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FDI के मामले में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड, 83.57 अरब डॉलर का आया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

FY22 में 83.57 अरब डालर के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा एफडीआई

FY22 में 83.57 अरब डालर के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा एफडीआई

वाणिज्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को एफडीआई के आंकड़े जारी किए गए. आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में भारत ने 83.57 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया. यह अब तक का नया रिकॉर्ड है. किसी भी वित्त वर्ष में अभी तक इतना एफडीआई नहीं आया था.

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नई दिल्ली. दुनियाभर के निवेशकों के लिए भारत निवेश का पसंदीदा स्थल बन चुका है. यहां का बड़ा बाजार न सिर्फ उन्हें आकर्षित करता है, बल्कि अर्थव्यवस्था में बेहतर ग्रोथ की संभावना भी उन्हें यहां निवेश के लिए प्रेरित करती है. यही वजह है कि महामारी के बावजूद भारत में विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2021-22 में तो देश में रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेश निवेश यानी एफडीआई (FDI) आया.

वाणिज्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को एफडीआई के आंकड़े जारी किए गए. आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में भारत ने 83.57 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया. यह अब तक का नया रिकॉर्ड है. किसी भी वित्त वर्ष में अभी तक इतना एफडीआई नहीं आया था.

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विनिर्माण क्षेत्र सबसे ज्यादा बढ़ा एफडीआई
मंत्रालय की ओर जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में 83.57 अरब अमेरिकी डॉलर की अब तक की सर्वाधिक सालाना एफडीआई आवक दर्ज की है.’’ इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 में  81.97 अरब डॉलर का एफडीआई आया था. मंत्रालय ने कहा है, ‘‘भारत विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए एक पसंदीदा देश के रूप में तेजी से उभर रहा है.’’ विनिर्माण क्षेत्र के एफडीआई में 76 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है. 2020-21 के 12.09 अरब डॉलर की तुलना में 2021-22 में इस क्षेत्र ने 21.34 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया है.

सिंगापुर पहले नंबर पर
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, प्रमुख निवेशक देशों के मामले में सिंगापुर पहले स्थान पर है. कुल एफडीआई में 27 फीसदी सिंगापुर से आया है. इसके बाद दूसरे नंबर पर अमेरिका और तीसरे नंबर पर मॉरीशस मौजूद है.  अमेरिका से 18 फीसदी और मॉरीशस से 16 फीसदी विदेश निवेश हुआ है.

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वाणिज्य मंत्रालय ने बताया है कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर क्षेत्र में सबसे ज्यादा विदेश निवेश आया है.  इसके बाद सेवा क्षेत्र और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का स्थान है. पिछले 20 साल में भारत में एफडीआई की रफ्तार बहुत तेज रही है. इस दौरान एफडीआई में 20 गुना बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2003-04 में देश में 4.3 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेश निवेश हुआ था.

Tags: Business news in hindi, Fdi, Foreign investment, IT industry

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