भारत की कोरोना से निपटने की रणनीति रही सफल! FICCI ने कहा-जल्द इकोनॉमी में आएगा सुधार

उद्योग संगठन फिक्‍की के मुताबिक, देश की अर्थव्‍यवस्‍था  में जल्‍द सुधार होगा.
उद्योग संगठन फिक्‍की के मुताबिक, देश की अर्थव्‍यवस्‍था में जल्‍द सुधार होगा.

उद्योग संगठन फिक्‍की (FICCI) ने कहा कि सितंबर 2020 में सुधार के साथ मैन्‍युफैक्‍चरिंग पीएमआई 56.8 और सर्विस सेक्‍टर पीएमआई 49.8 पर पहुंच गए हैं. इसके अलावा ई-वे बिल निकालने की संख्या भी बढ़ी है. प्रमुख जिंसों की माल ढुलाई में सुधार हुआ है. निर्यात (Export) में सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है और सितंबर में वस्‍तु व सेवा कर (GST) का संग्रह काफी हद तक कोविड-19 के पहले के स्तर पर पहुंच गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 9:21 PM IST
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नई दिल्ली. उद्योग संगठन फिक्की (FICCI) का कहना है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए बनाई गई केंद्र सरकार की रणनीति सफल साबित हुई है. इससे देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) जल्द पटरी पर लौटेगी. यही नहीं अब ये ज्‍यादा मजबूती से उभरेगी. फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी ने कहा कि अब कड़े कदम उठाने और आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) के एजेंडा को आगे बढ़ाने का समय आ गया है. उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस फैलने की शुरुआत के समय दुनियाभर की सरकारों में जिंदगी और आर्थिक हालात के बीच संतुलन बैठाने को लेकर असमंजस रहा. ऐसे में भारत सरकार ने सख्त लॉकडाउन लगाया और स्वास्थ्य ढांचे को आगे बढ़ाते हुए लोगों का जीवन बचाने को तव्‍वजो दी. इस रणनीति के सही नतीजे सामने आए हैं.

फिक्‍की अध्‍यक्ष ने कहा, दिखने लगे हैं अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के संकेत
संगीता रेड्डी ने कहा कि बेहतर इलाज, चिकित्सा ढांचे को बेहतर बनाने, पीपीई किट्स की आपूर्ति बढ़ाने पर ध्यान दिया गया. इससे देश में कोविड-19 की वजह से मृत्यु दर को काबू में रखा जा सका. अब आर्थिक मोर्चे पर साहसी कार्रवाई का समय है. हालिया मौद्रिक उपायों से सुनिश्चित हुआ है कि सरकार और नियामक अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे. अब हमें आर्थिक वृद्धि के एजेंडा को तेजी से आगे बढ़ाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं.

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मैन्‍युफैक्‍चरिंग और सर्विस पीएमआई में दर्ज हुआ है काफी सुधार


फिक्‍की की अध्‍यक्ष रेड्डी ने कहा कि सितंबर 2020 में सुधार के साथ मैन्‍युफैक्‍चरिंग पीएमआई 56.8 और सर्विस सेक्‍टर पीएमआई 49.8 पर पहुंच गए हैं. इसके अलावा ई-वे बिल निकालने की संख्या भी बढ़ी है. प्रमुख जिंसों की माल ढुलाई में सुधार हुआ है. निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है और सितंबर में वस्‍तु व सेवा कर (GST) का संग्रह काफी हद तक कोविड-19 के पहले के स्तर पर पहुंच गया है. भारत की आर्थिक ताकत की बुनियाद और जुझारू क्षमता कायम है. सरकार की प्रगतिशील नीतियां, प्रमुख बुनियादी ढांचा विकास योजनाएं और बड़ा उपभोक्ता बाजार सभी वृद्धि की गुंजाइश का संकेत देते हैं.
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