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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- GST में खामियां हैं, लेकिन अब यह कानून है, सभी को करना होगा पालन

News18Hindi
Updated: October 12, 2019, 7:30 AM IST
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- GST में खामियां हैं, लेकिन अब यह कानून है, सभी को करना होगा पालन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पुणे में एक कार्यक्रम में कारोबारी, उद्यमियों और CA से बातचीत में कहा कि यह देश का कानून है और इसका सभी को पालन करना होगा.

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  • Last Updated: October 12, 2019, 7:30 AM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) पर बात करते हुए कहा कि यह देश का कानून है और इसका पालन सभी को करना होगा. वित्त मंत्री (Finance Minister) ने कहा कि GST में खामियां हो सकती हैं, जिनसे लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन यह देश का कानून है. इसका पालन सभी को करना होगा. उन्होंने कहा कि यह देश के संसद में और सभी विधानसभाओं में पारित हुआ है.

​शुक्रवार को वित्त मंत्री ने पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में व्यापारियों, उद्यमियों और सीए से बातचीत कर रहीं थी. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी कानून लोगों की अपेक्षाओं पर पहले दिन से खरा नहीं उतरा है. उन्होंने कहा कि मैं खुद पहले दिन से चाहती थी कि यह लोगों की अपेक्षाओं पर पूरी तरह से खरा उतरे, लेकिन माफी के साथ कहती हूं कि यह आप लोगों की परेशानियों को दूर नहीं कर पाया है.



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GST स्लैब में बड़ा बदलाव कर सकती है सरकार
करीब दो साल पहले ही सरकार ने 1 जुलाई 2017 को वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax) लागू किया था. अब ऐसी खबर आ रही है कि केंद्र सरकार GST में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव कर सकती है. संभव है कि सरकार जीएसटी दरों (GST Rates) को नए तरीके से सेट करने के साथ ही स्लैब्स (GST Slabs) की स्क्रुटनी भी करे ताकि जीएसटी लीकेज को नियंत्रित किया जा सके.

पीएमओ के साथ राज्यों के सचिवों की बैठक
जीएसटी दरों को रिव्यू करने के लिए राज्य व केंद्र स्तर पर 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. आज यानी शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister's Office) ने सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों के साथ बैठक की. इस बैठक से ठीक एक दिन पहले 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. PMO के साथ राज्यों के सचिवों के साथ बैठक में जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने को लेकर चर्चा चल रही है.

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पिछले दो माह में GST कलेक्शन लक्ष्य से नीचे
इस बैठक में जीएसटी का गलत तरीके से फायदा उठाने से बचने के लिए ​कोई सिस्टेमैटिक बदलाव, अनुपालन और ओवरऑल अनुपालन को मॉनिटर करने को लेकर भी चर्चा होनी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कई सेक्टर्स में टैक्स लीकेज से निपटने के अलावा इस बैठक में जीएसटी रेट्स को भी रिव्यू किया जाएगा. बीते दो माह से जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से कम रहा है. ​फाइनेंस कमीशन ने भी जीएसटी स्लैब्स के रिव्यू करने की मांग की है.

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First published: October 11, 2019, 9:32 PM IST
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