चीन को महंगा पड़ा भारत से पंगा लेना! पिछले 3 साल में घटा चीनी कंपनियों का निवेश

चीन को महंगा पड़ा भारत से पंगा लेना! पिछले 3 साल में घटा चीनी कंपनियों का निवेश
पिछले 3 साल में चीन से आने वाला FDI लगातार कम हुआ है. (File Photo)

चीनी से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में पिछले तीन साल के दौरान लगातार गिरावट आई है. वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी है. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि SDRF के तहत राज्यों को अप्रैल के पहले सप्ताह में ही केंद्र का योगदान जारी कर दिया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 14, 2020, 7:18 PM IST
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नई दिल्ली. बीते 3 साल में चीन से भारत आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI Inflow from China) में लगातार गिरावट दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2019-20 में यह कम होकर 163.77 मिलियन डॉलर पर आ चुका है. वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Mos Finance, Anurag Singh Thakur) ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी. चीनी कंपनियों द्वारा देश में आने वाले FDI के बारे में जानकारी देते हुए ठाकुर ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में यह 350 मिलियन डॉलर था. इसके अगले साल भी यह कम होकर 229 मिलियन डॉलर रहा है. मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में इस बारे में लिखित जानकारी दी गई.

भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण पर रोक
आउटफ्लो पर उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में यह 20.63 मिलियन डॉलर रहा है. जबकि इसके पहले साल में यह 27.57​ मिलियन डॉलर रहा था. उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण को लेकर सरकार ने इस साल के शुरुआत में प्रेस नोट 3 जारी किया था.


प्रेस नोट 3 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, 'कोई भी गैर-प्रवासी इकाई भारत में निवेश कर सकती है. लेकिन यह एफडीआई नीति (FDI Policy) के आधार पर ही होगा. इसमें कुछ सेक्टर या गतिविधियों पर प्रतिबंध है. हालांकि, भारत से बॉर्डर साझा करने वाले देशों या भारत में निवेश से लाभ प्राप्त करने वाली कोई व्यक्ति या इकाई को सरकार के जरिये ही निवेश करना होगा.'



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​प्रतिबंध सेक्टर में विदेशी निवेश नहीं
उन्होंने आगे कहा, 'पाकिस्तान का कोई नागरिक या कोई इकाई भी सरकारी रूट के जरिये ही निवेश करेगी. इसमें रक्षा, स्पेस, एटॉमिक एनर्जी समेत कुछ अन्य सेक्टर या गतिविधियां शामिल नहीं होंगी. इनमें विदेशी निवेश पर प्रतिबंध है.'

केंद्र ने राज्यों को जारी किया आपदा योगदान
एक अन्य सवाल के जवाब में ठाकुर ने कहा कि व्यय विभाग ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) में केंद्र सरकार द्वारा किये गये योगदान के बारे में जानकारी दी है. जिन राज्यों को केंद्र की तरफ से योगदान दिया गया है, उसमें महाराष्ट्र भी शामिल है. महामारी को देखते हुए अप्रैल के पहले सप्ताह में ही इसे जारी कर दिया गया था.

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राज्यों को उधार लेने के लिए नियमों में छूट
इसके अलावा राज्यों को अतिरिक्त रिसोर्सेज मुहैया कराने के लिए फिस्कल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट एक्ट (FRBM) के तहत राज्यों के ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) के आधार पर 3 फीसदी की छूट दी गई थी. वित्त वर्ष 2020-21 में राज्य अपने जीएसडीपी का 2 फीसदी ​अतिरिक्त उधार ले सकते हैं.
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