पासपोर्ट साइज फोटो और केवाईसी डॉक्युमेन्ट्स होना चाहिए. इनमें आप ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड या आधार कार्ड शामिल हो सकता है. डॉक्युमेंट्स की जरूरतें इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपका वाहन प्राइवेट या कमर्शियल है.

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(4) सवाल- पैसे खत्म होने के बाद इसे कैसे रिचार्ज कराते है?

जवाब- सबसे पहले तो फास्टैग के लिए आपको प्लास्टिक कवरिंग उतारकर इसे वाहन के विंड स्क्रीन पर लगाना होगा. पहली बार इस्तेमाल कर रहे यूजर्स को इसे अपने ऑनलाइन वॉलेट से लिंक करना होगा. इसके लिए उन्हें उस बैंक के वेबसाइट पर जाना होगा जिनसे फास्टैग खरीदा गया है. उसके बाद दिए गए स्टेप को फॉलो करने के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है. इस वॉलेट को ऑनलाइन रिचार्ज किया जा सकता है. फास्टैग अकाउंट से हर बार पैसे कटने के बाद इसका एक एसएमएस अलर्ट भी आएगा.


(5) सवाल- फास्टैग से मुझे क्या फायदा होगा?
फास्टैग इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा फायदा यह है टोल प्लाजा पर लंबी लाइने नहीं लगानी पड़ती है. साथ ही पेमेंट की सहूलियत की वजह से किसी को नकदी साथ में रखने की जरूरत नहीं होती. टोल प्लाजा पर पेपर का इस्तेमाल भी कम होता है. लेन में वाहनों की लंबी लाइने कम होने की वजह से प्रदूषण भी कम होता है. फास्टैग के इस्तेमाल पर कई तरह का कैशबैक और अन्य ऑफर भी मिलता है.

(6) सवाल- फास्टैग कैसे काम करता है?
जवाब- फास्टैग एक वाहन की विंडस्क्रीन से जुड़ा हुआ एक स्टीकर जैसा उपकरण है. यह रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर आधारित है. इससे चल रही गाड़ी के टोल बूथ से गुजरते ही अपने आप ही रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा. टोल टैक्स बैंक खाते से काट लिया जाता है जो कि फास्टेग से जुड़ा हुआ है. इस वजह से ड्राइवर को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ता. NHAI डिजिटल टोल पेमेंट के लिए यूजर्स को डिस्काउंट देता रहा है.

(7) सवाल- अगर फास्टैग नहीं लगवाया तो क्या होगा?
जवाब- देश के बड़े शहरों में टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ पर काबू करने के लिए सरकार नई योजना बनाई है. सरकार चाहती है कि टोल पर से गुजरने वाले नकद भुगतान में कमी कर फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग का इस्तेमाल करें. कैश टोल कलेक्शन के चलन से टोल प्लाजा पर भीड़ बढ़ती है और उसके लिए वहां रुकने वाली गाड़ियों से प्रदूषण बढ़ता है. साथ ही कई बार इस वजह से जाम भी लगता है. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि जो भी कोई फास्टैग नहीं लगवाएं उसे डबल टोल का भुगतान करना होगा.

(8) सवाल- क्या भारत ही पहला देश है जहां पर फास्टैग का इस्तेमाल हो रहा है?
जवाब- यूरोप, अमेरिका समेत कई देशों में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल होता आया है. लोग फर्राटे के साथ टोल प्लाजा पर बिना किसी रुकावट के पार हो जाते हैं.

(9) फास्टैग से जुड़ी दिक्कतें कैसे दूर होंगी?
जवाब-फास्टैग से जुड़ी कई दिक्कतें जैसे फास्टैग का ठीक से स्कैन ना होना, फास्ट टैग का डैमेज या टूटने पर या फिर अकाउंट में पैसा होने पर टोल नहीं दे पाने जैसी दिक्कतों को आप एक फोन कॉल के जरिये सुलझा सकते हैं. नेशनल हाईवे ऑथोरिटी के नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करके, या फिर हाईवे ऑथोरिटी की वेबसाइट www.ihmcl.com या MyFastTag मोबाइल ऐप के जरिये फास्टैग से जुड़ी दिक़्क़तों को दूर कर सकते हैं.

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First published: November 23, 2019, 10:15 AM IST
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