स्वतंत्रता दिवस पर किसानों को मिला तोहफा! इतने रुपये तक सस्ता हुआ खाद

भारत अपना 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस मौके पर उर्वरक कंपनी इफको (IFFCO) ने किसानों को तोहफा दिया है.

News18Hindi
Updated: August 15, 2019, 1:01 PM IST
स्वतंत्रता दिवस पर किसानों को मिला तोहफा! इतने रुपये तक सस्ता हुआ खाद
स्वतंत्रता दिवस पर किसानों को मिला तोहफा!
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Updated: August 15, 2019, 1:01 PM IST
भारत अपना 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस मौके पर उर्वरक कंपनी इफको (IFFCO) ने किसानों को तोहफा दिया है. इफको ने DAP और NPK खाद के दाम में प्रति बोरी 50 रुपये की कटौती की है. आपको बता दें कि हाल में केंद्र की मोदी सरकार ने गैर-यूरिया खादों की कीमतों में स्थिरता के लिए सब्सिडी बढ़ा दी है. इससे सरकारी खजाने पर कुल 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भार पड़ेगा. पोषक तत्वों से भरपूर खाद की उपलब्धता रियायती दरों पर सुनिश्चित करने, कृषि की लागत घटाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के मकसद से सरकार ने यह कदम उठाया है.

सस्ते हुए रासायनिक उर्वरक-रासायनिक उर्वरक कंपनी इफको ने DAP और NPK उर्वरक के दाम में प्रति बोरी 50 रुपये की कटौती की है. कंपनी इस कटौती को किसानों के लिए तोहफा बता रही है.


नई कीमतें- इफको की ओर से कटौती के बाद अब NPK I के दाम अब 1250 रुपये प्रति बैग से गिरकर

>> 1200 रुपये प्रति बैग पर आ गए है. वहीं, NPK II के दाम अब 1260 रुपये से गिरकर 1210 रुपये प्रति बैग रह गए है.

इफको ने DAP और NPK खाद के दाम में प्रति बोरी 50 रुपये की कटौती की है. (फाइल फोटो)


>> इसी तरह एनपी के दाम 1000 रुपये से कम होकर 950 रुपये पर आ गए है.
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>> इसके अलावा डीएपी के दाम 1300 रुपये से गिरकर 1250 रुपये प्रति बैग आ गए है.

क्या होता है डीएपी- डीएपी का पूरा नाम डाइअमोनियम फॉस्फेट (Di ammonium phosphate) होता है. इस उर्वरक में आधे से ज्यादा मात्रा में फास्फोरस होता है. इसका कुछ हिस्सा पानी में घुलनशील होता है जबकि कुछ हिस्सा मिट्टी में मिल जाता है.

एनपी के दाम 1000 रुपये से कम होकर 950 रुपये पर आ गए है.


>> डीएपी जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ उसे भुरभुरा भी बनाता है जो कि जड़ों को फैलने में मदद करता है. जब जड़ मजबूत होता है तो फसलों में ज्यादा फल लगता है.

क्या है एनपीके- एनपीके उर्वरक में नाइट्रोजन फॉस्फोरस और पोटैशिम मिला होता है. इस उर्वरक का काम होता है पौधे (डंठल) और फलों को मजबूत करना. इस उर्रवरक के प्रयोग से फलों के गिरने की समस्या कम हो जाती है.

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>> दोनों उर्वरक दानेदार होते हैं इस कारण इसका प्रयोग फसलों की बुआई के समय ही किया जाता है जिससे कि पौधों की तना मजबूत हो और जड़ें जमीन में ज्यादा से ज्यादा फैल सके.

 

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First published: August 15, 2019, 12:59 PM IST
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