वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा-CSR शर्तों से जुड़े नियम तोड़ने पर जेल की सजा मामले पर फिर होगा विचार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की इंडस्ट्री को भरोसा दिया है कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व यानी CS की शर्तों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर सजा के प्रावधानों पर मोदी सरकार फिर से विचार करेगी.

News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 1:17 PM IST
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा-CSR शर्तों से जुड़े नियम तोड़ने पर जेल की सजा मामले पर फिर होगा विचार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
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Updated: August 10, 2019, 1:17 PM IST
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की इंडस्ट्री को भरोसा दिया है कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व यानी CSR की शर्तों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर सजा के प्रावधानों पर मोदी सरकार (Modi Government) फिर से विचार करेगी. उन्होंने कहा, 'हमारा इरादा किसी पर आपराधिक मुकदमा चलाने का नहीं है.आपको बता दें कि संसद ने कंपनी ऐक्ट (Companies Act) में एक संशोधन को पिछले हफ्ते मंजूरी दी, जिसके मुताबिक CSR का उल्लंघन करने पर कंपनियों को अपराधी घोषित किया जा सकता है. कंपनी के अधिकारियों को 3 साल की जेल हो सकती है और 50 हजार रुपये से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. उद्योग जगत ने इसका विरोध करते हुए वापस लेने क मांग की है.

क्या है कानून- 500 करोड़ रुपये की नेट वैल्यू, 1,000 करोड़ रुपये या ज्यादा का टर्नओवर या 5 करोड़ या अधिक नेट प्रॉफिट कमाने वाली कंपनियों को पिछले तीन साल के एवरेज प्रॉफिट का 2 पर्सेंट हर साल सीएसआर एक्टिविटी में लगाना होता है.

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कैफे कॉफी डे मामले पर वित्त ने कहा- वीजी सिद्धार्थ की आत्महत्या को लेकर टैक्स उत्पीड़न का मुद्दा जोरशोर से उठा था. इसको लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अगले हफ्ते से वह टैक्स उत्पीड़न से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में उद्योगपतियों से मिलेंगी और तुंरत मौके पर शिकायतों पर तेजी से काम होगा.

अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर तेजी से होगा काम- सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था में कुछ सुस्ती के बावजूद भारत सबसे तेजी से उभरती हई अर्थव्यवस्था बनी हुई है. सरकार और आरबीआई आपस में तालमेल बैठाकर काम कर रहे हैं. यह व्यवस्था निवेश को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी.

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उन्होंने कहा कि सरकार कभी नहीं चाहेगी कि उद्योग क्षेत्र के लिए काई कठिनाई हो. गौरतलब है कि इस समय वाहन और बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि अर्थव्यवस्था में नरमी की ओर इशारा कर रही है. इसके अलावा, एनबीएफसी को संकट का सामना करना पड़ रहा है.
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उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय क्षेत्र की चिंताओं पर गौर कर रही है और उन्हें दूर करेगी. वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि इस समस्या को सुलझाने के लिए आगामी हफ्तों में कदम उठाए जाएंगे.
First published: August 10, 2019, 1:14 PM IST
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