इकॉनमी ग्रोथ को लेकर वित्त मंत्रालय का बड़ा बयान कहा- कृषि से लेकर एनर्जी छेत्र तक सब चीजों की बढ़ी मांग

इकॉनमी ग्रोथ को लेकर वित्त मंत्रालय का बड़ा बयान कहा- कृषि से लेकर एनर्जी छेत्र तक सब चीजों की बढ़ी मांग
इकॉनमी ग्रोथ को लेकर वित्त मंत्रालय का बड़ा बयान कहा- सब सेक्टर्स में बढ़ी मांग

वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने मंगलवार को कहा कि कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) के दम पर अर्थव्यवस्था (Economy) में तेजी लौटती दिखाई दे रही है. जिस वजह से इकॉनमी में बूस्ट दिखने लगा है. मंत्रालय ने कहा है कि कृषि उत्पाद में खरीद, खाद बिक्री, ऊर्जा मांग, माल आवाजाही, डिजिटल ट्रांसजेक्शन और विदेशी मुद्रा आमदनी में वृद्धि से ये संकेत मिल रहे हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने मंगलवार को कहा कि कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) के दम पर अर्थव्यवस्था (Economy) में तेजी लौटती दिखाई दे रही है. जिस वजह से इकॉनमी में बूस्ट दिखने लगा है. मंत्रालय ने कहा है कि कृषि उत्पाद में खरीद, खाद बिक्री, ऊर्जा मांग, माल आवाजाही, डिजिटल ट्रांसजेक्शन और विदेशी मुद्रा आमदनी में वृद्धि से ये संकेत मिल रहे हैं.

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव है. सामान्य मानसून अर्थव्यवस्था के लिए मददगार होगा. सरकारी एजेंसियों ने 16 जून तक किसानों से रिकॉर्ड 382 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद की है. यह 2012-13 की रिकॉर्ड खरीद से अधिक है. इसे कोविड-19 की महामारी की चुनौती और सोशल डिस्टेंशिंग के प्रतिबंधों के बीच अंजाम दिया गया है. 42 लाख किसानों को एमएसपी के रूप में कुल 73,500 करोड़ रुपए दिए गए हैं.

ये भी पढ़ें:- कभी उधार के पैसों से रखी थी बाबा रामदेव ने पतंजलि की नींव, अब दे रही हैं बड़ी कंपनियों को टक्कर



खादों की बिक्री भी कृषि क्षेत्र का एक संकेतक
वित्त मंत्रालय ने आगे कहा कि इसी तरह 16 राज्यों में रिकॉर्ड 79.42 करोड़ रुपए के माइनर फॉरेस्ट प्रड्यूस खरीदे गए हैं. किसानों ने 19 जून तक 1.313 करोड़ हेक्टेयर भूमि में खरीफ की फसल बुआई की है, यह पिछले साल से 39 फीसदी अधिक है. तेल बीज, दाल और कपाल की खेती के रकबे में वृद्धि हुई है.

ये भी पढ़ें:- जल्द ATM से सिर्फ 5000 रुपए निकालने की सीमा हो सकती है तय, जानिए क्या है ये प्लान?

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि खादों की बिक्री भी कृषि क्षेत्र का एक संकेतक है. मई 2020 में पिछले साल के मुकाबले 98 फीसदी की तेजी के साथ 40.02 लाख टन खाद बिक्री हुई है. इससे कृषि क्षेत्र की मजबूती का पता चलता है. वित्त मंत्रालय ने कहा कि यद्यपि जीडीपी में भले ही इस क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान (इंडस्ट्री और सर्विसेज की तुलना में) ना हो, लेकिन इसमें वृद्धि का सकारात्मक प्रभाव बड़ी आबादी पर पड़ता है, जोकि खेती पर निर्भर है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading