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US Fed मई में बढ़ा सकता है आधा फीसदी ब्याज दर, भारतीय बाजारों पर क्या होगा इसका असर?

 बढ़ती महंगाई की चिंताओं की वजह से यूएस फेड प्रमुख ने मई में ब्याज दरों में 50 बीपीएस बढ़ोतरी की चेतावनी दी है.

बढ़ती महंगाई की चिंताओं की वजह से यूएस फेड प्रमुख ने मई में ब्याज दरों में 50 बीपीएस बढ़ोतरी की चेतावनी दी है.

फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि मई में केंद्रीय बैंक की बैठक में 50 बीपीएस प्वाइंट यानी आधा फीसदी बढ़ोतरी टेबल पर ...अधिक पढ़ें

Market Update : बढ़ती महंगाई की चिंताओं की वजह से यूएस फेड प्रमुख ने मई में ब्याज दरों में 50 बीपीएस यानी आधे फीसदी की बढ़ोतरी की चेतावनी दी है. इस वजह से ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट खराब होने के साथ ही भारतीय बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी 1% से अधिक गिर गए. फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि मई में केंद्रीय बैंक की बैठक में 50 बीपीएस प्वाइंट बढ़ोतरी टेबल पर होगी. साथ ही आगे इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है.

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने फेड प्रमुख की कल की टिप्पणी पर कहा कि ब्याज दर में मई में आधा फीसदी यानी 50 बीपीएस की बढ़ोतरी संभव है. ‘मुद्रास्फीति पर नियंत्रण बिल्कुल जरूरी हो गया है’ ने 10 साल के बॉन्ड यील्ड को 2.9 से ऊपर धकेल दिया है. फलस्वरूप दुनियाभर के इक्विटी बाजार प्रभावित हो रहे हैं.

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इस फैसले का पहले से अनुमान

उन्होंने कहा, “लेकिन इस प्रभाव के अस्थायी होने की संभावना ज्यादा है क्योंकि बाजार पहले ही फेड के इस फैसले का अनुमान लगाकर चल रहे हैं. उन्होंने बिना किसी स्पष्ट दिशा के भारतीय बाजारों में अत्यधिक अस्थिरता के लिए दो कारकों को जिम्मेदार ठहराया: एक, बाहरी और दूसरा, आंतरिक. “बाहरी कारक अमेरिका के मदर मार्केट में अनिश्चित गति है, जहां एसएंडपी 500 और नैस्डैक एक दिन में लगभग 2% ऊपर जाते हैं और अगले दिन लगभग 2% नीचे आते हैं. बाजार को प्रभावित करने वाला आंतरिक कारक एफआईआई और डीआईआई के बीच खरीदारी-बिकवाली का संघर्ष है. ये दोनों बाहरी और आंतरिक कारक अनिश्चित हैं और इसलिए बाजार बिना किसी दिशा के अस्थिर है.

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निवेश रणनीति के सवाल पर विजय कुमार ने कहा, “उच्च अनिश्चितता के इस समय में निवेशकों को क्या करना चाहिए? बाजार में तेजी से सुधार पर उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक खरीदना और धैर्य के साथ प्रतीक्षा करना”. इस रणनीति के सहारे निवेशक अपनी पूंजी भी बचा पाएंगे और सही जगह निवेश भी कर पाएंगे. इस समय बाजार किस तरफ जाएगा यह कहना मुश्किल काम है.

Tags: BSE Sensex, Federal Reserve meeting, Nifty, Share market, Stock Markets

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