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दुबई जैसे देशों में काम कर रहे भारतीयों के लिए बदले इनकम टैक्स नियमों पर सरकार ने दी ये सफाई

News18Hindi
Updated: February 3, 2020, 10:47 AM IST

सरकार ने साफ किया कि उसका मिडिल ईस्ट (सऊदी अरब, दुबई जैसे देश) में काम करने के लिए गए भारतीय नागरिकों से टैक्स वसूलने का कोई इरादा नहीं है. यह कहना गलत होगा कि उन नागरिकों पर वहां टैक्स नहीं लगता है, इसलिए भारत में उन्हें टैक्स देना होगा.

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  • Last Updated: February 3, 2020, 10:47 AM IST
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नई दिल्ली. आम बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने एनआरआई यानी प्रवासी भारतीय नागरिकों (NRIs-Non-resident Indians) के लिए बनाए गए नए टैक्स (New Income Tax Norms) नियमों पर सफाई दी है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसी भारतीय को देश के बाहर हुई कमाई रकम पर कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा. हालांकि इसमें यह शर्त जोड़ी गई है कि उस रकम से भारत में होने वाली (व्यापार या संपत्ति में निवेश से) किसी तरह की कमाई पर ही टैक्स लगेगा. सरकार ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर कानून में इससे संबंधित स्पष्टीकरण भी जोड़ा जाएगा. आपको बता दें कि सरकार ने साफ किया कि उसका मिडिल ईस्ट (सऊदी अरब, दुबई जैसे देश) में काम करने के लिए गए भारतीय नागरिकों से टैक्स वसूलने का कोई इरादा नहीं है. यह कहना गलत होगा कि उन नागरिकों पर वहां टैक्स नहीं लगता है, इसलिए भारत में उन्हें टैक्स देना होगा.

बदले इनकम टैक्स के नियम- एनआरआई को लेकर फाइनेंस बिल 2020 में कहा गया है कि भारतीय नागरिकों की दुनिया भर में हुई कमाई (ग्लोबल इनकम) पर भारत में टैक्स लगाया जाएगा.

>> इसका मतलब यह है कि ऐसे भारतीय जो दुनिया में किसी और कानून के तहत या किसी देश में टैक्स नहीं चुका रहे हैं, उन पर देश के अन्य नागरिकों की तरह ही टैक्स कानून लागू होंगे.

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>> सरकार ने कहा है कि नए प्रावधान में उसका उद्देश्य ऐसे भारतीय नागरिकों को टैक्स के दायरे में लाने का नहीं है, जो वास्तव में काम करने के लिए विदेश गए हैं.>> सरकार ने यह पाया कि टैक्स से बचने के लिए कुछ भारतीय नागरिक कम या शून्य टैक्स कानूनों वाले देशों में रहने लगते हैं. ऐसे लोगों को देश की कर प्रणाली में खामियों का फायदा उठाने से रोकने के लिए सरकार ने एनआरआई स्टेटस के प्रावधानों में बदलाव किया है.

>> मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, अगर कोई भारतीय नागरिक भारत से 182 दिनों से ज्यादा दुनिया के किसी दूसरे देश में रहता है, तो उसे प्रवासी भारतीय (नॉन रेजिडेंट इंडियन) का दर्जा मिल जाता है.



>> नए प्रावधानों के मुताबिक, नॉन रेजिडेंट स्टेटस के यह जरूरी होगा कि वह साल में 120 दिन से ज्यादा देश में न रहे. इसका मतलब यह है कि एनआरआई दर्जे के लिए साल में 245 दिन देश से बाहर रहना होगा.

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First published: February 3, 2020, 9:30 AM IST
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