कैश निकालने पर देना होगा TDS, वित्त मंत्री ने संसद में बताया क्यों उठाना पड़ा ये कदम

वित्त मंत्री ने बैंक खाते से एक साल के दौरान 1 करोड़ रुपये से ज्यादा के कैश निकालने पर टीडीएस लगाने के प्रस्ताव पर सफाई देते हुए कहा है कि कुछ कंपनियों बड़े पैमाने पर कैश निकाल रही थी.

News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 3:47 PM IST
कैश निकालने पर देना होगा TDS, वित्त मंत्री ने संसद में बताया क्यों उठाना पड़ा ये कदम
कैश निकालने पर देना होगा TDS, जानें क्यों उठाना पड़ा ये कदम
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Updated: July 11, 2019, 3:47 PM IST
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बैंक खाते से एक साल के दौरान 1 करोड़ रुपये से ज्यादा के कैश निकालने पर टीडीएस लगाने का प्रस्ताव दिया है. इस मामले को लेकर वित्त मंत्री ने संसद में सफाई देते हुए कहा है कि कुछ कंपनियों बड़े पैमाने पर कैश निकाल रही थी. इसीलिए इस प्रवृत्ति को देखते हुए सरकार ने एक सीमा से अधिक के कैश निकालने पर 2 फीसदी TDS (धन के स्रोत पर कर की कटौती) का प्रावधान किया है. आपको बता दें कि वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में 448 कंपनियां ऐसी रहीं, जिन्होंने बैंक खातों से 5.56 लाख करोड़ रुपये की राशि की नकद निकासी की. यही वजह है कि सरकार को बैंक खाते से साल में एक करोड़ रुपये से अधिक की निकासी करने वाले व्यक्तियों और इकाइयों पर टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लगाना पड़ा है. उपरोक्त 448 इकाइयों के मामले में प्रत्येक ने अपने बैंक खातों से साल में 100-100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली.

अब क्या है नया कानून- वित्त मंत्री ने बैंक से कैश निकालने पर भी टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सालभर में अगर कोई व्यक्ति बैंक से 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का कैश निकालता है तो उस पर 2 फीसदी अतीरिक्ट टीडीएस लगाया जाएगा.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था, कारोबारी भुगतान नकद में करने को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से मैं बैंक खाते से एक साल में एक करोड़ रुपये से अधिक की निकासी पर दो प्रतिशत टीडीएस का प्रस्ताव करती हूं.

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आंकड़ों पर एक नज़र

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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2017-18 में करीब दो लाख लोगों और इकाइयों ने बैंक खातों से एक-एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली. इन इकाइयों ने कुल मिलाकर 11.31 लाख करोड़ रुपये की निकासी की.

>> वित्त वर्ष 2017-18 में 1.03 लाख से अधिक इकाइयों ने एक से दो करोड़ रुपये की निकासी की और उनकी कुल मिलाकर निकासी 1.43 लाख करोड़ रुपये रही. वहीं 58,160 इकाइयों ने दो से पांच करोड़ रुपये की निकासी की और उनकी कुल मिला कर नकद निकासी 1.75 लाख करोड़ रुपये थी.
> इसी तरह 14,552 इकाइयां ऐसी थीं जिन्होंने साल के दौरान बैंक खातों से 5 से 10 करोड़ रुपये निकाले और उनकी कुल निकासी 98,900 करोड़ रुपये रही. इसके अलावा 7,300 लोग ऐसे रहे जिन्होंने 10 से 100 करोड़ रुपये की निकासी की. उनकी कुल निकासी 1.57 लाख करोड़ रुपये रही.

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