विदेशियों से जानें मोटी कमाई का फार्मूला, इसके जरिए मार्च में 60% ज्यादा निवेश भी किया

मार्च तिमाही में FII ने Nifty50 कंपनियां में बढ़ाई लगभग 60% हिस्सेदारी

मार्च तिमाही में FII ने Nifty50 कंपनियां में बढ़ाई लगभग 60% हिस्सेदारी

भारत से मोटे मुनाफे की आस में विदेशी निवेशक (FII)ऐसे स्टॉक पर दांव लगा रहे है जिनको कोविड-19 से फायदा हो सकता है.

  • Share this:

नई दिल्ली. देश में विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है. इसकी वजह है उनकी भारतीय बाजार से मोटी कमाई की उम्मीद. यही वजह है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII)ने मार्च तिमाही में भारतीय बाजारों में 7.3 बिलियन डॉलर डाले है. हालांकि इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भारतीय बाजारों से 3.2 बिलियन डॉलर निकाले हैं.

संस्थागत निवेशक और फाइनेंसियल एक्सपर्ट मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) के आकंड़ों से पता चलता है कि मार्च तिमाही में तिमाही दर तिमाही आधार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों ने Nifty-50 में शामिल कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी 60 फीसदी तक बढ़ाई है. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs ने Nifty-50 में कंपनियों में इसी अवधि में 62 फीसदी घटाई है.

यह भी पढ़ें : एलटीसी के फाइनल सेटलमेंट के लिए मिली मोहलत, अब इस तारीख तक जमा कर सकते हैं बिल


इन 31 कंपनियों में विदेशियों ने बढ़ाई हिस्सेदारी

10 मई तक विदेशी निवेशकों ने निफ्टी मे शामिल 31 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. जिसमें Tata Steel, Hindalco, UPL, Wipro, ONGC, BPCL, ICICI Bank, Axis Bank SBI और Bajaj Finance शामिल हैं. SBI Life Insurance, UPL, Hindalco, Tata Steel, Power Grid, Grasim, Hero MotoCorp और Cipla ऐस टॉप स्टॉक रहें जिनमें चौथी तिमाही में तिमाही आधार पर एफआईआई की होल्डिंग 1 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने इसी अवधि में BPCL, Bajaj Auto, IndusInd Bank, और SBI Life Insurance तिमाही आधार पर सबसे ज्यादा हिस्सेदारी (करीब 1 फीसदी से ज्यादा) बढ़ाई है.

यह भी पढ़ें : FD रेट्स में इस बैंक ने किया बदलाव, आप भी ज्यादा ब्याज दर का उठा सकते हैं फायदा, जानें सबकुछ




महामारी की बाद तेजी से बाउंसबैक की उम्मीद

FIIs शेयर होल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो पता चलता है कि विदेशी संस्थागत निवेशक उन सेक्टरों में पैसे डाल रहे हैं जहां कोविड-19 संक्रमण से फायदा होने की उम्मीद है. इसके अलावा इनकी उन सेक्टरों और शेयरों पर भी नजर है जिनमें कोविड-19 की स्थिति सुधरने के बाद तेजी से बाउंसबैक देखने को मिल सकता है.

यह भी पढ़ें : Success Story : माता-पिता की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ टीपीए बिजनेस किया, अब 3000 करोड़ का पोर्टफोलियो

टेलीकॉम, मेटल और रियल एस्टेट आदि पर भरोसा

सेक्टर वाइज उपलब्ध आकंड़ो से पता चलता है कि चौथी तिमाही में तिमाही दर तिमाही आधार पर एफआईआई ने Telecom (+130bp), Metals (+100bp), Consumer Durables (+100bp), Real Estate (+80bp), Cement (+60bp), Chemicals (+60bp), Insurance (+50bp), और Healthcare (+40bp) में अपना वेटेज बढ़ाया है जबकि डीआईआई ने तिमाही आधार पर इन सेक्टरों में अपना वेटेज घटाया है.

यह भी पढ़ें :  ड्रीम कार खरीद रहे हैं तो इन पांच बातों का जरूर ध्यान रखें, कीमतों में होगा फायदा 

आईटी और फार्मा जैसे सेक्टरों की तरफ निवेश शिफ्ट होने की संभावना

SSJ Finance & Securities के Atish Matlawala का कहना है कि अगर कोविड-19 की वजह से लागू प्रतिबंध 45 दिन से ज्यादा बढ़ते हैं तो हमें आईटी और फार्मा जैसे एक्सपोर्ट ओरिएंटेड सेक्टरों की तरफ निवेश शिफ्ट होता दिख सकता है. इसके चलते Consumer discretionary पर भी मार पड़ेगी. उन्होंने आगे कहा कि हालांकि कोविड-19 का ये असर अस्थाई होगा औऱ एक बार ग्रोथ लौटने पर हमें एफआईआई, बैंक और मेटल्स में जोरदार निवेश करते दिखेंगे.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज