31 दिसंबर से पहले दाखिल कर दें ITR, जानें ऑफलाइन और ऑनलाइन फाइल करने का पूरा तरीका

ITR भरने के लिए कई अहम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती हैं.
ITR भरने के लिए कई अहम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती हैं.

कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र सरकार (Central Government) कई बार इनकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल (ITR Filing) करने की अवधि आगे बढ़ा चुकी है. अब टैक्‍सपेयर्स (Taxpayers) को 31 दिसंबर 2020 तक आईटीआर फाइल (Deadline) करना है. आइए जानते हैं कि किन-किन तरीकों से कैसे दाखिल किया जा सकता है इनकम टैक्‍स रिर्टन...

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2020, 10:36 PM IST
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नई दिल्‍ली. टैक्‍सपेयर्स के लिए साल का वो समय धीरे-धीरे खत्‍म हो रहा है, जिसमें उन्‍हें सालाना इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल (ITR Filing) करना होता है. केंद्र सरकार (Central Government) कोरोना वायरस को देखते हुए कई बार आईटीआर फाइल करने की अवधि बढ़ा चुकी है. अब इसकी अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2020 है यानी टैक्‍सपेयर्स (Taxpayers) को इससे पहले अपना आईटीआर दाखिल कर देना है. सरकार ने इसकी प्रक्रिया (Filing Process) इतनी आसान कर दी है कि कोई भी टैक्‍सपेयर घर बैठे खुद ही अपना आईटीआर दाखिल कर सकता है. इसके लिए कुछ डॉक्‍युमेंट्स तैयार रखने होते हैं. आइए आईटीआर फाइल करने की ऑफलाइन और ऑनलाइन प्रक्रिया (Offline & Online Process) के बारे में सबकुछ जानते हैं.

इन सभी तरीकों से टैक्‍सपेयर्स दाखिल कर सकते हैं आईटीआर
सभी टैक्सपेयर्स को आईटीआर फाइल करना आवश्‍यक है. आईटीआर ऑफलाइन, ऑनलाइन और सॉफ्टवेयर की मदद से दाखिल किया जा सकता है. इनमें से ऑफलाइन मोड में सभी प्रकार के आईटीआर फॉर्म भरे जा सकते हैं. वहीं, ऑनलाइन आईटीआर सिर्फ फॉर्म-1 और फॉर्म-4 ही भरे जा सकते हैं. अगर टैक्‍सपेयर्स चाहें तो सॉफ्टवेयर की मदद से सभी प्रकार के आईटीआर दाखिल कर सकते हैं. जावा या एक्सेल फॉर्मेट में एप्लिकेबल आईटीआर फॉर्म डाउनलोड कर उसे ऑफलाइन भर सकते हैं. एक्सएमएल जेनेरेट कर उसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन करके अपलोड कर सकते हैं. इस मोड के जरिए सभी प्रकार के आईटीआर फॉर्म भरे जा सकते हैं. ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन कर आईटीआर तैयार कर सबमिट कर दें. हालांकि, ऑनलाइन मोड में सिर्फ फॉर्म-1 और फॉर्म-4 ही फाइल किया जा सकता है.

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ऑफलाइन रिटर्न फाइलिंग के लिए टैक्‍सपेयर अपनाएं ये प्रक्रिया


टैक्‍सपेयर्स अगर ऑफलाइन आईटीआर फाइल करना चाहते हैं तो पहले इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग पोर्टल www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं. इसके बाद इनकम टैक्‍स रिटर्न सॉफ्टवेयर पर क्लिक करें और मेन्यू में जाकर डाउनलोड पर क्लिक करें. फिर अपना असेसमेंट ईयर चुनें और एप्लिकेबल आईटीआर डाउनलोड करें. इसके बाद आईटीआर फॉर्म भरें. टैक्‍सपेयर प्री-फिल्ड एक्सएमएल भी डाउनलोड कर सकते हैं. इसमें कई जानकारियां पहले से ही भरी होंगी. हालांकि, इसके लिए ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉगइन कर माय अकाउंट मेन्यू के तहत डाउनलोड प्री-फिल्ड एक्सएमएल पर क्लिक कर डाउनलोड करना होगा.

आईटीआर फॉर्म में भरी सभी जानकारियों को ऐसे करें वैलिडेट
आईटीआर फॉर्म में भरी गई सभी जानकारी को वैलिडेट करें और टैक्स कैलकुलेट करें. इसके बाद एक्सएमएल को जेनेरेट कर सेव कर लें. ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉगइन करें और ई-फाइल मेन्यू के तहत इनकम टैक्स रिटर्न को सेलेक्ट करें. इसमें पैन पहले से भरा होगा. अपना एसेसमेंट ईयर, आईटीआर फॉर्म नंबर, फाइलिंग टाइप ओरिजिनल या रिवाइज्ड और सबमिशन मोड चुनकर एक्सएमएल अपलोड कर दें. आईटीआर को वेरिफाई करने के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, आधार ओटीपी, माय अकाउंट के तहत जेनेरेट ईवीसी विकल्प के जरिए पहले से ही जेनेरेट किए हुए ईवीसी में से किसी एक विकल्‍प को चुनें. अगर टैक्‍सपेयर आईटीआर को बाद में प्रमाणित करना चाहता है तो रिमाइंडर का ऑप्‍शन दिया हुआ है. अगर आईटीआर ऑनलाइन वेरिफाई नहीं करना चाहते हैं तो बेंगलुरु के इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट को आईटीआर-5 की हस्ताक्षर की हुई कॉपी भेज सकते हैं.

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डीएससी का विकल्‍प चुना है तो अटैच करें डिजिटल सिग्‍नेचर
वेरिफाई करने या नहीं करने के विकल्‍प को चुनने के बाद कंटिन्‍यू (Continue) पर क्लिक करें. अपनी आईटीआर एक्सएमएल फाइल अटैच कर सबमिट पर क्लिक करें. अगर आपने डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का विकल्प चुना है तो डिजिटल सिग्नेचर अटैच करें. आधार ओटीपी सेलेक्ट किया था तो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को भरें. अगर ईवीसी चुना था तो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ईवीसी भरें. अगर ई-वेरिफाई लेटर को चुना है तो आईटीआर तो सबमिट हो चुका है, लेकिन वेरिफाई नहीं हुआ है. अगर आपने ई-वेरिफाई नहीं करने के विकल्‍प को चुना है तो बाद में आईटीआर को हस्ताक्षर कर बेंगलुरु भेज दें. इससे पहले आईटीआर सबमिट पर क्लिक कर दें.

ऑनलाइन में फॉर्म-1 और 4 से ही हो पाएगा ITR दाखिल
टैक्‍सपेयर अगर ऑनलाइन रिटर्न फाइल करना चाहता है तो सिर्फ फॉर्म-1 और फॉर्म-4 से ही दाखिल कर सकता है. बता दें कि इसके तहत वेतन से आय और अन्य स्रोत या हाउस प्रॉपर्टी से आय वाले ही आईटीआर फाइल कर सकते हैं. इसके लिए इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग पोर्टल www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं. इसके बाद ई-फाइलिंग में लॉगइन कर ई-फाइल मेन्यू के तहत इनकम टैक्स रिटर्न पर क्लिक करें. इसमें आपका पैन पहले से भरा होगा. अपना एसेसमेंट ईयर, आईटीआर फॉर्म नंबर, फाइलिंग टाइप और सबमिशन मोड चुनें. आईटीआर फॉर्म में एप्लिकेबल और मैंडेटरी फील्ड्स भरें. बेहतर होगा बार-बार सेव ड्राफ्ट पर क्लिक करते रहें.

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ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग के लिए DSC है जरूरी
ऑनलाइन आईटीआर फाइल करते समय इसके बाद टैक्‍स पेड एंड वेरिफिकेशन टैब में वेरिफिकेशन ऑप्शन चुनें. इसमें टैक्‍सपेयर के पास वैलिड आधार या प्रीवैलिडेटेड डीमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट होना चाहिए. डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट आपके पैन कार्ड के साथ ई-फाइलिंग के लिए रजिस्टर्ड होना चाहिए. इसमें टैक्‍सपेयर को आईटीआर को वेरिफाइ करने के लिए 120 दिन का समय भी मिलता है. अगर टैक्‍सपेयर चाहें तो इस विकल्‍प को चुन सकता है. वहीं, अगर कोई व्‍यक्ति चाहें तो आईटीआर को वेरिफाई कर पोस्ट के जरिये बेंगलुरु में इनकम टैक्स ऑफिस भेज सकता है. अगर कोई तुरंत वेरिफाई करना चाहता है तो उसे प्रिव्‍यू एंड सबमिट के ऑप्‍शन पर क्लिक करना होगा.

साफ्टवेयर से आईटीआर दाखिल करना है सबसे आसान
आईटीआर दाखिल करने का आखिरी विकल्‍प सॉफ्टवेयर के जरिये फाइल करना है. इससे हर तरह के आईटीआर फाइल किए जा सकते हैं. सॉफ्टेवयर के जरिये आईटीआर भरना आसान है. इसमें बार-बार एक डाटा भरने की जरूरत नहीं होती है. सॉफ्टवेयर एक बार बनाए गए मास्टर डाटा से सभी जरूरी डाटा उठा लेता है. सॉफ्टवेयर यूजर्स को कंपेरिजन, रिकांसिलेशन और एरर रेक्टिफिकेशन की सुविधा उपलब्‍ध कराता है. रिटर्न फाइल करने से पहले यूजर सॉफ्टवेयर की मदद से पहले से भरा हुआ फॉर्म हासिल कर सकता है और गलती सुधार सकता है.
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