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बैंकों ने 9 दिन के लोन मेले में ₹81700 करोड़ कर्ज बांटे- वित्त मंत्री

News18Hindi
Updated: October 14, 2019, 3:40 PM IST

वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की.

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  • Last Updated: October 14, 2019, 3:40 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की. PSBs के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. इस बैठक में इकोनॉमी (Economy) को बढ़ावा देने के प्लान के साथ NBFC और MSME को पर्याप्त फंड मुहैया कराने पर भी बातचीत हुई. उद्यमियों, किसानों और दूसरे जरूरतमंदों को कर्ज उपलब्ध कराने के लिये शामियाना लगाकर खुले में आयोजित ‘लोन मेले’ में बैंकों ने 9 दिन में कुल मिलाकर 81,700 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा है. बैंकों की ओर से यह आयोजन 1 अक्टूबर से शुरू किया गया था.

वित्त मंत्री ने बैठक के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री के पास उन कंपनियों की एक सूची है जिनका MSMEs पर 40,000 करोड़ रुपए बकाया है. उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट अफेयर्स सेक्रेटरी और बैंकिंग सेक्रेटरी यह डाटा बैंकों को देंगे. सीतारमण ने यह भी कहा कि ये डाटा मिलने के बाद बैंक इन सभी MSMEs से मुलाकात करेंगे और उनसे पूछेंगे कि क्या वो इस रकम में कोई डिस्काउंट दे सकते हैं. जिन कंपनियों पर यह रकम बकाया है उनका दावा है कि MSME पेमेंट के लिए छूट देने को तैयार हैं.

1 लाख करोड़ रुपये की गारंटी
इस बैठक में NBFC और MSME को पर्याप्त फंड मुहैया कराने पर भी बातचीत हुई. बैठक में यह फैसला किया गया कि जिस तरह रिटेल लोन बांटने के लिए बैंकों ने मिलकर लोन मेला लगाया गया था. इसी तरह MSME को लोन देने के लिए भी मेला लगाया जाएगा. NBFC के लोन को अगर बैंक खरीदते हैं तो सरकार 1 लाख करोड़ रुपए की गारंटी देगी. बैंकों की सलाह है कि NBFC की अच्छी क्वालिटी के लोन खरीदने के साथ ही कमजोर NBFC के अच्छी क्वालिटी के लोन भी खरीदे जा सकते हैं. इससे NBFC कंपनियों को फायदा होगा.

बैंकों ने लोन मेला में 81,700 करोड़ के कर्ज बांटे
वित्त सचिव राजीव कुमार में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 1 अक्टूबर से 9 अक्टूबर के बीच बैंकों द्वारा लगाए गए लोन मेला में 81,700 करोड़ रुपये के कर्ज बांटे गए. बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने त्योहारी सीजन में खपत बढ़ने के साथ दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने के उद्देश्य से सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों को लोन मेला लगाने के लिए कहा था. वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार देश के 400 जिलों में कैम्प लगवाएगी. बैंक इन जिलों में कैम्प लगाकर लोन उपलब्ध करवाएगी.

21 से 25 अक्टूबर लगेगा अगला लोन मेला
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अगला लोन मेला अब दिवाली के आसपास 21 से 25 अक्टूबर तक लगाया जाएगा. देश के 400 जिलों में लोन मेला लगाने की योजना है जहां लोगों को रोजगार के अलावा त्योहारों की खरीदारी के लिए भी लोन दिया जाएगा. यह कदम इकनॉमी को बूस्ट देने के लिए उठाया गया है.

PSBs ने पर्याप्त लिक्विडिटी का भरोसा दिया
वित्त सचिव ने बताया कि सरकारी बैंकों ने पर्याप्त लिक्विडिटी का भरोसा दिया है. PSBs को पर्याप्त क्रेडिट डिमांड की उम्मीद है.

बैंकों के विलय के बाद सबकुछ हो जाएगा सरल
फाइनेंस मिनिस्टर ने बैंकों के विलय पर कहा कि पूरी प्रक्रिया सामान्य तौर पर चल रही है. एक बैंक बोर्ड के सभी सदस्य मेन बैंक बोर्ड में शामिल होंगे. प्रक्रिया को आसान बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

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(हिन्दी मनीकंट्रोल इनपुट के साथ)

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First published: October 14, 2019, 2:44 PM IST
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