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वित्त मंत्री ने कहा- बिजली वि​तरण कंपनियों को पैसे दिया ताकि वो किसानों मुफ्त में बिजली मुहैया करा सकें

News18Hindi
Updated: May 20, 2020, 5:15 PM IST
वित्त मंत्री ने कहा- बिजली वि​तरण कंपनियों को पैसे दिया ताकि वो किसानों मुफ्त में बिजली मुहैया करा सकें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

कोरोना के इस संकट में 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) नेटवर्क 18 के साथ खास बातचीत में बताया कि बिजली कंपनियों को पैसा दिया ताकि वो फ्री में किसानों को बिजली दें.

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नई दिल्ली. कोरोना के इस संकट में 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India Nirmala Sitharaman) नेटवर्क 18 के साथ खास बातचीत में उन्होंने कहा, बिजली वि​तरण कंपनियों (Discoms) को पैसे दिया गया है ताकि वो गरीबों और किसानों को मुफ्त में बिजली मुहैया करा सकें.

चीन को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि इस समय कंपनियों की वैल्युएशन बेहद कम है. लेकिन, हम ऐसा नहीं चाहते कि कंपनियों को वैल्युएशन कम है तो उन्हें भारत में लाया जाए या यहां की कंपनियों के लिए मौके कम किए जाएं. अपने पड़ोसी देशों के लिए हमने कुछ संशोधन किए हैं.

विदेशी कंपनियों के लिए हम चाहते है कि वो हमारे नीतियों को भांप सकें और फिर अपना फैसला लें. हम उनकी सहूलियतें बढ़ाना चाहते हैं, कारोबार के मौकों को आसान करने पर ध्यान दे रहे. प्रधानमंत्री ने भी कारोबार की सुगमता पर विशेष ध्यान दिया है. हम चाहते हैं कि कंपनियों के लिए टैक्स स्ट्रक्चर भी बेहतर हो.
एविएशन, टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी को लेकर उन्होंने कहा कि इस पैकेज का असर उनपर भी पड़ेगा. ये सेक्टर्स भी बैंकों से पैसे लेकर काम करते हैं. उनके पास सभी विकल्प मौजूद है. कृषि सेक्टर को छोड़कर किसी अन्य सेक्टर को लेकर हमने कोई विशेष ऐलान किया है. हम ऐसे कदम उठाएं हैं, जिसका लाभ हर सेक्टर तक पहुंच सकेगा. कृषि सेक्टर पर इसलिए विशेष ध्यान दिया गया ताकि किसानों की आय बढ़ सके.



कई लोगों ने सुझाव दिया कि लोगों के हाथ में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाएं. लेकिन, आर्थिक पैकेज में किए गए ऐलान इन सब सुझावों में बेस्ट था. इस पैकेज का असर दूरगामी होगा. अब कारोबार शुरू हो सकेंगे. हमने सुनिश्चित किया है कि अब वर्कर्स को मेहनताना दिया जा सके.



अब कोई बड़ा ऐलान नहीं किया जाएगा. हम डिमांड बढ़ाने के रास्ते पर काम कर रहे हैं. जब इंडस्ट्रीज लॉकडाउन में हैं, एमएसएमई काम नहीं कर रहे हैं, इस दौरान में हमने विचार किया कि कैसे उनकी मदद की जाए. जरूरतमंदों के लिए कैश ट्रांसफर करना हमारा सबसे पहला मैसेज था. पहला पैकेज लॉकडाउन के तुरंत बाद ऐलान कर दिया गया था. वो कुछ विशेष वर्ग के लिए था ताकि कोई भूखा ना रहे.

बिजली कंपनियों को पैसा दिया ताकि वो फ्री में किसानों को बिजली दें- वित्त मंत्री ने कहा DISCOMS को पैसा इसलिए दिया गया है ताकि वे गरीबों और किसानों को मुफ्त बिजली प्रदान कर सकें. आत्मनिर्भर भारत अभियान (Self-reliant india campaign) के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 90,000 करोड़ रुपये के पैकेज देने का ऐलान किया है. ये पैसा दो चरणों में जारी किया जाएगा. हर चरण में 45,000 करोड़ रुपये की किस्त दी जाएगी. सरकार ने केंद्रीय बिजली उत्पादन कंपनियों (Central power generation companies)और केंद्रीय बिजली वितरण कंपनियों को लॉकडाउन (Lockdown) अवधि के दौरान डिस्कॉम (Discom) को आपूर्ति की गयी बिजली पर 20-25% की छूट देने पर विचार करने को को कहा है. वहीं सरकार ने कहा है कि इस छूट से डिस्कॉम की जो लागत घटेगी इसका फायदा उपभोक्ताओं को भी मिले इसे सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है.

आपको बता दें कि कोरोना वायरस संकट (Coronavirus Crisis) से देश की अर्थव्यवस्था को उबारने और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की.इस राहत पैकेज के तहत केंद्र हर स्तर पर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों की मदद के ​लिए कई तरह के कदम उठाने का ऐलान किया है.

20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज को मिल सकती है मंजूरी
बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को मंजूरी मिल सकती है. आर्थिक पैकेज में सभी सेक्टर्स के लिए ऐलान हुए हैं. आम आदमी से लेकर कंपनियों को इसमें राहत मिली है.

आर्थिक राहत पैकेज की पहली किस्त-
>> इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, ​पावर डिस्कॉम्स और​ रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कई प्रमुख ऐलान किए गए. बिजली वितरण कंपनियों के लिए सरकार ने 90,000 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी प्रदान करने का ऐलान किया. इससे इन कंपनियों को मौजूद वित्तीय संकट से बाहर निकलने में मदद मिलेगी.

>>केंद्र सरकार ने नॉन-सैलरी पेमेंट्स पर TDS और TCS में 25 फीसदी तक कटौती करने का ऐलान किया है. हालांकि, वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कॉन्ट्रैक्ट पेमेंट, ब्याज, किराया, डिविडेंड और कमीशन या ब्रोकरेज पर भी यह लागू होगा. उन्होंने कहा कि इस कटौती के बाद लोगों के हाथ में 50 हजार करोड़ रुपये बच सकेंगे.

>> इसके अलावा, वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2020 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तारीख को 30 नवंबर 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है.

आर्थिक राहत पैकेज की दूसरी किस्त-
>> इस राहत पैकेज की दूसरी किस्त में सरकार ने प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी लगाने वाले, छोटे कारोबारी, छोटे व सीमांत किसानों और स्वरोजगार वाले लोगों के​ लिए ऐलान किए हैं. सरकार ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के लिए मुफ्त में दो महीने तक अनाज की सप्लाई की जाएगी. देशभर में वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत किसी भी राज्य के पीडीसी सेंटर से अनाज प्राप्त किया जा सकेगा.
>> प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रवासी मजदूरों और शहरी क्षेत्रों में गरीबों के रहने के लिए किफायती किराये पर रहने के लिए घर मुहैया कराया जाएगा. देशभर के करीब 50 लाख रेहड़ी और फेरी वालों के लिए केंद्र सरकार 5,000 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी देगी. लोवर मीडिल इनकम ग्रुप के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की डेडलाइन को 31 मार्च 2021 तक कर दिया गया है. इसमें सालाना में 6 लाख रुपये से 18 लाख रुपये की कमाई करने वाले लोगों को फायदा मिल सकेगा.
>> मुद्रा स्कीम के तहत शिशु लोन पर दिए जाने वाले ब्याज में 2 फीसदी की रियायत दी जाएगी.आदिवासी और ट्राइबल्स के लिए CAMPA के लिए 6,000 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा. इसके लिए विभिन्न राज्य अपने स्तर पर काम करेंगे.
>> छोटे और सीमांत किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल मुहैया कराया जाएगा. संस्थागत कर्ज के तहत 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे.

आर्थिक राहत पैकेज की तीसरी किस्त-
>> एग्रीगेटर्स, किसानाा उत्पादक संगठन यानी एफपीओ, प्राइमरी कृषि सहकारी सोसाइटी को ढांचागत स्तर पर मजबूत करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का फंड मुहैया कराया जाएगा. माइक्रो फूड एंटरप्राइज के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड मुहैया कराया जाएगा. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली पालकों को 20 हजार करोड़ रुपये मुहैया कराये जाएंगे.
>> नेशनल एनिमल डिजिज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत पशुओं के टीकाकरण पर 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके तहत करीब 53 हजार करोड़ रुपये पशुओं का टीकाकरण हो सकेगा. एनिमल हस्बेंड्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के तहत 15,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. देशभर में हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने और इनकी फसलों के लिए 4,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा.
>> मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे. 'From TOP to TOTAL' स्कीम के तहत सरकार 500 करोड़ रुपये जारी करेगी. आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किया जाएगा ताकि किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर दाम मिल सके और कृषि सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जा सके. किसानों को आकर्षक दाम पर अपने उत्पाद बेचने और अंतर्राज्यीय ट्रेड के लिए नया केंद्रीय कानून बनाया जाएगा. कृषि उत्पादों को बेचने के लिए ई-ट्रेडिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

आर्थिक राहत पैकेज की चौथी किस्त-
>> चौथी किस्त में सरकार ने कोयला, ​खनिज, डिफेंस उत्पादन, एयरस्पेस मैनेजमेंट, एयरपोर्ट्स, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल, बिजली वितरण, स्पेस और एटॉमिक एनर्जी को लेकर ऐलान किए गए. अब देश में कोयला खादान के क्षेत्र में सरकार का वर्चस्व कम होगा और इसमें प्राइवेट कंपनियों को लाया जाएगा. इवैक्युएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
>> नीलामी के लिए जरिए 500 खनन ब्लॉक्स का आवंटन किया जाएगा. यह क्सप्लोरेशन-कम-माइनिंग-कम-प्रोडक्शन व्यवस्था के तहत किया जाएगा. डिफेंस प्रोडक्शन में विदेशी निवेश को मौजूदा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी किया जाएगा. सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के तहत गैप फंडिंग के जरिए कुल 8,100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
>> देशभर में एयरस्पेस को पहले की तुलना में और भी बढ़ाया जाएगा. इससे एविएशन इंडस्ट्री में प्रति वर्ष 1,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकेगी. केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण का निजीकरण किया जाएगा. इससे ग्राहक सेवा बेहतर हो सकेगी और वितरण दक्षता बढ़ेगी. प्राइवेट सेक्टर को इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी इसरो की सुविधाओं को लाभ देने की मंजूरी दी जाएगी. प्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन, आउटर स्पेस ट्रैवल को प्राइवेट सेक्टर के लिए भी खोला जाएगा.
>> मेडिकल आइसोटोप्स के उत्पादन और रिसर्च के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए केंद्र सरकार रिसर्च रिएक्टर की स्थापना करेगी. इसके तहत कैंसर व अन्य गंभरी बीमारियों को इलाज को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा.

आर्थिक पैकेज की पांचवी किस्त-
>> आ​र्थिक राहत पैकेज के पांचवें और अंतिम किस्त में सरकार ने मनरेगा के तहत अतिरिक्त 40 हजार करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया है. इसके पहले बजट में ही सरकार ने 61,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था. वित्त मंत्री ने बताया कि इससे घरों की तरफ लौट रहे ग्रामीण मजदूरों को काम मिल सकेगा.
>> भविष्य की महामारियों के लिए भारत को तैयार करने के लिए सरकार स्वास्थ्य पर सार्वजनिक खर्च को बढ़ाया जाएगा. कारोबार सुगमत को बढ़ावा देने लिए भी सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठाएगी. इनमें भारतीय सार्वजनिक कंपनियों द्वारा प्रतिभूतियों को प्रत्यक्ष विदेशी क्षेत्र में प्रतिभूतियों की प्रत्यक्ष सूची शामिल है.
>> सरकार ने कंपनी अधिनियम की अवहेलना करने के लिए कदम उठाए हैं. इसके तहत 7 कंपाउंडेबल अपराधों को पूरी तरह से हटा दिया गया और 5 को वैकल्पिक ढांचे के तहत निपटाने की बात कही गई है. कारोबारी सुगमता को बढ़ाने के लिए सरकार ने एक साल के लिए नई इन्सॉल्वेंसी प्रक्रियाओं को सस्पेंड कर दिया है, इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत COVID—19 से संबंधित कर्ज को 'डिफॉल्ट' की श्रेणी में नहीं डाला जाएगा.
>> पीएम ई-विद्या- डिजिटल/ ऑनलाइन शिक्षा के लिए मल्टी-मोड एक्सेस के लिए एक कार्यक्रम तुरंत लॉन्च किया जाएगा. शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों को 30 मई तक स्वचालित रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी जाएगी. इसके अलावा बच्चों को उचित शिक्षा देने के लिए 12 चैनल बनेंगे. इसके लिए एक क्लास एक चैनल की व्यवस्था की जाएगी. दीक्षा ऐप को और भी ज्यादा बढ़ावा दिया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि हर राज्य से चार घंटे का स्टडी मटीरियल मंगाया गया है. कम्युनिटी रेडियो और पॉडकास्ट की जाएगी. दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष ई-कंटेंट तैयार किया जाएगा.

आ​त्मनिर्भर भारत बनाने में कैसे हुए 20 लाख करोड़ रुपये का आवंटन
सके तहत आरबीआई द्वारा उठाए कदम में 8.01 लाख करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.92 लाख करोड़ रुपये भी शामिल किए गए हैं. इसके ​अलावा बीते 5 दिनों में सरकार ने विभिन्न माध्यमों से कुल 11.02 लाख करोड़ रुपये का ऐलान किया है. पहली किस्त में किए गए ऐलानों पर कुल 5.94 लाख करोड़ रुपये, दूसरी किस्त में 3,10 लाख करोड़ रुपये और तीसरी किस्त में 1.50 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा चौथी और पांचवी किस्त में सरकार ने 48,100 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है.
First published: May 20, 2020, 4:23 PM IST
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