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उर्वरक पर 1 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की तैयारी में सरकार, क्या सीधे किसानों के खाते में आएंगे पैसे?

फर्टीलाइजर उत्पादन करने वाली कंपनियों पर सब्सिडी का पिछला बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये का था. सरकार ने इसक भुगतान कर दिया है.
फर्टीलाइजर उत्पादन करने वाली कंपनियों पर सब्सिडी का पिछला बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये का था. सरकार ने इसक भुगतान कर दिया है.

केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए उर्वरक पर सब्सिडी के लिए 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला ले सकती है. रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने इस बारे में एक प्रस्ताव रखा है. संभव है कि अगले वित्त वर्ष के फर्टीलाइजर सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जा सकता है.

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नई दिल्ली. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) ने वित्त वर्ष 2021-22 में फर्टिलाइजर सब्सिडी के तौर पर 1 लाख करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा है. इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष से फर्टिलाइजर सब्सिडी उर्वरक का उत्पादन करने वाली कंपनियों के बदले सीधे किसानें को देने की योजना पर काम कर रही है. यानी फर्टिलाइजर सब्सिडी अगले वित्त वर्ष से सीधे देश के 14 करोड़ किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जा सकता है. अभी फर्टिलाइजर सब्सिडी उर्वरक उत्पादन करने वाली कंपनियों को दी जाती है, जो सब्सिडी पर सस्ती कीमतों में किसानों को फर्टिलाइडर बेचते हैं.

केंद्र सरकार ने फर्टिलाइजर उत्पादन करने वाली कंपनियों को सब्सिडी की पिछला 1.36 लाख रुपये के बकाये का भुगतान कर दिया है, जिसमें तीसरे राहत पैकेज के दौरान ऐलान किया गया 65,000 करोड़ रुपये का फर्टिलाइजर सब्सिडी शामिल है. मिंट में छपी खबक के मुताबिक, एग्रीकल्चर सेक्टर में सरकार की प्राथमिकता अगले वित्त वर्ष में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम (DBT scheme) को और विस्तार देने की है. अभी सरकार रिटेल दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) डिवाइस के एकत्र किए गए डेटा के आधार पर फर्टिलाइजर प्रोडेयूसर्स को सब्सिडी देती है. लेकिन अब सीधे किसानों को ही सब्सिडी देने का योजना है.

Fiscal Deficit बढ़ने की संभावना
केंद्र सरकार ने FY2020 में कंपनियों को फर्टिलाइजर सब्सिडी के तौर पर 79,998 करोड़ रुपये दिए. वहीं, FY2019 में यह राशि 70,605 करोड़ रुपये थी. यह केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं पर खर्च की जाने वाली कुल राशि का 10% से 11% है. इस वित्त वर्ष इसके और बढ़ जाने की संभावना है, जिससे सरकार का राजकोषीय घाटा ( fiscal deficit) और बढ़ जाने की संभावना है.
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अभी इस योजना पर हो रही चर्चा
सरकार ने FY19 में (PoS) डिवाइस के एकत्र किए गए डेटा के आधार पर फर्टिलाइजर प्रोडेयूसर्स को सब्सिडी देने में 10,000 करोड़ रुपये की बचत की. सूत्रों ने बताया कि सरकार अभी इस बाक पर चर्चा कर रही है कि कितने और किन किसानों के बैंक अकाउंट में फर्टिलाइजर सब्सिडी सीधे ट्रांसफर की जा सकती है, साख ही किसानें की परिभाषा क्या हो और डायरेक्ट फर्टिलाइजर सब्सिडी ट्रांसफर योजना के प्रैक्टिकल एस्पेक्ट्स क्या हैं.
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