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वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण का ऐलान! सरकारी कंपनियों में केंद्र की हिस्‍सेदारी बेचने में लाएंगे तेजी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्‍सेदारी बेचने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्‍सेदारी बेचने की दिशा में आगे बढ़ेगा.

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) की ओर से सरकारी हिस्‍सेदारी की बिक्री (Government Stake Sale) की मंजूरी मिल चुकी कंपनियों के विनिवेश (Disinvestment) में तेजी लाई जाएगी. केंद्र ने वित्त वर्ष 2020-21 में सरकारी कंपनियों की हिस्‍सेदारी बेचकर 2.01 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जबकि महज 11,006 करोड़ रुपये ही जुटा पाई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 18, 2020, 5:00 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के विनिवेश (PSUs Disinvestment) पर आगे बढ़ेगी. उन्‍होंने कहा कि जिन कंपनियों में सरकारी हिस्‍सेदारी की बिक्री (Government Stake Sale) के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) की मंजूरी मिल चुकी है, उनके विनिवेश में तेजी लाई जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले कहीं ज्‍यादा है. इससे साफ है कि देश की आर्थिक बुनियाद काफी मजबूत है और इसमें सुधारों की बहुत क्षमता है.

सरकार भारतीय कंपनियों में लंबी अवधि का निवेश लाने में बनी मददगार
वित्‍त मंत्री ने कहा कि स्थिर सरकार भारतीय कंपनियों में लंबी अवधि के लिए विदेशी निवेश लाने में मददगार साबित होती है. सीतारमण ने इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ICC) की वार्षिक आम सभा में कहा कि महामारी के दौरान कुछ बड़ी कंपनियों में हिस्‍सेदारी बेचने के को लेकर किए गए प्रयास अच्छे से चल रहे हैं. रुचि पत्र (EOI) आ चुके हैं और अगला चरण चल रहा है. इस वित्त वर्ष में भी यह हो सकता है. उन्‍होंने उम्मीद जताई, 'दीपम (DIPAM) यह साबित करने में सफल रहेगा कि विभाग उन विनिवेश प्रयासों में ज्‍यादा तेजी से जुटा है, जिनके लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है.

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2.01 लाख करोड़ के लक्ष्‍य के मुकाबले जुटाए सिर्फ 11,006 करोड़


केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में सरकारी कंपनियों की हिस्‍सेदारी बेचकर 2.01 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. कोविड-19 महामारी के कारण ये कार्यक्रम पटरी से उतर गया है. अब तक सरकार केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में अल्पांश हिस्सेदारी बेचकर महज 11,006 करोड़ रुपये ही जुटा पाई है, जबकि मंत्रिमंडल 25 से अधिक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की रणनीतिक बिक्री को मंजूरी दे चुका है. इन कंपनियों का मैनेजमेंट कंट्रोल भी ट्रांसफर किया जाएगा. इन कंपनियों में एयर इंडिया (Air India), बीपीसीएल (BPCL), पवन हंस, स्कूटर्स इंडिया, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML), शिपिंग कॉरपोरेशन, सीमेंट कॉरपोरेशन और सेल (SAIL) के कुछ इस्पात संयंत्र शामिल हैं.



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वित्‍त मंत्री ने कहा, मौजूदा हालात में सरकार का हर प्रयास नाकाफी है
बीपीसीएल और एयर इंडिया की बिक्री की प्रक्रिया अभी चल रही है. सरकार को दोनों कंपनियों के लिए कई रुचि पत्र मिले हैं. सीतारमण ने कहा कि सरकार ने महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए कई उपाय किए हैं. हालांकि, हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अर्थव्यस्था को उबारने के लिए किए जा रहे सभी प्रयास नाकाफी हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे समेत सभी सेक्‍टर्स में सरकारी खर्च जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दी गई टैक्‍स रियायतों के कारण कई विदेशी सरकारी फंड और पेंशन फंड भारत आने के इच्छुक हैं. दरअसल, हमारी सरकार प्रगतिशील सुधार कर रही है. यह ऐसी सरकार है जो मजबूत फैसले लेने से हिचकिचाती नहीं है.
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